Weather Update: इस बार मानसून के लंबे समय तक बने रहने की संभावना, राजस्थान में भी 30 तक होगी झमाझम बारिश; पढ़ें, मौसम विभाग का ताजा अपडेट

Weather Update: इस बार मानसून के लंबे समय तक बने रहने की संभावना, राजस्थान में भी 30 तक होगी झमाझम बारिश; पढ़ें, मौसम विभाग का ताजा अपडेट

Weather Update: इस बार मानसून के लंबे समय तक बने रहने की संभावना, राजस्थान में भी 30 तक होगी झमाझम बारिश; पढ़ें, मौसम विभाग का ताजा अपडेट

जयपुर: देश में इस वर्ष मानसून लंबे समय तक बना रह सकता हैं, क्योंकि सितंबर के अंत तक उत्तर भारत में बारिश में कमी आने के संकेत नहीं दिख रहे हैं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर-पश्चिम भारत से तभी वापस होता है जब लगातार पांच दिनों तक इलाके में बारिश नहीं होती है. निचले क्षोभ मंडल में चक्रवात रोधी वायु का निर्माण होता है और आर्द्रता में भी काफी कमी होना आवश्यक है.

राजस्थान में भी 30 सितंबर तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही:
वहीं राजस्थान में भी 30 सितंबर तक बारिश होने की संभावना जताई जा रही है. मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान प्रदेश के सभी संभागों में अच्छी वर्षो होने की संभावना है. हालांकि बारिश का जोर राजस्थान के पूर्वी व दक्षिणी हिस्से में ज्यादा रहेगा. मौसम विभाग की माने तो 17 सितंबर से 23 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और राज्य के दक्षिणी हिस्से में कुछ स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होगी. वहीं पश्चिमी राजस्थान की बात करें तो बीकानेर व जोधपुर संभाग के जिलों में हल्की, मध्यम व भारी बारिश की संभावना है. 24 से 30 सितंबर तक राजस्थान में सामान्य से ज्यादा बारिश की संभावना है. 

अगले दस दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की वापसी के संकेत नहीं:
आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि अगले दस दिनों तक उत्तर भारत से मानसून की वापसी के संकेत नहीं दिख रहे हैं. आईएमडी ने एक बयान में कहा कि 23-29 सितंबर के सप्ताह की समाप्ति से पहले उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी की शुरुआत के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना नहीं है. आईएमडी ने पिछले वर्ष भी उत्तर पश्चिम भारत से मानसून की वापसी की तारीख संशोधित की थी. पिछले कुछ वर्षों से मानसून की वापसी में विलंब होने के रूख को देखते हुए यह किया गया था.

दक्षिण पश्चिम मानसून ने 2017, 2018, 2019 और 2020 में विलंब से वापसी शुरू की:
दक्षिण पश्चिम मानसून पहले राजस्थान से वापस होना शुरू होता है. संशोधित तिथि के अनुसार, यह 17 सितंबर से जैसलमेर से वापस होना शुरू होता है. दक्षिण पश्चिम मानसून ने 2017, 2018, 2019 और 2020 में विलंब से वापसी शुरू की. मानसून के विलंब से वापस जाने का मतलब होता है कि ठंड भी देर से पड़ती है. आधिकारिक रूप से दक्षिण पश्चिम मानसून एक जून से शुरू होता है और 30 सितंबर तक रहता है. सोर्स- भाषा 

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