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मजदूर का छलका दर्द..! पांव में दर्द इतना, लेकिन घर पर बैठे बच्चों की याद कदम रूकने नहीं देती  

 मजदूर का छलका दर्द..! पांव में दर्द इतना, लेकिन घर पर बैठे बच्चों की याद कदम रूकने नहीं देती  

सरदारशहर: कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन किया गया है, ऐसे में मजदूरों के सामने समस्या उत्पन्न हो गई. जाना है गांव, लेकिन साधन नहीं है. ऐसे में कोसों दूर का सफर पैदल ही तय कर रहे है. ऐसा ही मामला प्रदेश के चूरू जिले के सरदारशहर में  सामने आया है. जहां पर तपती गर्मी में, पांव में छाले पड गए. सिर पर भारी-भरकम वजन, गोद में बच्चे को उठाए हुए और सफर कई किलोमीटर का तय करके लोग अपनी मंजिल की ओर पहुंच रहे है.

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40 डिग्री के तापमान में पैदल ही सफर:
लोकडाउन की वजह से मजदूर वर्ग की यही हालत नजर आ रहे है जहां एक और कोटा में पढ़ने वाले छात्रों को सरकार घर भेजने की पूरी व्यवस्था कर रही है, वहीं यह मजदूर 40 डिग्री तापमान में पैदल ही अपने घरों की ओर आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन मजदूरों की कोई नहीं सुनने वाला, आज एक ऐसा ही नजारा सरदारशहर में नजर आया, जहां पर करीब एक दर्जन से अधिक एक ही परिवार के लोग बीकानेर जिले से 100 किमी आगे से चलकर सरदारशहर पहुंचे, अब तक इन्होंने 300 किमी का सफर तय कर लिया है, लेकिन अब इनकी हालत खराब होती जा रही है, इनके पांव में छाले पड चुके हैं और गर्मी से हाल बेहाल है, इन परिवार का कहना कि यह बीकानेर जिले में चना कटाई के लिए आये थे. यह बच्चों को घर पर छोड़कर आए थे. लेकिन अब बच्चों की याद इन्हे रूकने नहीं देती है.

पांव में इतना दर्द..:
लोकडाउन की वजह से पिछले एक महिने से वाहन बंद है. ऐसे में वह पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे हैं, सरदारशहर पहुंचने तक यह लोग 300 किमी का सफर तय कर चुके हैं और आगे भी 300 किमी का सफर बाकी है. इस परिवार को हरियाणा राज्य के हिसार जिले से लगभग 50 किमी और आगे तक जाना है. जब इन लोगों ने बताया कि इन्हें भूखा प्यासा तो नहीं रहना पड़ता, क्योंकि कुछ लोग इन्हें खाना पानी चाय की अच्छी व्यवस्था करवा देते हैं. लेकिन पांव में दर्द इतना है कि अब चला नहीं जाता, लेकिन घर पर बैठे बच्चों की याद इनके कदम रूकने नहीं देती है. 

मजबूरी के आगे सूख जाते हैं आंखों के आंसू:
इन लोगों ने बताया कि पुलिस जहां भी मिलती है उन्हें खाने-पीने का पूछती है ओर वहीं रुकने का बोलती है, लेकिन बच्चों से मिलने की गुहार लगाकर वह वहां से निकल पड़ते हैं इन्होंने बताया कि पिछले 7 दिन से वह लगातार चल रहे हैं पहले तो आंखों में आंसू आ जाते थे लेकिन अब आंसू भी सूख चुके हैं, खैर अब देखने वाली बात यह है कि जिस तरह से कोटा में पढ़ने वाले छात्रों की सरकार ने मदद की और उन्हें उनके घर तक पहुंचाया शायद खबर चलने के बाद सरकार इनकी ओर ध्यान दें तो इन्हें आगे और पैदल ना चलना पड़े और यह परिवार सकुशल अपने घर पहुंच जाए.

