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अधिकारियों पर मानसिक परेशान करने का आरोप लगा महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या

अधिकारियों पर मानसिक परेशान करने का आरोप लगा महिला कांस्टेबल ने की आत्महत्या

सांचौर(जालोर)। सांचौर पुलिस थाने में महिला कांस्टेबल गीता द्वारा सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला कांस्टेबल के मोबाइल से सुसाइड नोट मिला, जिसमें महिला कांस्टेबल ने मोबाइल में थानाधिकारी पुष्पेन्द्र व एक महिला कांस्टेबल पर ड्यूटी के नाम पर मानसिक परेशान करने का आरोप लगाते हुए अपने भाई को भेजा था। महिला कांस्टेबल ने सुसाइड करने से पहले डीएसपी ओमप्रकाश उज्जवल से भी फोन पर बात कर शिकायत की थी। 

शव को सरकारी अस्पताल के मोर्चरी में रखवाया जिसमें परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया। अभी भी शव बिना पोस्टमार्टम के मोर्चरी में रखा हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मामले के बाद सांचौर थानाधिकारी पुष्पेंद्र को तत्काल थाने से हटा दिया गया, लेकिन एसपी केसरसिंह ने अभी तक पुष्टि नहीं की है वहीं मामले में जांच की बात कही है ।  

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सांचौर क्षेत्र में अनार की हो रही क्षेत्र में अच्छी पैदावार, उचित दाम नहीं मिलने से किसान निराश

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सांचौर(जालोर): जिले के सांचौर क्षेत्र में अनार की अच्छी पैदावार हो रही है. वहीं अनार की खेती में किसान रूचि भी ले रहे, लेकिन किसानों का बड़ा दर्द है कि किसानों को सही दाम नहीं मिल रहे है.  

किसानों को अनार का सही मूल्य नहीं मिल रहा: 
जालोर के सांचौर क्षेत्र में इन सालों में अनार की खेती को लेकर किसानों में जागरूकता बढ़ी है. वहीं क्षेत्र की जमीन भी अनार की अच्छी पैदावार कर रही हैं, जिसको लेकर क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान अनार की खेती कर रहे हैं. किसान कई किस्मों की अनार की खेती कर रहे हैं जिससे अनार की अच्छी पैदावार के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव आया है. वहीं सांचौर क्षेत्र का प्रसिद्ध अनार प्रदेश के साथ ही दिल्ली सहित कई राज्यों में बिक्री के लिए जा रहा है लेकिन किसानों का बड़ा दर्द है कि किसानों को अनार का सही मूल्य नहीं मिल रहा जबकि किसान अनार की खेती में पूरी मेहनत करते हैं. अच्छा दाम नहीं मिलने से किसान निराश हो जाते हैं, धीरे-धीरे पहली बार में अनार की खेती को लेकर जागरूकता के साथ किसानों की संख्या तो बढ़ी लेकिन अब किसानों की संख्या लगभग स्तर सी हो गई है क्योंकि अनार के अच्छे दाम नहीं मिलने के चलते किसानों को 18 रूपये से लेकर 25 रूपये के दाम में अनार को बेचना पड़ता है. आसपास में अनार का स्टोरेज को लेकर सुविधा नहीं होने से अधिक समय तक अनार रखने से खराब हो जाते है जिसके चलते कम दाम में अनाज बेचने के सिवाय किसानों के आगे कोई रास्ता नहीं हैं.  

सरकार अपने स्तर पर अनार की खरीद की मंडी की सुविधा करें: 
किसान अनार की अच्छी पैदावार के साथ ही लंबे समय से अनार की बिक्री के लिए सरकारी स्तर पर खरीद को लेकर मंडी की सुविधा को लेकर मांग कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार अपने स्तर पर अनार की खरीद की मंडी की सुविधा करें ताकि सरकार मंडी के जरिए किसानों से अनार खरीदें जिससे किसानों को अनार का सही दाम मिल सके. वहीं किसानों को अनार का पूरा मेहनताना भी मिले और सरकार कृषि विभाग से भी किसानों को जोड़ें ताकि किसानों को अनार की खेती में आ रही दिक्कतों और जिन दवाइयों का प्रयोग हो सके उनकी सलाह भी कृषि विभाग के अधिकारी तकनीकी आधार पर दें ताकि किसानों को आसानी हो.  

...लूणाराम दर्जी फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जालोर

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