ग्वालियर MP: अस्पताल में कोरोना मरीज की ऑक्सीजन मशीन निकालने से तड़प-तड़पकर हुई मौत, CCTV फुटेज में पकडा गया जिम्मेदारों का सफेद झूठ

MP: अस्पताल में कोरोना मरीज की ऑक्सीजन मशीन निकालने से तड़प-तड़पकर हुई मौत, CCTV फुटेज में पकडा गया जिम्मेदारों का सफेद झूठ

MP: अस्पताल में कोरोना मरीज की ऑक्सीजन मशीन निकालने से तड़प-तड़पकर हुई मौत, CCTV फुटेज में पकडा गया जिम्मेदारों का सफेद झूठ

ग्वालियर: मध्यप्रदेश में BJP शासन है. ऐसे में शिवराज सिंह मुख्यमंत्री के पद पर आसीन है और कोरोना पुरे देश में अपना कहर बरपा रहा है. इससे मौत होने के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हुई है. रोज कोरोना से लोग मर भी रहे है. किंतु प्रदेश में आज एक  गैर-जिम्मेदाराना (Irresponsible) मामला सामने आया है. जहां पर एक कोरोना मरीज (Covid patient) की मौत ने अस्पताल प्रबंधन को संदेह के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. 

वार्ड ब्वॉय ने निकाली मरीज की ऑक्सीजन मशीन:
शिवपुरी के जिला अस्पताल के कोविड वार्ड में दो दिन से भर्ती पिछोर के दुर्गापुर निवासी शिक्षक सुरेंद्र शर्मा की बुधवार की सुबह करीब सवा आठ बजे मौत हो गई. प्रारंभिक ताैर पर उनकी मौत की ऑक्सीजन (Oxygen) हटाने से होना बताई जा रही है. हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने कोरोना मरीज की मौत के इस कारण को नकारने के लिए कई तरह के तर्क दिए है. लेकिन वे अपने ही तर्कों में उलझते दिखे. परिजन के हंगामा और आरोपों के बीच अस्पताल के अधीक्षक डॉ केबी वर्मा ने कहा कि मरीज की ऑक्सीजन नहीं हटाई गई. उनकी हालत खराब थी इसलिए उन्हें बचाया नहीं जा सका. इसके बाद भी परिजन नहीं माने और अस्पताल के वार्ड के CCTV फुटेज निकलवाने पर अड़ गए.

CCTV फुटेज में पकडा गया अस्पताल का सफेद झूठ:
आखिरकार फुटेज निकलवाए गए तो पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर (Portable oxygen concentrator) हटाते हुए वार्ड ब्वॉय साफ तौर पर दिख रहा है. इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डीन ने तर्क दिया कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत ही नहीं थी. इसलिए नर्स के कहने पर वार्ड ब्वॉय ने दूसरे मरीज के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर निकाल लिया था. अस्पताल प्रबंधन के इन्हीं दो अलग-अलग तर्कों से मामला न केवल संदिग्ध हो गया है बल्कि जिम्मेदारों की मंशा पर भी सवाल खड़े हो गए.

मामले की जांच के लिए टीम गठित:
हालांकि बाद में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अक्षय निगम ने पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित करने के आदेश दिए हैं. परिजन का आरोप है कि मंगलवार की रात 11 बजे से बुधवार की सुबह तक गंभीर हालत में तड़प रहे मरीज को देखने के लिए न तो नर्स आईं और न ही डॉक्टर.

बुजुर्ग ​मरीज असहनीय पीड़ा होने पर तड़पते दिख रहे है:
कोविड वार्ड में भर्ती शिक्षक सुरेंद्र शर्मा का बेटा मंगलवार की रात 11 बजे घर चला गया था. इसके कुछ देर वार्ड ब्वॉय ने पोर्टेबल ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दूसरे मरीज के लिए निकाल ले गया. इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती चली गई. समय पर इलाज नहीं मिलने पर शिक्षक सुरेंद्र शर्मा की पीड़ा बढ़ती चली गई. फुटेज में देखने पर पता चल रहा है कि असहनीय पीड़ा होने पर सुरेंद्र शर्मा अपना सिर घुटनों के बीच फंसाते दिख रहे हैं तो कभी सिर पटकते दिख रहे हैं.