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चूरू: अमूमन दाम्पत्य जीवन की शुरुआत के वैवाहिक कार्यक्रम में वर-वधु सात फेरे लेते हैं लेकिन जिले में एक ऐसी अनोखी शादी के लोग साक्षी बने जहां वर-वधु ने सात फेरे के बाद आठवां फेरा लिया. यह फेरा पृथ्वी और प्रकृति को बचाने, पर्यावरण सुरक्षा का संदेश के लिए था. इससे पहले दोनों ने एक दूसरे को वरमाला डालने के बाद पौधे भी भेंट कर समाज को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया. 

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एक-दूसरे को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जनमानस को दिया: 
कृषि विभाग में कार्यरत पड़िहारा निवासी धनराज ढिल्लो के लड़के हर्षवर्धन सिंह ढिल्लो का विवाह छापर निवासी पूर्णा राम की पुत्री कान्ता के साथ हुआ. मंच पर वर-वधु ने एक दूसरे को वरमाला पहनाने के साथ ही एक-दूसरे को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश जनमानस को दिया. मंच पर परिवार के सदस्यों ने जल सरक्षण, वायु प्रदूषण, स्लोगन लिखे पोस्टर हाथ मे लेकिन सन्देश दिया व दूल्हा दुल्हन ने पौधा भेंट किया. 

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पृथ्वी और प्रकृति को बचाने के लिए एक अतिरिक्त आठवां फेरा लगाया:
हरियाली के महत्व को समझने वाले दोनों परिवारों का क्षेत्र की पर्यावरण संरक्षण पर कार्य करने वाली संस्थान समर्पण सेवा संस्थान रतनगढ़ से जुड़े हुये है. इसके साथ ही जब फेरों की बारी आई तो वैवाहिक बंधन में बंधने वाले वर-वधु ने सात फेरों के बाद पर्यावरण को बचाने के महान उद्देश्य को लेकर पृथ्वी और प्रकृति को बचाने के लिए एक अतिरिक्त आठवां फेरा लगाया. उन्होंने प्रत्येक वर्षगांठ और अन्य संस्कारों में भी पौधे लगाने की शपथ ली. इस कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष विरेन्द्र सैन, सुरेश गोड़, जीवन प्रजापत, अशोक पारीक उपस्थित थे. 

...चूरू से फर्स्ट इंडिया के लिए संजय प्रजापत की रिपोर्ट
 

ज्ञान डिग्रियों का मोहताज नहीं ! ये साबित कर दिखाया महज 8वीं कक्षा तक पढ़े लिखे सुरेंद्र कटेवा ने

रतनगढ़: चूरू के रतनगढ़ का सुरेंद्र कटेवा जो अपने-आप में गूगल है, इनके पास कागज की डिग्रियां नहीं है लेकिन जुबान पर सरस्वती विराजती है. 80 सेकंड में बता देते है दुनिया के 206 देशों के नाम और भी अपार ज्ञान का रियल टेस्ट किया फर्स्ट इंडिया से संजय प्रजापत ने. कहते है ज्ञान डिग्रियों का मोहताज नहीं होता है. कुछ ऐसा ही साबित कर दिखाया है रतनगढ़ के लाल सुरेंद्र कटेवा ने.

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विश्व के सभी देशों के नाम याद:
महज 8 वीं कक्षा तक पढ़े सुरेंद्र कटेवा का ज्ञान का भंडार कुछ इस प्रकार से हैं कि उनके सामने बड़े से बड़े डिग्री धारी विद्वान भी बोने नजर आते हैं. 32 वर्षीय रतनगढ़ के सुरेंद्र कटेवा खेती-बाड़ी का कार्य करते हैं लेकिन ज्ञान अर्जित करने की ललक कुछ ऐसी लगी कि आज इनको विश्व के सभी देशों के नाम याद है.

आठवीं कक्षा तक पढ़े लिखे हैं सुरेंद्र कटेवा:
देश की सभी राजधानियां, जिले और जिलों की खूबियां सभी का ज्ञान इनके पास है. पलक झपकते ही कटेवा देश के किसी भी जिले की पूरी हिस्ट्री बता देते हैं. साथ ही साथ प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और वैज्ञानिक उपकरण का भी भरपूर ज्ञान है. विश्व के किसी भी देश की विशेषता आप सुरेंद्र कटेवा से पूछ सकते हैं. महज 80 सेकंड में सुरेंद्र कटेवा दुनिया के सभी देशों के नाम बता देते हैं. विशेष बात यह है कि सुरेंद्र  आठवीं तक ही पढ़े लिखे हैं, लेकिन ज्ञान अर्जित करने की लग्न में सुरेंद्र कटेवा ने दिन रात मेहनत की और आज अपने ज्ञान के दम पर आसपास के क्षेत्र में एक अलग पहचान बना ली है.

