आखिर कब सुधरेगी पार्कों की दशा

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/06/01 07:37

जैसलमेर। दिन भर की दौड धूप के बाद जब आदमी घर पहुंचता है तो शाम का वक्त वह अपने परिवार के साथ शहर में घूमने के लिये निकालना पसंद करता है। लेकिन कैसा लगे जब आप घर से अपने परिवार को लेकर घूमने तो निकलें और आपके शहर में घूमने का कोई सुरक्षित और रमणीक स्थान ही न हो। जी हां स्वर्णनगरी जैसलमेर में भी इन दिनों यहां के रहवासियों को इसी समस्या से दो चार होना पड रहा है। 

कडवी सच्चाई है की स्वर्णनगरी जैसलमेर की जहां पर शहर वासियों के प्रातः और सांयकालीन भ्रमण के लिये एक भी व्यवस्थित पार्क नहीं है, जहां पर पेड़ पौधों की ठंडी छांव में बैठ कर व्यायाम किया जा सके। बच्चे झूले और अन्य मनोरंजन के साधनों से अपना मन बहला सके और महिलाएं ठंडी दूब पर बैठ कर बतियां सके।

स्वर्णनगरी को हरा-भरा करने का सरकारी अभियान अब हांफ चुका है। हालत यह है कि भीषण गर्मी मे पार्क व वाटिकाएं न तो लोगों को राहत व सुकून दिला पा रही हैं और न ही विश्राम के लिहाज से यहां बैठने के माकूल इंतजाम देखने को मिल रहे हैं। उद्यानों व वाटिकाओ मे जहां भी नजर दौड़ाएं, मायूस होना पड़ता है। पर्यटन नगरी होने के साथ साथ यहां पर शहरवासियों के साथ साथ प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देशी व विदेशी सैलानी भी भ्रमण के लिये आते हैं,  लेकिन शहर में व्यवस्थित पार्कों के नहीं होने के कारण उन्हें भी मायूस होना पड़ता है। सभी पार्क आमजन के लिए उपयोगी नहीं है। नगर परिषद की उदासीनता के पीछे पार्कों में गाय और जानवर ही घूमते नजर आते है। पार्क सभी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे है। 

बुर्जुग लोग आखिर शाम को घूमने कहां जाये और तेज गर्मी से निजात पाने के लिए पार्कों की स्तिथि ही सही नहीं है। इन दिनो चल रही गर्मी की छुटि्टयो में  झूले-झूलने व हरियाली मे खेलने-कूदने आने वाले बच्चे उजड़े उद्यानो को देखकर मायूस नजर आ रहे हैं। इसके अलावा शांति व सुकून की चाह मे यहां आने वाले सैलानियों को भी निराशा हुई है। कुछ पार्क व वाटिकाओं को छोड़ दिया जाए, तो शहर के दर्जनों उद्यान व वाटिकाएं आज भी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं।  

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in

बैलेट पेपर से नहीं होंगे चुनाव: CEC सुनील अरोड़ा

नेता जी की 122वीं जयंती
वाराणसी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन, सुषमा स्वराज और राज्वर्धन सिंह ने की शिरकत
Big Fight Live | \'इंदिरा रिटर्न्स\' ! | 23 JAN, 2018
3 ye hoga fayda
2 aaj ka etihas
3
loading...
">
loading...