WhatsApp Policy विवाद: नई प्राइवेसी नीति पर सरकार सख्त, 7 दिनों में मांगा जवाब

WhatsApp Policy विवाद: नई प्राइवेसी नीति पर सरकार सख्त, 7 दिनों में मांगा जवाब

मुंबई: वॉट्सऐप (WhatsApp) पर दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में 17 मई को सुनवाई हुई थी.ऐसे में कोर्ट में नई प्राइवेसी पॉलिसी (Privacy Policy) को लेकर याचिका दायर की गई थी. वॉट्सऐप की प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर सरकार ने कड़ा रूख अख्तियार कर लिया है. सरकार ने कहा कि इसे वापस लिया जाए. इसके लिए सात दिन की नोटिस वॉट्सऐप को दी गई है. इलेक्ट्रॉनिक एवं आईटी मंत्रालय ने यह नोटिस दी है. यह दूसरी नोटिस मंत्रालय ने दी है.

वाट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी यूजर्स की निजता को खत्म करने वाली:
18 मई को WhatsApp को भेजे गए एक पत्र में मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि WhatsAppकी नई प्राइवेसी पॉलिसी भारतीय यूजर्स (Indian Users) की निजता, डाटा सिक्योरिटी (Data Security) के अधिकार को खत्म करने वाली है. पत्र में कहा गया है कि करोड़ों भारतीय यूजर्स कम्यूनिकेशन (Communication) के लिए प्रमुख रूप से वाट्सऐप पर निर्भर हैं. वाट्सऐप की नई पॉलिसी को लागू करके कंपनी ने गैर-जिम्मेदार (Irresponsible) होनेा का प्रमाण दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट में इसकों लेकर चल रहा है मामला:
नई पॉलिसी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में मामला अभी विचाराधीन (Under Consideration) है. मंत्रालय ने साफतौर पर कहा है कि व्हाट्सएप की नई पॉलिसी कई भारतीय कानूनों को तोड़ने वाली है. मंत्रालय ने वाट्सऐप से सात दिनों के अंदर जवाब मांगा है और यह भी कहा है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो वाट्सऐप के खिलाफ कठोर कदम (Drastic Measure) उठाए जा सकते हैं.

वॉट्सऐप का हाई कोर्ट में जवाब:
वॉट्सऐप पर दिल्ली हाई कोर्ट में 17 मई को सुनवाई हुई. कोर्ट नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर याचिका दायर की गई थी. जिसमें सरकार ने कोर्ट को कहा कि वॉट्सऐप की नई पॉलिसी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी (Indian Information Technology) कानून का उल्लंघन है. जबकि वॉट्सऐप का कहना है कि जो यूजर्स का डेटा ओला, ट्रू कॉलर, कू ऐप, जोमैटो और आरोग्य सेतु ऐप (Ta Ola, True Caller, Koo App, Jomato and Arogya Setu App) भी यूज करती हैं वही डाटा हम भी ले रहे हैं. बस फर्क इतना है कि हम यूजर्स को बता कर उनका डेटा ले रहे हैं.

अब 15 मई से लागू नहीं होगी नई प्राइवेसी पॉलिसी:
बता दें कि सोशल मैसेंजर प्लेटफॉर्म (Social Messenger Platform) वॉट्सऐप ने भारत में 15 मई से लागू होने वाली नई प्राइवेसी पॉलिसी को फिलहाल टाल दिया है. कंपनी ने प्राइवेसी पॉलिसी को लागू होने की नई तारीखों का ऐलान नहीं किया है. कंपनी ने कहा कि नई पॉलिसी को स्वीकार ना करने वाला कोई भी अकाउंट डिलीट (Account Delete) नहीं किया जाएगा.