पेट्रोल-डीजल के बढ़े हुए दामों का विरोध, एनएसयूआई के छात्रों ने किया अनोखा प्रदर्शन

टिड्डी दलों ने चट की कपास और मूंगफली की पूरी फसल, किसानों ने जमीन पर लेटकर जताया विरोध, मुआवजे की मांग की

टिड्डी दलों ने चट की कपास और मूंगफली की पूरी फसल, किसानों ने जमीन पर लेटकर जताया विरोध, मुआवजे की मांग की

सरदारशहर: सरदारशहर तहसील में पिछले एक हफ्ते में बड़ी संख्या में आये टिड्डी दलों ने नरमा, कपास और मूंगफली की फसलों को पूरी तरह चट कर दिया है. जिसके चलते मानो किसानों की कमर टूट गई हो. टिड्डी दल के आने की पहले से सूचना होने के बावजूद भी प्रशासन की ओर से इनको रोकने की किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिससे किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इसी कड़ी में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान एसडीएम ऑफिस पहुंचे. 

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किसानों ने जताया विरोध:
आक्रोशित किसान उपखंड अधिकारी कार्यालय में जमीन पर लेट गए और अपना विरोध प्रकट किया. किसानों ने उपखंड अधिकारी रीना छिंपा को ज्ञापन सौंपकर टीडी दल से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलवाने और लगातार आ रहे टीडी दल पर नियंत्रण करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने बताया की बड़ी संख्या में आ रहे टीडी दल को मारने के लिए ट्रैक्टर या यहां पर उपलब्ध उपकरण निष्क्रिय साबित हो रहे हैं अगर इन टिड्डी दलो को मारना है तो हेलीकॉप्टर या हवाई जहाज के जरिए इनको मारा जा सकता है इसलिए सरकार को जल्द से जल्द हवाई मार्ग से इन टिड्डी दलों को नष्ट करना चाहिए.

पहले मौसम की मार से तबाह हुई थी फसलें:
किसानों ने बताया कि किसान पहले से दुखी है पहले बिन मौसम हुई ओलावृष्टि और फिर कोरोना के चलते मजदूर नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान हुआ और फिर जब किसानों की फसल पक चुकी थी उस समय बिन मौसम हुई बारिश ने भी किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है और अब टिड्डी दलों ने किसानों की नरमे कपास और मूंगफली की फसल को 100 प्रतिशत नष्ट कर दिया है. गौरतलब है कोरोना जैसी वैश्विक महामारी में किसानों ने अपने अन्य के भंडार खोल दिए थे जिससे राज्य सरकार व केंद्र सरकार को बहुत बड़ा संबल प्राप्त हुआ था लेकिन अब किसानों पर टिड्डी रूपी महा संकट आ खड़ा हुआ है जिस की ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए जिससे किसान आगे आने वाली सावनी की फसल को बुवाई कर सके.

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12वीं की परीक्षा देने आई छात्रा का अपहरण,गाड़ी में सवार होकर आए थे अपहरणकर्ता

चूरू: दिनदहाड़े एक छात्रा का अपहरण का मामला सामने आया है. यह मामला प्रदेश के चूरू जिले के रतनगढ़ का है, जहां पर 12वीं की परीक्षा देने आई छात्रा का अपहरण हो गया. यह छात्रा सेठ बंशीधर जालान स्कूल में परीक्षा देने के लिए आई थी. अपहृत छात्रा रतनगढ़ के वार्ड-11 निवासी बताई जा रही है. परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस ने क्षेत्र में नाकाबंदी कराई है. अपहरणकर्ता गाड़ी में सवार होकर आए थे.

