अलीगढ़ (उप्र) उत्तर प्रदेश: महिला पुलिस अधिकारी भी नहीं रही सुरक्षित, पुलिस इंस्पेक्टर ने ही किया उसकी इज्जत को तार-तार

उत्तर प्रदेश: महिला पुलिस अधिकारी भी नहीं रही सुरक्षित, पुलिस इंस्पेक्टर ने ही किया उसकी इज्जत को तार-तार

उत्तर प्रदेश: महिला पुलिस अधिकारी भी नहीं रही सुरक्षित, पुलिस इंस्पेक्टर ने ही किया उसकी इज्जत को तार-तार

अलीगढ़ (उप्र): जब आम लोगों पर कोई मुसीबत आती है तो वह सीधे पुलिस के पास जाता है और उससे मदद की गुहार लगाता है, लेकिन जब पुलिस पर पर ही किसी महिला के साथ बलात्कार करने का आरोप लगे तो आम लोगों का तो पुलिस पर से विश्वास ही उठ जाएगा. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है उत्तर प्रदेश में. यहां अपराध शाखा में तैनात एक पुलिस निरीक्षक को एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) का बलात्कार करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी.

आरोप लगने के बाद निरीक्षक को किया निलंबितः 
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुनिराज ने बताया कि निरीक्षक राकेश यादव को शुक्रवार को निलंबित किया गया. उनके खिलाफ बलात्कार का आरोप लगने के बाद यह कार्रवाई की गई. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राकेश दहेज उत्पीड़न के एक मामले की जांच कर रहे थे. यह मामला महिला एसपीओ के परिजनों ने उसके ससुराल वालों के खिलाफ 2018 में सासनी पुलिस थाने में दर्ज कराया था. उन्होंने बताया कि 29 अक्टूबर को पुलिस निरीक्षक ने महिला एसपीओ से दहेज जुड़े कुछ दस्तावेज मांगे. निरीक्षक ने महिला एसपीओ को थाने बुलाने के बजाए कथित तौर पर एक होटल में बुलाया.

होटल बुलाकर निरीक्षक ने किया बलात्कारः
अधिकारियों ने बताया कि महिला एसपीओ का आरोप है कि जब वह होटल पहुंची तब निरीक्षक ने उसके साथ बलात्कार किया और उसे यह धमकी दी कि इस बारे में किसी को बताने पर उसे इसके अंजाम भुगतने होंगे. उन्होंने बताया कि कई दिनों तक पीड़िता डर से चुप रही, लेकिन जब पुलिस निरीक्षक उन्हें फोन कर लगातार धमकाने लगा तब उन्होंने (महिला एसपीओ ने) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस मामले की शिकायत करने का फैसला किया. मुनिराज ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि घटना के सिलसिले में कुवरासी पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया गया है और फरार पुलिस निरीक्षक की तलाश की जा रही है.
सोर्स भाषा
 

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