रामगढ़ विधानसभा सीट के लिए वोटिंग शुरू, 4 बूथों पर ईवीएम मशीनों में आई खराबी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/28 08:44

रामगढ़(अलवर)। अलवर के रामगढ़ विधानसभा में बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह चौधरी के निधन के बाद चुनाव स्थगित होने के बाद आज वापस हो रहे चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है। क्षेत्र में 2018 टीमें कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान करवा रही हैं। बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण स्थगित हुए चुनाव में आज 20 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला मत पैटियों में बंद होने जा रहा है। आज हो रही वोटिंग का परिणाम 31 जनवरी को घोषित किया जाएगा। वहीं आज मतदान प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही 4 बूथों पर ईवीएम मशीनों में खराबी की जानकारी मिली है।

अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित हुए और फिर से चुनाव की घोषणा हुई। इस बीच कई गणित बदल गए। बसपा ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह को चुनाव मैदान में उतार दिया। जगत सिंह भाजपा से कामां विधायक थे, जिनका इस बार भाजपा ने टिकट काट दिया। कांग्रेस ने लगातार दो बार से हार रहे जुबेर खान का टिकट काटकर जिला प्रमुख रही उनकी पत्नी सफिया खान को प्रत्याशी बनाया था। वहीं भाजपा ने लगा तार दो बार से विधायक ज्ञानदेव आहूजा का टिकट काटकर यहां प्रधान रहे सुखवंत सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया था। रामगढ़ में यूं देखे तो मुकाबला त्रिकोणीय हो गया। तीनों ही मजबूत प्रत्याशी जीत के दावे कर रहे हैं रामगढ़ विधानसभा सीट पर कुल 20 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मतदाता किसके सर पर ताज पहनाएगा इस का फैसला आज ईवीएम में बंद हो जाएगा। 

एक नजर जातीय समीकरण पर

जाति आधार पर रामगढ़ में सबसे ज्यादा मतदाताओं की संख्या मेव मतदाता की है जो करीब 55000 है। करीब 45,000 अनुसूचित जनजाति का मतदाता है। जिनमें बेरवा जाटव, मेघवाल ,नायक समेत कई जातियां शामिल है। ओड राजपूत के मतदाता भी 35000 की संख्या में हैं। 15000 माली, 20000 से ज्यादा ब्राह्मण और वैश्य मतदाता है। तो 20 हजार के करीब पुरुषार्थी सरदार मतदाता है । 88 हजार की संख्या में यादव और गुर्जर मतदाता रामगढ़ विधानसभा में है। अब प्रत्याशी जातीय आधार पर भी अपना गणित लगा रहे हैं।

रामगढ़ विधानसभा सीट पर कुल 14 चुनाव में से 10 बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की है और सिर्फ 4 बार यहां भाजपा जीती है। जिसमें भाजपा ने 1985 में पहली बार यह खाता खोला और रघुवर दयाल गोयल महज 1006 वोटों से जीते। फिर 1998 में ज्ञानदेव आहूजा लगातार दो बार से विधायक रहे जुबेर खान को 4224 मतों से हराकर विधानसभा पहुंचे। पिछले चुनाव में भी ज्ञानदेव आहूजा 4647 मतों से ही जीत पाए थे। अब रामगढ़ विधानसभा में कुल 235625 मतदाता है जो कल अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। प्रशासन ने 278 बूथ बनाए हैं और 122 को संवेदनशील घोषित किया है। पैरामिलिट्री फोर्स और पुलिस के जवान थी चुनाव व्यवस्था में लगाए गए हैं पिछले 30 साल से रामगढ़ की राजनीति में प्रमुख रहे  ज्ञानदेव आहूजा और जुबेर खान इस चुनाव में एक कदम पीछे हट गए हैं और तीनों ही प्रत्याशी रामगढ़ से पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। यह सही है स्थगित होने के कारण कांग्रेस की सरकार पहले बन गई है और चुनाव बाद में हो रहे हैं लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि यहां का मतदाता किस प्रत्याशी को चुनकर विधानसभा भेजता है।
अश्विनी यादव फर्स्ट इंडिया न्यूज रामगढ़

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