बुजुर्ग ​मरीज असहनीय पीड़ा होने पर ऑक्सीजन की मांग करते रहे, पर दया नही आई:
असहनीय पीड़ा होते देखने के बाद भी कोई उनकी मदद के लिए नहीं आया. सुबह 8 बजे वार्ड में पहुंचे बेटा दीपक शर्मा ने बताया कि पिता गंभीर हालत में थे. पिता के इलाज के लिए वार्ड के स्टाफ से मदद मांगी, लेकिन किसी ने सहायता नहीं की. सुबह ड्यूटी डॉक्टर से बात की तो भी गंभीरता से नहीं लिया गया. स्ट्रेचर नहीं मिला तो पिता को पीठ पर लादकर आईसीयू में ले जाने की कोशिश की. इस दौरान एक युवक ने जरूर आकर पिता के पैर पकड़वाने में मदद जरूर की.

आइसोलेशन वार्ड में इन डॉक्टर व वार्ड ब्वॉय की नाइट ड्यूटी थी:
मंगलवार-बुधवार की रात आइसोलेशन वार्ड में एसआर डॉक्टर राहुल और जेआर डॉक्टर दीप्ति की ड्यूटी लगी थी. स्टाफ नर्सों के अलावा वार्ड में वार्ड ब्वॉय रवि करोसिया की ड्यूटी लगाई थी.

राजनीति में है मृतक का रिश्तेदार इसलिए मिल गए फुटेज:
घटना के बाद परिजनों ने CCTV फुटेज दिखाने की मांग की किंतु अस्पताल प्रबंधन ने इसे भी गंभीरता से नही लिया और परिजनों को टालते रहे. बाद में राजनीतिक दबाव से फुटेज दिखाने पड़े. दरअसल मृतक सुरेंद्र शर्मा दरअसल BJP प्रदेश कार्यसमिति सदस्य धैर्यवर्धन शर्मा के मामा थे. उन्होंने अधिकारियों व अस्पताल प्रबंधन से इस बारे में बातचीत की. फिर सच्चाई जानने CCTV फुटेज निकलवाईं. जिसमें डॉक्टर और स्टाफ की गंभीर लापरवाही सामने आई है. दूसरे मरीजों की जान ना जाए, इसके लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उन्होंने की है. घटना के बाद कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, SP राजेश सिंह चंदेल मौके पर आ गए थे.

 

ऑक्सीजन की कमी सरकार के लिए बनी चुनौती:
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान बुधवार को शिवराज ने माना था कि ऑक्सीजन की कमी सरकार के लिए चुनौती बन गई है. हालांकि उन्होंने कहा था कि सरकार व्यवस्था बनाने के लिए दिन और रात जुटी हुई है. शिवराज ने कहा था कि एक घंटा भी ऑक्सीजन मिलने में देरी होती है तो मेरी सांसे थमने लगती हैं. दरअसल मध्य प्रदेश में कोरोना के हालात इस कदर बेकाबू हो चुके है कि शिवराज ने दमोह उपचुनाव के लिए बुधवार को होने वाला अपना रोड शो कैंसिल कर दिया था. उन्होंने मंत्रालय में अफसरों की बैठक बुलाई ऑक्सीजन की कमी और रेमडेसिविर के साथ-साथ अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की थी.

सरकार की नजर लगातार ऑक्सीजन की ट्रैकिंग पर: शिवराज
शिवराज ने बैठक में कहा था कि उनकी नजर लगातार ऑक्सीजन की ट्रैकिंग पर है. उन्होंने कहा था कि ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाले टैंकरों पर अब पुलिस बैठती है ताकि वह इधर-उधर न जाए. मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन के टैंकर को मालगाड़ी से भिजवाने के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी बात की थी. उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर कि 8 यूनिट्स लगाई जा रही हैं जिनमें से उज्जैन, शिवपुरी, खंडवा और सिवनी में 4 यूनिट्स का काम पूरा हो चुका है. वहीं, मंदसौर, रतलाम, मुरैना और जबलपुर में काम चल रहा है.

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