क्यों है दुनिया खतरे में, अमेजन के जंगल की आग है खतरे की घंटी

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/24 12:24

 ब्राज़ील :दुनिया को 20% ऑक्सिजन देनेवाले अमेजन की आग का संकट वैश्विक चिंता का विषय है.दुनिया का फेफड़ा कहे जाने वाले अमेजन के जंगलों में इन दिनों भीषण आग लगी हुई है ब्राजील के वर्षा वनों में पिछले दो हफ्ते से लगी यह आग ब्राजील के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी जैसा है.अमेजन कें जंगलों में लगी आग के बाद से पूरे विश्व में एक बार फिर जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण सुरक्षा का मुद्दा हावी हो गया है. इस आग के लिए ब्राजील के राष्ट्रपति खास तौर पर एक एनजीओ को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। ब्राजील के प्रेजिडेंट के ऊपर पर्यावरण सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया गया है

अमेजन के जंगलों में लगी आग को लेकर वैश्विक स्तर पर खींचतान की नौबत आ गई है.दुनिया का फेफड़ा कहे जानेवाले इन जंगलों में लगी आग को लेकर देश के दक्षिणपंथी राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो आलोचकों के निशाने पर हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रपति बोल्सोनारो का दावा है कि उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए एक एनजीओ ने जान-बूझकर आग लगाई है.बोल्सोनारो खास तौर पर पश्चिमी देशों पर निशाना साध रहे हैं और उनका कहना है कि आग को जबरन मुद्दा बनाया जा रहा है ताकि ब्राजील के आर्थिक विकास की गति को बाधित किया जा सके. दुनिया को 20% ऑक्सिजन देनेवाले अमेजन की आग का संकट क्यों वैश्विक चिंता है

विश्व के कुल रेनफॉरेस्ट क्षेत्र का आधे से अधिक हिस्सा अकेले अमेजन के जंगल हैं

अमेजन के जंगलों का क्षेत्र 5.5 मिलियन स्क्वॉयर किमी. है जो भारत के कुल क्षेत्रफल से अधिक है 

यह पूरी पृथ्वी के करीब 4% क्षेत्र में फैला हुआ है 

विश्व के करीब 60% रेनफॉरेस्ट हिस्सा अकेले अमेजन जंगलों में है

अमेजन के जंगलों में बढ़ती आग बड़ी चिंता 
2019 में अब तक 74000 बार इन जंगलों में आग लग चुकी है। 2013 से आग लगने की घटनाओं में दोगुनी रफ्तार से वृद्धि

ब्राजील की नैशनल इंस्टिट्यूट फॉर स्पेस रिसर्च के सैटलाइट डेटा के अनुसार, 2018 में आग लगने की घटनाओं में 84% की वृद्धि देखी गई

नासा का कहना है कि इस साल आग लगने की घटनाएं अभी तक औसत से कम रही हैं

आग के कारण दिख रहे हैं व्यापक प्रभाव 
कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि साओ पाउलो के करीब 2,700 किमी. तक के आकाश में इस आग के कारण काला धुआं बढ़ गया। कुछ मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पराग्वे से आ रहे धुएं के कारण भी आसमान पर काला गुबार छा गया है

आम तौर पर शुष्क मौसम में जंगल में आग लगने की घटनाएं होती हैं कई बार जान-बूझकर भी जंगलों में आग लगाई जाती है ताकि उस जमीन का प्रयोग खेती के लिए किया जा सके

ब्राजील के आईएनपीई का कहना है कि आग लगने की घटनाओं में वृद्धि अस्वाभाविक परिस्थितियों के कारण हो रही है.सामान्य मौसम में औसत से थोड़ी ही कम बारिश होने के बाद भी आग लगने की घटना हुई है
 

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