किससे है दुनिया की एक तिहाई आबादी को खतरा

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/06 02:20

जयपुर :एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है विश्व की एक-तिहाई आबादी पर तपेदिक यानी टीबी का खतरा मंडरा रहा है.यूरोपियन रेसपिरेटरी जर्नल में प्रकाशित हुए अध्ययन में बताया गया है कि विश्व में हर चार में से एक व्यक्ति के शरीर में टीबी का बैक्टीरिया मौजूद है इसे क्षय रोग भी कहा जाता है यह सबसे घातक संक्रामक रोग है यह माइक्रोबैक्टीरियम ट्यूबरकोलोसिस नामक बैक्टीरिया से होता है, जिससे हर साल लगभग 10 मिलियन लगभग एक करोड़ लोग प्रभावित होते हैं वैज्ञानिकों ने अपने नए अध्‍ययन में पाया है कि टीबी से हर साल लगभग दो मिलियन तकरीबन 20 लाख लोगों की मौत हो जाती है.हालांकि उन्‍होंने यह भी कहा है कि कई अन्य लोग भी इसके बैक्टीरिया से ग्रसित होते हैं, लेकिन उन्हें सक्रिय टीबी नहीं होती है यह अध्ययन 3,51,811 लोगों पर किए गए परीक्षणों पर आधारित है विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने साल 2035 तक दुनिया से टीबी खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित किया है.

टीबी है संक्रामक बीमारी 
टीबी आम तौर पर फेफड़ों पर हमला करता है, लेकिन यह शरीर के अन्य भागों को भी प्रभावित कर सकता हैं जब टीवी ग्रसित व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है तो उसके साथ संक्रामक ड्रॉपलेट न्यूक्लिआइ उत्पन्न होता है जो कि हवा के माध्यम से किसी दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है। ये ड्रॉपलेट न्यूक्लिआइ कई घंटों तक वातावरण में सक्रिय रहते हैं  इसलिए टीबी मरीजों को चाहिए कि वह जब भी खांसे तो कपड़े या रुमाल का प्रयोग करें.

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