आखिर क्या है INX मीडिया केस, जिसकी गिरफ्त में हैं चिदंबरम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/22 04:24

नई दिल्ली: पिछले कई दिनों से हर तरफ आईएनएक्स मीडिया केस छाया हुआ है. मामले में कांग्रेस नेता और देश के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को CBI ने लंबी मशक्कत के बाद कल रात गिरफ्तार कर लिया. वहीं रात भर वो सीबीआई हेडक्वार्टर में रहे और आज सीबीआई के द्वारा पी. चिदंबरम से करीब 3 घंटे तक ये पूछताछ चली. अब उन्हें दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया है. आइए जानते हैं कि पूरा मामला क्या है:

31 मई 2007 फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) ने आईएनएक्स मीडिया को 4.62 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश की अनुमति दी थी. लेकिन कंपनी ने 305.36 करोड़ रुपए के विदेशी निवेश हासिल किए और बिना FIPB के अनुमति से इसकी 26% राशि आईएनएक्स न्यूज में लगाई. वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने पाया कि आईएनएक्स मीडिया के पास मॉरिशस स्थित तीन कंपनियों से गलत तरीके पैसे आ रहे हैं. इसके बाद पहली बार 2010 में प्रवर्तन निदेशालय ने आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट कानून को तोड़ने के जुर्म में केस दर्ज किया. वहीं 15 मई को सीबीआई ने मामले में केस दर्ज किया. 

28 फरवरी 2018 को जांच एजेंसियों ने कार्ति चिंदबरम को चेन्नई एयरपोर्ट पर गिरफ्तारी किया. चिदंबरम सुप्रीम कोर्ट पहुंचे. उनकी याचिका कोर्ट में दायर होने से पहले कार्ति को पकड़ लिया गया. चिदंबरम ने कहा कि वित्त मंत्री रहते हुए 2007 में उन्होंने खुद आइएनएक्स मीडिया को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड की अनुमति दी थी. इसमें उनके बेटे या परिवार के किसी व्यक्ति की कोई भूमिका नहीं थी. 9 मार्च 2018 को मामले में कार्ति चिदंबरम को दिल्ली की पाटियाला हाउस कोर्ट ने सीबीआई की हिरासत में भेज दिया. उन्हें तीन दिन की हिरासत में भेजा गया. कोर्ट ने सीबीआई को कार्ति के सीए भास्करमन के सामने तिहाड़ जेल में पूछताछ की इजाजत भी दे दी. 12 मार्च 2018 को दिल्ली की एक अदालत ने कार्ति चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कार्ति को 12 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. सामान्य कैदी की तरह ही तिहाड़ जेल में रखने का आदेश.

23 मार्च 2018 को कार्ति चिदंबरम को दिल्‍ली हाइकोर्ट से जमानत मिली. कोर्ट ने कार्ति को 10 लाख के निजी मुचलके पर जमानत दी. देश से बाहर नहीं जाने के निर्देश. केस से जुड़े गवाहों और सील बैंक एकाउंट के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं करने की हिदायत. ईडी ने कार्ति और उनकी कंपनी की 1.16 करोड़ की संपत्ति जब्त की. 31 मार्च 2018 को इस मामले में पीटर मुखर्जी को 13 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा. जांच एजेंसियों ने कोर्ट में याचिका दायर करके कहा था कि वह पीटर मुखर्जी को कार्ति चिदंबरम के सामने बैठाकर पूछताछ करना चाहती है.

31 मई 2018 को पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रोक लगाई. केस में हाईकोर्ट ने चिदंबरम की गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक के लिए अंतरिम रोक लगा दी. 8-6 जून 2018 को चिदंबरम से सीबीआई ने चार घंटे तक पूछताछ की. 25 जुलाई 2018 को दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम की गिरफ्तारी पर रोक लगाई. बाद में यह रोक समय-समय पर बढ़ाई जाती रही. 3 अगस्त 2018 को कार्ति चिदंबरम की अंतरिम जमानत के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. कार्ति को सुप्रीम कोर्ट ने व्यवसाय के उद्देश्य से 23 जुलाई से 31 जुलाई के बीच अमेरिका, फ्रांस और लंदन जाने की इजाजत दी.

10-25 अक्टूबर 2018 को आईएनएक्स मामले में जांच एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल किया. नवंबर 2018 में दिल्ली हाई कोर्ट ने चिदंबरम को गिरफ्तारी से 15 जनवरी तक अंतरिम राहत दी. 19 दिसंबर 2018 को प्रवर्तन निदेशालय के समन पर पी चिदंबरम ईडी के दफ्तर पहुंचे. उन्हें 305 करोड़ रूपए के INX मीडिया मामले में पूछताछ के लिए बुलाया गया था. फरवरी 2019 को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पी चिदंबरम से पांच घंटे तक पूछताछ की. 19 अगस्त 2019 दिल्ली हाईकोर्ट ने पी चिदंबरम को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद से CBI की टीम पी चिदंबरम की तलाश करने में जुट गई लेकिन वो घर पर नहीं मिले.

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in