VIDEO: सिंधी कैंप पर सरकारी मशीनरी की उदासीनता के चलते गाइडलाइन की जमकर उड़ी धज्जियां

VIDEO: सिंधी कैंप पर सरकारी मशीनरी की उदासीनता के चलते गाइडलाइन की जमकर उड़ी धज्जियां

जयपुर: लॉकडाउन के चलते राजधानी में फिर से बस अड्डे पर भीड उमड़ी है. गतंव्य तक पहुंचने के लिए लोग बड़ी संख्या में इधर से उधर हो रहे है. अगर बात करे राजधानी जयपुर की तो यहां पर भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. प्रदेश के सबसे बड़े बस अड्डे सिंधी कैंप पर सरकारी मशीनरी की ढीलाई के कारण कोरोना गाइड लाइन की जमकर धज्जियां उड़ती हुई नजर आई. 

सिंधी कैंप पर जमकर उड़ रही है नियमों की धज्जियां:
जानकारी के अनुसार सिंधी कैंप बस अड्डे पर उस समय भारी भीड़ उमड़ी जब सीएम ने शुक्रवार से सोमवार तक लॉकडाउन की नई एडवाइजरी जारी की. सिंधी कैंप बस अड्डे पर लोगों को गाइडलाइन की पालना करवाने के लिए कर्मचरीयों ने बिल्कुल भी मेहनत नही की. यहां पर ना तो सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हुई और ना ही अन्य नियमों की. ऐसे में वाहन संचालक भी चांदी कूटने में पीछे नही रहे. उन्होने वाहनों में नियमानुसार 50 प्रतिशत के बजाय ठूंस ठूंस कर सवांरियां भरी. कुल मिलाकर ये कहा जाना कतई गलत नहीं होगा की सरकारी मशीनरी का कोई भी बाशिंदा मौके पर कोरोना के विकराल हालातों को कंट्रोल करने के लिए मौजूद नही था. ऐसे तो कैसे कोरोना पर कंट्रोल पा सकेगा जयपुर और राजस्थान?

लोक परिवहन बस सेवा बनी "परलोक" परिवहन बस सेवा:
जयपुर में लोक परिवहन बस सेवा बसों में सरकारी आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई. ऐसे में लोगों के लिए लोक परिवहन बस सेवा अब परलोक परिवहन बस सेवा बन गई है. ऐसा इसलिए क्योकि जब सरकारी नियमों की अनदेखी की जाएगी तो कोरोना रूकने के बजाय और ज्यादा फैलेगा. सरकार ने 50 फीसदी यात्रियों के साथ बसों के संचालन के आदेश जारी किए थे. 

लोक परिवहन बस सेवा वाले कर रहे है नियमों को दरकिनार:
जयपुर में कई जगहों से विभिन्न मार्गों के लिए सवारियां लेकर चल रही लोक परिवहन सेवा की सरकारी आदेशों ठेंगा दिखा रहे है. अधिकारी नियमों की पालना कराने के लिए कहीं भी नजर नहीं आए. ऐसे में राजधानी जयपुर में सरकार की गाइडलाइंस का खुलेआम मजाक बन रहा है. लोक परिवहन बस संचालक एक तो मनमाने तरिकों से कार्य कर रहे है और दूसरा कोरोना नियम से उनका कोई लेना देना नहीं है. 

राज्य सरकार के कोरोना रोकने के प्रयास कैसे होंगे सिद्ध:
ऐसे में राज्य सरकार जो कोरोना की चैन को तोड़ने के लिए नित नए प्रयास कर रही है और लगातार लोगों को जागरूक रहने, घरों से बाहर नही निकलने की अपील कर रही है वो सरकारी मशीनरी की उदासीनता के चलते कभी सफल नही पाएगी.  ऐसे में मौके पर उनकों केवल हल्की सी सलाह देकर रवाना कर दिया जा रहा है. आखिर सरकारी मशीनरी कब तक ऐसे ही कार्य करती रहेगी. 

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