किशनगढ़ में जलदाय विभाग की लापरवाही के चलते पानी को तरसते लोग

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/03/24 01:10

अजमेर। किशनगढ़ की प्यासी जनता की प्यास बुझाने के लिए लगभग सवा 2 करोड रुपए से बनाई गई बीसलपुर की पेयजल परियोजना स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जलदाय विभाग के अधिकारियों के कारण बेमानी साबित हो रही है। अब किशनगढ़ की जनता को क्षेत्र के पूर्व विधायक और भाजपा से सांसद का चुनाव लड़ रहे भागीरथ चौधरी से आस लगाई है।

प्रदेश में मार्बल नगरी के नाम से अपनी अलग पहचान रखने वाले किशनगढ़ में यूं तो  देश के अनेक स्थानों में अपनी प्रमुख पहचान बना ली है और यहां से निकलने वाला मार्बल देश के अनेक स्थानों पर उसकी गुणवत्ता को लेकर खास पहचान भी लगता है। लेकिन किशनगढ़ का सियासी माहौल और यहां तैनात अधिकारी किशनगढ़ की पहचान को ना सिर्फ ताबूत करने में जुटे हुए हैं, बल्कि जनता की अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर रहे इस क्षेत्र में प्यासी जनता को पीने का पर्याप्त पानी मुहैया करवाने के लिए बनाई गई सवा दो करोड़  की परियोजना अधिकारियों की मनमानी के आगे दम तोड़ चुकी है।

क्षेत्र की जनता की प्यास बुझाने के लिए बीसलपुर पाइपलाइन को और विकसित करने और यहां की जनता की प्यास बुझाने के लिए बजट में स्वीकृत राशि से उचित जलाशयों के निर्माण तो किए गए लेकिन उनको बनाने के बाद शायद प्रशासन और राजनेता उनका उपयोग करना भूल गए क्षेत्रीय लोगों का खुला आरोप है कि यहां का कोई धणी धोरी नहीं है।

यहां आपको बता दें आश्चर्य की बात तो यह है किस क्षेत्र में डाली गई बीसलपुर लाइन लोगों के लिए न सिर्फ मजाक का सबब बनी हुई है, बल्कि दूसरों का हक मारना यहां के अधिकारियों की अनदेखी बना हुआ है। बीसलपुर पाइप लाइन से अवैध रूप से छेद करके उससे पानी चोरी कर यहां पर पानी माफिया भी फल फूल रहे हैं। ऐसा नहीं कि जलदाय विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं हो...लेकिन किस कारण से इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा कोई कहने वाला नहीं है।

किशनगढ़ की प्यासी आवाम अपनी प्यास बुझाने के लिए तरह तरह के जतन करने पर मजबूर है।नलों में पानी नहीं आने के कारण लोगों को पानी का टैंकर डलवाने पर मजबूर होना पड़ता है।परेशान विभागीय उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि उन्हें ऐसे हालात में दो तरफा मार पड़ती है एक तो पानी के बिल का भुगतान करना होता है और दूसरा अपनी जरूरत के मुताबिक टैंकर मंगाने पर उन्हें टैंकर वाले को भी मनमाने दाम चुकाने पड़ते हैं। हालांकि, अभी पानी की खपत इतनी ज्यादा नहीं हुई है लेकिन आने वाला दौर गर्मी का है जो लोगों के लिए अभी से भय का सबब बना हुआ है।

प्रदेश की मार्बल नगरी किशनगढ़ इन दिनों प्यास के कारण परेशानी का दंश झेल रही है ऐसा नहीं प्रदेश की सरकार यहां के लोगों के लिए प्रयास नहीं कर रही...लेकिन स्थानीय प्रशासन जलदाय विभाग और जनप्रतिनिधि आखिर कब अपने कर्तव्य पर खरा उतरेंगे यह तो वक्त ही बताएगा।
   

फर्स्ट इंडिया के लिए किशनगढ़ से इंद्रजीत उबाना की रिपोर्ट
 

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