हिरणों की मौत पर वन्य जीव प्रेमियों में रोष

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/08/07 03:36

जोधपुर: बारिश के मौसम में कुत्तों द्वारा काटे जाने व अन्य कारणों से चिंकारा प्रजाति के हिरणों की मौत पर वन्य जीव प्रेमियों ने रोष जताया. उन्होंने उप वन संरक्षक वन्यजीव प्रभाग के अधीनस्थ संचालित वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर पर अव्यवस्था लेकर प्रदर्शन किया. पिछले चौबीस घंटे इलाज के दौरान यहां करीब 15 मृत चिंकारों के शवों को बिना मौका पंचनामा व दुर्गति करने से नाराज विश्नोई टाईगर फोर्स के कार्यकर्ताओं ने हिरणों के अपमानजनक तरीकों से अंतिम संस्कार प्रक्रिया पर आपत्ति करते हुए विरोध किया. 

पंद्रह से अधिक हिरणों की हुई मौत: 
पिछले दिनों बारिश के मौसम में कुत्तों द्वारा काटे जाने व अन्य कारणों से घायल हिरणों को माचिया सफारी पार्क के रेस्क्यू सेंटर में भर्ती करवाया गया था. इसमें से करीब पंद्रह से अधिक हिरणों की मौत हो गई. ये हिरण चिंकारा प्रजाति के बताए गए है. इन मौतों पर विश्नोई टाइगर फोर्स के अध्यक्ष रामपाल भवाद सहित अन्य वन्य जीव प्रेमियों ने रोष जताया और चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया.

उचित कार्यवाही नहीं करने का आरोप: 
उन्होंने मौके पर उप वन संरक्षक महेश चौधरी को बुलाकर स्थिति से अवगत करवाते हुए हिरणों की मौत पर उचित कार्यवाही नहीं करने का आरोप लगाया. भवाद ने जिले में घायल वन्यजीवों के रेस्क्यू करने व शिकार प्रकरणों की रोकथाम करने के लिए अलग से उप वन संरक्षक पदस्थापना करने की मांग की. साथ ही इलाज के दौरान मृत चिंकारा, कृष्ण मृगों का अन्तिम संस्कार विधिवत् करने के लिए अलग से वाहन व कर्मचारी नियुक्त करने की मांग की.

किसानों ने खेतों की रखवाली के लिए पाल रखे कुत्ते: 
इधर वन्य जीव चिकित्सक डॉ. श्रवणसिंह का कहना है कि बारिश के दौरान मिट्टी गीली हो जाती है वहीं खेतों में बुवाई भी की जाती है. ऐसे में हिरण गीली और खुदी हुई मिट्टी में भाग नहीं पाता है जिससे वह कुत्तों के शिकार हो रहे है. हालांकि किसानों ने भी खेतों की रखवाली के लिए कुत्तों का पाल रखा है. वहीं खेतों के चारों तरफ कांटेदार तारों से भी बाड़ाबंदी की गई है. इससे भी हिरण घायल हो रहे है. उन्होंने बताया कि इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों से कुत्तों से घायल होकर प्रतिदिन करीब पंद्रह चिंकारा आ रहे है जिनमें से 30 प्रतिश ही बच पाते है. स्थानीय ग्राम पंचायत व निकायों को वन्य जीव बाहुल्य क्षेत्रों से आवारा कुत्तों की जनसंख्या कम करने के सार्थक प्रयास करने चाहिए.

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