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थाने में रिपोर्ट दर्ज:
चूरू के रतनगढ़ में 12वीं की छात्रा का अपहरण प्रकरण में दादा की रिपोर्ट पर मामला दर्ज हुआ है. रतनगढ़ निवासी युवक गगन सहित 4 लोगों पर आरोप लगाया है. वार्ड-11 निवासी 20 वर्षीय छात्रा परीक्षा देने आई थी, उसी वक्त छात्रा का अपहरण हो गया. पुलिस ने जिले भर में नाकाबंदी कराई है. 

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10वीं पास साइकिल की दुकान वाले ने बना डाला ब्लड डॉनर ग्रुप, 10 महीने में ही जुड़ गए 12000 हजार रक्तवीर

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चूरू: मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर 
   लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया...............

इन शब्दों को चरितार्थ करते हुए मात्र दसवीं पास चूरू के साइकिल की दुकान वाले अमजद तुगलक शहर में रक्तदान की एक मिसाल पेश कर रहे हैं. रक्त की कमी से जहां देश में लाखों लोग असमय मृत्यु को प्राप्त हो जाते हैं. ऐसे दौर में ऐसे रक्त वीरों की खास जरूरत है, क्योंकि ये खून का रिश्ता सगे खून के रिश्तों से भी अहम है. 

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ग्रुप में पोस्ट से शुरुआत का नतीजा देख मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स: 
स्वयं बामुश्किल मिलने वाले A पॉजिटिव ग्रुप के अमजद ने अनजान व्यक्ति को अपना 1 यूनिट ब्लड देने व 2 यूनिट और की जरूरत के लिए एक ग्रुप में पोस्ट से शुरुआत की जिसका नतीजा 2 घण्टे में ही 257 लोगों ने रक्त देने की पेशकश कर डाली, जबरदस्त रिस्पॉन्स देख उन्होंने निशुल्क रक्तदान के लिए अपना चूरू हेल्पलाइन नाम से वाट्सएपग्रुप बना डाला लेकिन वॉट्सऐप ग्रुप में मेम्बर ज्यादा होने और ग्रुप और चूरू हेल्पलाइन पेज के माध्यम से महज 10 महीने में 12 हजार युवा जुड़ने से ये सब ऑनलाइन शुरू कर दिया और अब रक्तदान के लिए हर वक्त बगैर कोई विचार किए एक फोन पर अनजानों को ब्लड देने दौड़ पड़ते हैं. जरूरत किसी को भी हो, इन्हें तो बस जिंदगी बचाना है.  

रक्त के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए: 
ग्रुप मेम्बरों की माने तो इनका बस एक ही लक्ष्य है रक्त के अभाव में किसी की जान नहीं जानी चाहिए और रक्त के लिए कोई ब्लड बैंक से खाली ना जा सके. 18 से 45 साल के युवाओं द्वारा बनाई गई ये ऑनलाइन ग्रुप नि:स्वार्थ भाव से इस सेवा अभियान में जुटी है. बस जहां से कहीं सूचना मिली और मरीज जरूरतमंद लगा ये ब्लड डोनेट कराने में देर नहीं लगाते. 

अब 12 हजार सक्रिय रक्तदाता संस्था के पास मौजूद: 
ग्रुप को शुरू करने वाले अमजद का एक जरूरतमन्द से ब्लड देने के बाद इस काम में तन्मयता से जुटने का मन हुआ. बस तब से चूरू हेल्पलाइन ने ठाना कि किसी घर का चिराग या किसी की जिंदगी इस कारण न जा पाये. तब से ही युवाओं को जोड़ा और अब 12 हजार सक्रिय रक्तदाता संस्था के पास मौजूद हैं. वहीं 2000 से अधिक लोग सूचीबद्ध हैं. जो जरूरत लगने पर डोनेट को तैयार रहते हैं. 

सूचना मिलते ही वाट्सएप ग्रुप में किया जाता शेयर:
चूरू हेल्पलाइन के सक्रिय रक्तदाताओं की लिस्ट में स्टूडेंट, व्यापारी, अभिभाषक, किसान, पुलिसवाले और लड़कियां तक शामिल हैं. जिसको भी जहां से सूचना लगती है वे वाट्सएप ग्रुप में शेयर करते हैं और संबंधित रक्त ग्रुप वाले से संपर्क कर डोनेशन कराया जाता है. कई बार जब ब्लड बैंकों में उपलब्धता होती है तो अन्य ग्रुप का ब्लड भी वहां डोनेट कर दिया जाता है. 