क्या है वॉट्सऐप की नई पॉलिसी:
वॉट्सऐप यूजर जो कंटेंट अपलोड, सबमिट, स्टोर, सेंड या रिसीव (Content Upload, Submit, Store, Send or Receive) करते हैं, कंपनी उसका इस्तेमाल कहीं भी कर सकती है. कंपनी उस डेटा को शेयर भी कर सकती है. पहले दावा किया गया था कि अगर यूजर इस पॉलिसी को 'एग्री' नहीं करता है तो वह अपने अकाउंट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा. हालांकि, बाद में कंपनी ने इसे ऑप्शनल बताया था.

पॉलिसी को स्वीकार करने के लिए यूजर्स को रिमाइंडर भेजना जारी रहेगा:
वॉट्सऐप ने बयान में कहा है कि नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार करने के लिए यूजर्स को रिमाइंडर (Reminder) भेजना जारी रहेगा. यह प्रक्रिया अगले कुछ सप्ताह तक जारी रहेगी. पहले यह नई प्राइवेसी पॉलिसी 8 फरवरी से लागू होनी थी. लेकिन विवाद बढ़ने के बाद इसे 15 मई के लिए टाल दिया था.

केंद्र सरकार भी जता चुकी है आपत्ति:
वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी पर केंद्र सरकार (Center Government) आपत्ति जता चुकी है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) ने वॉट्सऐप के CEO विल कैथकार्ट (Kaithcart) को सख्त पत्र लिखकर कहा है कि वैश्विक स्तर पर भारत में वॉट्सऐप का सबसे ज्यादा यूजर बेस है. साथ ही भारत वॉट्सऐप की सेवाओं का सबसे बड़ा बाजार है. वॉट्सऐप की सेवा शर्तों और प्राइवेसी पॉलिसी में प्रस्तावित बदलाव से भारतीय नागरिकों की पसंद और स्वायत्तता (Choice and Autonomy of Indian Citizens) को लेकर गंभीर चिंता पैदा हुई हैं. मंत्रालय ने पॉलिसी में किए गए बदलावों को वापस लेने के लिए कहा है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 मई तक मांगा जवाब:
वॉट्सऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी के खिलाफ एक जनहित याचिका (Public Interest litigation) पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ फेसबुक और वॉट्सऐप से भी जवाब मांगा है. फेसबुक, वॉट्सऐप की पैरेंट कंपनी है. चीफ जस्टिस डी एन पटेल और जस्टिस जसमीत सिंह (Chief Justice DN Patel and Justice Jasmeet Singh) की बेंच इस पर सुनवाई कर रही है. कोर्ट ने इन्हें 13 मई तक याचिका पर अपना पक्ष रखने को कहा है.

संसदीय समिति भी कर चुकी है तलब:
नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर संसदीय समिति (Parliamentary Committee) भी इसी साल जनवरी में फेसबुक और वॉट्सऐप के अधिकारियों को तलब कर चुकी है. फेसबुक के अधिकारियों ने संसदीय समिति को भरोसा दिलाया था कि उसकी सब्सिडियरी वॉट्सऐप (Subsidiary WhatsApp) का पर्सनल डाटा (Personal Data) शेयर नहीं किया जाएगा. इसमें इंडिविजुल्स (Individual) के बीच बातचीत और मैसेज शामिल हैं. सोशल मीडिया (Social Media) कंपनी ने कहा कि वॉट्सऐप पर यूजर्स के बीच होने वाले मैसेज का आदान-प्रदान पूरी तरह से एनक्रिप्टेड (Encrypted) है.

चैट हिस्ट्री को मोबाइल में रख सकते हैं:
यदि यूजर्स नई प्राइवेसी को स्वीकार नहीं करना चाहते तो वह अपने चैट हिस्ट्री (Chat History) को फोन में रख सकते हैं. एक बार अकाउंट हटने के बाद यूजर्स को सभी ग्रुप से हटा दिया जाएगा. वह मैसेज हिस्ट्री से मैसेज डिलीट नहीं कर पाएंगे. उनका वॉट्सऐप बैकअप डेटा (Backup Deta) को भी डिलीट कर दिया जाएगा.

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