जब गोचर भूमि पर हो अतिक्रमण, तो गाय आखिर जाए तो जाए कहां

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/10/10 07:28

चितलवाना (जालौर)। अभी तक राजस्थान ही एक मात्र ऐसा राज्य है, जहां पर गौ मंत्रालय है। इसके बावजूद गायों की जमीन अतिक्रमण की भेंट चढ़ी हुई। ऐसे में गाय आखिर जाए तो जाए कहां। गौचर भूमि पर लोगों द्वारा अतिक्रमण किया गया है और उसकी हकदार गाये सड़क पर यहां से वहां डोलती हुई तड़पती दिखाई दे रही है। सड़क पर डोलती गायों में से आये दिन कई गायें गाड़ियों के आगे आकर दम तोड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार आंख मूंदकर बैठे हैं।

दरअसल, यहां बात की जा रही है, जालौर जिले के चितलवाना उपखंड में आने वाले हालीवाव गांव की, जिसमें 40 हेक्टेयर गौचर भूमि है, लेकिन इस जमीन पर कुछ रसूखात लोगों द्वारा मंदिर बनाकर अतिक्रमण किया हुआ है। यहां पर एक मंदिर बनाया गया है और आस-पास में 10—20 कैबिन लगाकर लोग अतिक्रमण किए बैठे हैं। वहीं आये दिन सड़क पर एक दो गायें घायल या मृत नजर आती है। इसके बावजूद जिम्मेदार प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

हालांकि कुछ महीने पहले ग्रामीणों ने प्रशासन से इस बारे में शिकायत भी की थी, लेकिन प्रशासन द्वारा चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। इसके बावजूद मंदिर निर्माण का काम अभी भी धडल्ले से जारी है। ऐसे में अब देखने वाली बात ये है कि जीत किसकी होती है। उन पीड़ित गायों की या रसूखात वाले लोगों की, जिन्होंने अपने राजनीतिक पहुंच के दम पर गौचर भूमि पर अतिक्रमण कर रखा है।

सड़क पर घूम रही सैकड़ों गायें :
गांधव से बाखासर जाने वाली सड़क पर वीरावा, हालीवाव, मेघावा व कुंडकी तक सैकड़ों की संख्या में गायें सड़क पर घूमती नजर आ रही है, जिससे आये दिन दुर्घटना हो रही है। वहीं दूसरी ओर, सड़क पर गायों के घूमने के कारण वाहनों का आना—जाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में कोई कार्यवाही नहीं किए जाने के चलते सवाल उठता है कि गाय आखिर जाए तो जाए कहां।

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