क्या है रक्षाबंधन की सही पूजा विधि, कैसे ला सकती है बहन, भाई के जीवन में खुशियां

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/14 06:33

जयपुर :रक्षाबंधन  हिंदू धर्म का एक बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है क्योंकि यह भाई बहन के पवित्र प्रेम का प्रतीक होता है। यही वजह है कि इस दिन का सभी भाई बहनों को बेसब्री से इंतजार होता है देवी देवताओं के समय से चला आ रहा यह पर्व आज भाई बहन के हर रिश्ते की सार्थकता को और भी अधिक बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। आज इस ब्लॉग के माध्यम से हम जानेंगे कि वर्ष 2019 में रक्षाबंधन कब है, इसकी पूजा विधि क्या है, और कौन कौनसे त्यौहार हैं इस बार रक्षाबंधन के साथ 

रक्षाबंधन की पूजा विधि
रक्षाबंधन के दिन प्रातः काल स्नानादि से निवृत्त होकर नए अथवा स्वच्छ वस्त्र धारण करें
अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार प्रातः काल पूजा-अर्चना करें
कुछ स्थानों पर इस दिन श्रवण कुमार के चित्र बनाकर उनकी पूजा भी की जाती है 
उसके उपरांत कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिन घर के अंदर की कुछ दीवारों और द्वार के दोनों ओर सीताराम लिख कर चित्र बनाए जाते हैं और उन पर पकवान अर्पित किए जाते है 
इसके बाद एक थाली में रोली अथवा चंदन और चावल (अक्षत) ले लें। इसके अतिरिक्त भाई की कलाई पर बाँधने के लिए राखी और खिलने के लिए मिठाई भी अवश्य रखें
इसके बाद भाई को तिलक करें, चावल लगाएँ और फिर अपने भाई की दाहिनी कलाई पर राखी बांधें
जिस समय आप अपने भाई की कलाई पर राखी बांधें, उस समय इस मंत्र का जाप करें
राखी बांधने के बाद अपने भाई की आरती उतारें और उन्हें अपने हाथ से मिठाई खिलाएँ
तदोपरांत भाई बहन को कोई तोहफा अथवा धन दे सकता है और अपनी बहन के चरण स्पर्श करें
मूल रूप से बहन द्वारा राखी बांधते समय भाई के जीवन में दीर्घायु की कामना की जाती है और भाई द्वारा बहन की रक्षा का वचन दिया जाता है
इस प्रकार भाई बहन का पर्व रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है

रक्षाबंधन के साथ अन्य त्योहार जमाएंगे रंग 

इस बार का रक्षाबंधन एक विशेष दिन 15 अगस्त को को मनाया जाएगा क्योंकि यह हमारे देश की आजादी की सालगिरह अर्थात स्वतंत्रता दिवस के रूप में भी मनाया जाएगा। इसके साथ इसी दिन वेद माता गायत्री जयंती, भगवान विष्णु के अवतार को समर्पित हयग्रीव जयंती, श्रावण पूर्णिमा व्रत, यजुर्वेद उपाकर्म तथा संस्कृत दिवस भी मनाया जाएगा। इस प्रकार इस बार का रक्षाबंधन का त्यौहार कई मायनों में विशेष रहेगा। देश के स्वतंत्रता दिवस पर बहनों द्वारा देश रक्षा में लगे विभिन्न सैनिकों को भी राखी ना भेजी जाएंगी जो उनके प्रति देश पर मर मिटने के जज्बे को सलाम करते हुए अपना प्रेम प्रदर्शित करता है। 

श्रावण पूर्णिमा व्रत

हिंदू पंचांग और हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को काफी महत्व दिया जाता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा पूरी कलाओं में होता है और पूर्णिमा का व्रत रखना एकादशी और प्रदोष व्रत के समान ही एक उत्तम फलदायी व्रत माना गया है। सावन के महीने में आने वाली पूर्णिमा को ही श्रावण पूर्णिमा या श्रावणी पूर्णिमा कहा जाता है। कजरी पूर्णिमा के रूप में उत्तर भारत और मध्य भारत के लोग भी इस दिन को काफी महत्व देते हैं। वर्ष 2019 में श्रावण पूर्णिमा व्रत बृहस्पतिवार के दिन 15 अगस्त 2019 को रखा जाएगा और इस व्रत का मुहूर्त निम्नलिखित है:

श्रावण पूर्णिमा व्रत मुहूर्त
पूर्णिमा तिथि आरम्भ    14 अगस्त, 2019 को दोपहर 15:47:44 से
पूर्णिमा तिथि समाप्त    15 अगस्त, 2019 को शाम 18:01:02 पर

 

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