संस्था के युवाओं का जुनून काबिले तारीफ: 
संस्था के युवाओं का जुनून काबिले तारीफ है. चूरू के अलावा कहीं से भी बीकानेर, सीकर या जयपुर के अस्पताल में ब्लड की जरूरत का संदेश मिलता है तो उस शहर में ग्रुप से जुड़ा युवा वहां खुद के ही खर्च से वहां चले जाते हैं. अब तक काफी बार ऐसा हुआ है. जब युवाओं ने अपने खर्चे पर जरूरत की जगह जाकर वहां किसी अनजाने को ब्लड दिया. बारिश में भी इस काम को पूरा करने से ये नहीं चूके. 

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सोशल मीडिया बना मजबूत सहारा: 
चूरू हेल्पलाइन रक्तदाताओं के अनुसार सोशल मीडिया भी इस क्षेत्र में काम करने के लिए मजबूत सहारा बना है. कई बार यदि कोई ब्लड ग्रुप मिलने में दिक्कत होती है तो संस्था के फेसबुक पेज, वाट्सएप ग्रुप व अन्य माध्यमों से संदेश प्रचारित किया जाता है. जिसमें मरीज के अटेंडर का नंबर भी रहता है. इसके जरीए भी कई लोगों की जरूरत पूरी हो जाती है. हालांकि, इस तरह के संदेश कई अन्य संस्थाओं व सामाजिक लोगों द्वारा भी मदद ली जाती और दी भी जाती हैं. 

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महिला डॉक्टर ने मुस्लिम समुदाय का इलाज न करने की व्हाट्सएप ग्रुप में कही बात, तीन नामजद के खिलाफ मामला दर्ज

महिला डॉक्टर ने मुस्लिम समुदाय का इलाज न करने की व्हाट्सएप ग्रुप में कही बात, तीन नामजद के खिलाफ मामला दर्ज

सरदारशहर(चूरू): डॉक्टर को धरती का भगवान कहा जाता है और कहा भी जाना चाहिए  क्योंकि एक मरते हुए व्यक्ति को डॉक्टर ही बचा सकता है, लेकिन  सरदारशहर की एक महिला डॉक्टर द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में मुस्लिम समुदाय का इलाज न करने की बात सामने आई है और यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर अब जमकर वायरल हो रहे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुई चैट मामले में सरदारशहर पुलिस ने कड़ा एक्शन लिया है. पुलिस ने महिला डॉक्टर भगवती सहित तीन नामजद के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

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मुस्लिम समुदाय का इलाज न करने की व्हाट्सएप ग्रुप में बात कही: 
महिला डॉक्टर तारानगर तहसील के बुचावास गांव में राजकीय स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत है जबकि इनके पति सरदारशहर के ताल मैदान स्थित निजी हॉस्पिटल में डॉक्टर है  जानकारी के अनुसार सरदारशहर की एक महिला डॉक्टर ने मुस्लिम समुदाय का इलाज न करने की व्हाट्सएप ग्रुप में बात कही थी BARDIA RISE नाम के वॉट्सऐप ग्रुप की आपत्तिजनक चैट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. कथित ग्रुप की चैट्स पर हिंदू-मुस्लिम को लेकर भी कई तरह की भड़काऊ बातें हैं इस मामले में राजस्थान मुस्लिम परिषद के जिला अध्यक्ष मकबूल खान ने पुलिस को मामले से अवगत करवाया था, जिसके बाद  सरदारशहर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है. थाना अधिकारी महेंद्र दत्त शर्मा ने बताया कि व्हाट्सएप ग्रुप में चैट करने वाली महिला डॉ सहित तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है. 

