VIDEO: सदन में सामने आई पानी पॉलिटिक्स, विभागीय लापरवाही पर जवाब नहीं दे पाए जलदाय मंत्री

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/15 08:34

जयपुर: जलदाय विभाग की कारगुजारियों का खामियाजा प्रदेश की जनता को भुगतना पड़ रहा है और खराब मीटर के कारण मुख्यमंत्री की फ्री पानी देने की घोषणा पूरी नहीं हो पा रही है. राज्य विधानसभा में भी आज यह मामला गूंजा, लेकिन जलदाय मंत्री बीडी कल्ला कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके.

चुनाव से पहले बिल नहीं वसूलने का ऐलान:
लोकसभा चुनाव से पहले सरकार ने 15 हजार लीटर तक पानी का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं से बिल नहीं वसूलने का ऐलान किया था. अब पीएचईडी ने नया सर्कुलर जारी कर कहा है कि 15 हजार लीटर से कम पानी का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के मीटर बंद या खराब होने पर इसका लाभ नहीं मिलेगा. मीटर सर्विसेज चार्ज तय कर दिए हैं. 15 एमएम के कनेक्शन के 22 रुपए, 20 एमएम कनेक्शन के 55 और 25 एमएम कनेक्शन के 110 रुपए उपभोक्ता को चुकाने पड़ेंगे. जिन उपभोक्ताओं के मीटर खराब या बंद है या जिनके मीटर लगे हुए नहीं है, उनकाे औसत बिल ही देना होगा. 

खराब मीटर से जनता पर भार:
राजधानी जयपुर में भी खराब मीटर के कारण लाखों जनता को अपनी जेब खाली करनी पड़ रही है. मालवीय नगर विधायक कालीचरण सराफ ने शून्यकाल में विधानसभा में यह मामला उठाया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 15 हजार लीटर पानी तक का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को छूट का फैसला किया था, लेकिन जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण जनता को पैसा देना पड़ रहा है. सराफ ने कहा कि छूट सिर्फ चालू मीटर पर मिलेगी, जबकि मीटर लगाने की जिम्मेदारी जलदाय विभाग की है. राजधानी में चार लाख 71 हजार कनेक्शन है और  2 लाख 61 हजार मीटर बंद है. 

बीडी कल्ला का गोलमाल जवाब:
इस सवाल के जवाब में मंत्री बीडी कल्ला ने गोलमाल जवाब दिया, जिसके कारण न केवल विपक्ष असंतुष्ट रहा, स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी भी संतुष्ट नहीं हो पाए. जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने दिया जवाब कि अब तक 35 हजार मीटर बदले जा चुके हैं. जैसे-जैसे मीटर उपलब्ध होंगे, खराब मीटर बदल देंगे. जिनके अभी मीटर लगा हुआ है, उन्हें तही लाभ मिलेगा, जिनके मीटर नहीं लगा उन्हें लाभ नहीं मिल रहा है. मंत्री के इस जवाब के बाद कालीचरण सराफ पूछते रहे कि कब तक मीटर लग जाएंगे, लेकिन मंत्री बीडी कल्ला ने साफ नहीं किया कि कब तक तमाम मीटर लग जाएंगे? स्पीकर सीपी जोशी भी जनता की परेशानी से चिंतित नजर आए. उन्होंने मंत्री बीडी कल्ला को आसन्न से निर्देश दिया कि जिनके मीटर नहीं लगा है, इसके बारे में विभाग सोचे. स्पीकर ने कहा कि मीटर जब खराब हुआ था, तब तक जो पानी का उपयोग हो रहा था, उस आधार पर भी छूट दी जा सकती है. 

अधूरी रह गई बड़ी घोषणा:
विधानसभा में भी खराब मीटर का मामला पेश हो चुका है, लेकिन जलदाय विभाग के अधिकारियों की नींद टूटने का नाम नहीं ले रही है. दरअसल विभाग के अधिकारी राजधानी सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में खराब मीटर बदलने में नाकाम रहे हैं और इसका सीधा खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है. जलदाय विभाग की इस लापरवाही के कारण मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणा भी अधूरी रह गई है. 

... संवाददाता योगेश शर्मा, ऐश्वर्य प्रधान के साथ नरेश शर्मा की रिपोर्ट 

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