अस्पताल के ताला खुलने का इंतजार करती रही प्रसूता, खुले में दिया बच्चे को जन्म

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/15 12:36

प्रतापगढ़: जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति कितनी बदहाल हो चुकी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यहां पर महिलाओं के प्रसव भी खुले में हो रहे हैं. चिकित्सकों को सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं पहुंचते हैं. यहां तक कि स्वास्थ्य केंद्रों पर अक्सर ताले लटके हुए रहते हैं. ऐसा ही एक मामला बीती रात सामने आया जब प्रसव के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाई गई महिला को कोई चिकित्सक नहीं मिला और न ही कोई नर्सिंग कर्मी वहां मौजूद था. परिजनों और ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्सक को कई बार फोन लगाया लेकिन उन्होंने फोन उठाना तक मुनासिब नहीं समझा. 

स्वास्थ्य केंद्र पर लगा था ताला: 
दरअसल, जिले के बारावरदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नारसिंह माता गांव के रहने वाले केशुराम मीणा की पत्नी धापू मीणा को प्रसव के लिए लाया गया था, लेकिन यहां स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटका होने से ग्रामीणों और परिजनों ने चिकित्सक मयूर खंडेलवाल को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया. स्वास्थ्य केंद्र पर कोई नर्सिंग कर्मी भी मौजूद नहीं था. 

डिलीवरी रूम के बाहर हुआ प्रसव: 
इधर प्रसूता दर्द से छटपटा रही थी मौके पर मौजूद ग्रामीण महिलाओं ने प्रसूता को काफी राहत प्रदान करने की कोशिश की, लेकिन दर्द से तड़पती प्रसूता का इसी दौरान डिलीवरी रूम के बाहर ही प्रसव हो गया. इस मामले की सूचना लोगों ने जिला कलक्टर को दी जिस पर कलक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी वीके जैन को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रसव के आधे घंटे बाद स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात नर्सिंग कर्मी दशरथ मीणा ने जच्चा-बच्चा की सार संभाल की और चिकित्सक को फोन लगाया लेकिन उसके बाद भी चिकित्सक नहीं पहुंचे. फिलहाल जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देश पर दूसरे चिकित्सक को वहां पर भेजा गया है. 

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