जयपुर Vivah Panchami 2021: आठ दिसंबर को है विवाह पंचमी, जानिए महत्व, मुहूर्त और पूजा विधान

Vivah Panchami 2021: आठ दिसंबर को है विवाह पंचमी, जानिए महत्व, मुहूर्त और पूजा विधान

Vivah Panchami 2021: आठ दिसंबर को है विवाह पंचमी, जानिए महत्व, मुहूर्त और पूजा विधान

जयपुर: मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को विवाह पंचमी के रूप में मनाया जाता है. शास्त्रों के अनुसार इस दिन का विशेष महत्व है. प्रथा है कि इस दिन पुरुषोत्तम श्रीराम का विवाह माता सीता से हुआ था. हर साल इस दिन को भगवान राम और मां सीता की शादी की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है. ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस साल विवाह पंचमी का शुभ दिन बुधवार 8 दिसंबर को है. इस दिन सीता-राम के मंदिरों में विशाल आयोजन होते हैं. भक्त पूजा, यज्ञ और अनुष्ठान करते हैं. कई स्थानों पर श्री रामचरितमानस का पाठ भी किया जाता है. 

सुयोग्य जीवनसाथी के लिए उपाय:
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हो या फिर विलंब हो रहा हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन व्रत रखना चाहिए और विधि-विधान के साथ भगवान राम और माता सीता का पूजन करना चाहिए. इसी के साथ प्रभु श्री राम और माता सीता का विवाह संपन्न करवाना चाहिए. पूजन के दौरान अपने मन में मनोकामना कहनी चाहिए. मान्यता है कि इससे शीघ्र विवाह के योग बनते हैं साथ ही सुयोग्य जीवन साथी की प्राप्ति होती है.

शीघ्र विवाह और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उपाय:
कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही हो या वैवाहिक जीवन में समस्याएं चल रही हो उन्हें विवाह पंचमी के दिन विधिपूर्वक पूजन करने के साथ ही रामचरितमानस में  दिए गए राम-सीता प्रसंग का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि पूर्ण श्रद्धा से यह पाठ करने पर वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और विवाह में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं. 

रामचरितमानस का पाठ:
कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि मार्गशीर्ष की पंचमी तिथि को ही तुलसीदास जी ने रामचरितामानस पूर्ण की थी, साथ ही राम जी और सीता जी का विवाह भी इसी दिन हुआ था इसलिए विवाह पंचमी के दिन रामचरितमानस का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि यदि इस दिन रामचरितमानस का पाठ किया जाए तो घर में सुख-शांति आती है साथ ही मनोकामना पूर्ण होती है.

विवाह पंचमी का महत्व:
भविष्यवक्ता अनीष व्यास ने बताया कि यह दिन उन लोगों के लिए बहुत शुभ माना जाता है. जिनके विवाह में कोई बाधा आ रही है. ऐसे व्यक्तियों को विवाह पंचमी के दिन विधि विधान से भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करनी चाहिए. इससे शादी में आ रही रुकावटें दूर होती हैं. साथ ही अच्छा जीवनसाथी प्राप्त करें. इतना ही नहीं अगर शादीशुदा लोग इस व्रत को रखते हैं, तो विवाह में होने वाली सभी परेशानियां दूर हो जाती है. विवाह पंचमी के दिन घर में रामचरितमानस का पाठ करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है.

विवाह पंचमी पूजा विधि:
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक अनीष व्यास ने बताया कि इस दिन जातक सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और पूजा के लिए साफ कपड़े पहनें. भगवान राम और माता सीता की मूर्ति स्थापित करें. प्रभु राम को पीले वस्त्र और माता सीता को लाल वस्त्र अर्पित करें. फिर तिलक करें, धूप करें और विधि-विधान से पूजा शुरू करें. साथ ही मिट्टी के दीये जलाएं और इससे अपने घर को सजाएं.

विवाह पंचमी शुभ मुहूर्त:-
तिथि आरंभ: 07 दिसंबर 2021 (रात 11:40 मिनट से)
तिथि समाप्त: 08 दिसंबर 2021 (रात 09:25 मिनट तक)

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