मैसेज में लिखा- मुस्लिम पेशेंट को देखना ही बंद करवा दो:
ये कथित चैट BARDIA RISE नाम के वॉट्सऐप ग्रुप की हैं. इनमें एक में लिखा है. कल से मैं मुस्लिम पेशेंट का एक्स-रे नहीं करूंगा. ये मेरी शपथ है. इसी शख्स ने एक और मैसेज में लिखा- मुस्लिम पेशेंट को देखना ही बंद करवा दो. कथित ग्रुप की चैट्स पर हिंदू-मुस्लिम को लेकर भी कई तरह की भड़काऊ बातें हैं. एक मैसेज में लिखा है कि सरदारशहर में केवल मुस्लिम कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. एक में लिखा है कि अगर हिंदू पॉजिटिव होते हैं, मुस्लिम डॉक्टर होता तो हिंदुओं को कभी नहीं देखते. मैं नहीं देखूंगी मुस्लिम ओपीडी. बोल देना मैडम हैं ही नहीं यहां. 

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मेसेजेस के लिए माफी मांगी:
हालांकि चैट वायरल होने के बाद सरदारशहर के श्रीचंद बराडिया रोग निदान केंद्र के डॉक्टर सुनील चौधरी ने खुद की और स्टाफ की तरफ से फेसबुक पोस्ट के जरिए इन मेसेजेस के लिए माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल के स्टाफ का मकसद किसी धार्मिक समुदाय की भावनाओं को आहत करना नहीं था. एक समुदाय का इलाज ना करने का इरादा था. लेकिन फिर भी बुरा लगा इसके लिए मैं और मेरा पूरा हॉस्पिटल स्टाफ आप सबसे क्षमाप्रार्थी हैं. आपको विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में हमारे हॉस्पिटल की तरफ से किसी प्रकार की शिकायत का आपको मौका नहीं मिलेगा. वहीं अब सोशल मीडिया पर भी डॉ और हॉस्पिटल पर कार्रवाई की मांग उठ रही है सोशल मीडिया पर भी मामले ने तूल पकड़ रखा है. 

पर्यावरण दिवस पर हुआ निकाह, बारातियों ने पौधे लगाकर कायम की मिसाल

पर्यावरण दिवस पर हुआ निकाह, बारातियों ने पौधे लगाकर कायम की मिसाल

चूरू: पर्यावरण दिवस के मौके पर खलीफा समाज ने निकाह के दौरान एक नई मिसाल कायम की है. निकाह में आये सभी 11 बारातियों ने एक-एक पौधा लगाकर जल, जंगल और जमीन को बचाने का संदेश दिया. स्वयं दूल्हे ने पौधा लगाकर एक नई शुरुआत की. 

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विवाह समारोह में केवल 11 बाराती आये:
कोरोना वैश्विक महामारी को देखते हुये विवाह समारोह में दूल्हा पक्ष की ओर से केवल 11 बाराती आये. पूरे समारोह के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना की गई तथा विवाह समारोह में प्रवेश पर ही सभी लोगों के हाथ सेनेटाइज किये गए.  

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया: 
विवाह समारोह में शामिल रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता जमील चौहान ने बताया कि शुक्रवार को हुए समीरा बानो (दुल्हन) और मो.आसिफ (दुल्हा) के निकाह के दौरान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह महत्वपूर्ण संदेश दिया गया. चौहान ने कहा कि विवाह समारोह में सादगी, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह बड़ी पहल की गई है. आने वाले अन्य कार्यक्रमों में भी लोग इससे प्रेरणा लेंगे. उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण की उपेक्षा के कारण आज मानव सभ्यता घोर संकट में है. हमें यह देखना ही होगा कि कैसे हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ को रोकें और पर्यावरण को बचाएं. उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार से जुड़ने के कारण यह निकाह सभी के लिए यादगार हो गया है. 

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शहर काजी ने देश व प्रदेश में खुशहाली के लिये दुवा की:
जिला स्टेडियम के पीछे बादशाह कॉलोनी में लॉकडाउन के नियमों का पालना करते हुए इस शादी समारोह में दूल्हा मो. आसिफ, जमील चौहान के साथ-साथ खादिम भीखू, सब्बीर रामगढिया, अब्दुल गनी, लियाकत अली, इशाक अली भींवसर, जाकिर मुल्ला, नासीर अली, गफ्फार भाटी, पितराम, आरीफ माजूंका, मोहम्मद ताहीर आदि ने भी पौधारोपण किया. इस दौरान शहर काजी ने देश व प्रदेश में खुशहाली के लिये दुवा की.  


 

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