VIDEO: राजस्थान आवासन मंडल की कार्यशाला, रेरा चैलेंज एंड सॉल्यूशंस विषय पर हुई कार्यशाला

VIDEO: राजस्थान आवासन मंडल की कार्यशाला, रेरा चैलेंज एंड सॉल्यूशंस विषय पर हुई कार्यशाला

जयपुर: आवासन मंडल की ओर से अपने कार्मिकों को रेरा कानून व नियमों के प्रशिक्षण के लिए ओटीएस सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई. इस दौरान रियल एस्टेट रेग्युलेटरी ऑथोरिटी,आवासन मंडल,जयपुर विकास प्राधिकरण व नगरीय विकास विभाग के अधिकारियों ने रेरा के नियम व कानून के बारे में विचार मंथन किया. ओटीएस के भगवत सिंह मेहता सभागार में आयोजित इस कार्यशाला के मुख्य अतिथि रियल एस्टेट रेग्युलेटरी ऑथोरिटी के अध्यक्ष एनसी गोयल थे. रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने कहा कि आवासन मंडल की रेरा कानून को लेकर प्रगति काफी प्रशंसनीय है. आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा के आने के बाद आवासन मंडल ने रेरा कानून को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि रेरा कानून के क्रियान्वयन में आवासन मंडल पूरे देश में एक मॉडल बने.

अगर जानकारी छुपाई जाती है तो यह ग्राहक के साथ धोखा:
रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने कहा रेरा कानून का मुख्य उद्देश्य यही है कि प्रमोटर प्रोजेक्ट को लेकर तमाम जानकारी ग्राहक को उपलब्ध कराएं जो अब तक नहीं बताई जाती थी. अगर जानकारी छुपाई जाती है तो यह ग्राहक के साथ धोखा. कई बार प्रमोटर प्रोजेक्ट पूरा करने का टारगेट रखते हैं. इसमें कई बार दिक्कत आती है. रेरा की तरफ से छूट है कि प्रमोटर प्रोजेक्ट पूरे होने की तिथि कितनी ही बाद की बता सकते हैं. रेरा कानून और मंडल पर लागू अन्य कानूनों के कारण उत्पन्न विसंगतियों का आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा की ओर मामला उठाने पर रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने सकारात्मक रूख दिखाया. कुछ विसंगतियों के समाधान को लेकर एनसी गोयल ने अपने संबाेधन में ही सुझाव दे दिए है. मसलन एग्रीमेंट टू सेल को लेकर कहा आवासन मंडल या निकाय जब भी नीलामी से भूमि बेचें तो जो भी प्रारम्भिक राशि चाहे वह 5 प्रतिशत हो 10 प्रतिशत हो या 15 प्रतिशत उसे जमा कराते ही खरीदार से एग्रीमेंट टू सेल पर हस्ताक्षर करा लें. रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने यह भी कहा कि आवासन मंडल की ओर से जो भी विसंगतियां उठाई गई उन्हें जल्द बैठक कर सुलझा लिया जाएगा.

रेरा कानून के कारण लोगों में जागरूकता बढ़ी:
प्रमुख सचिव यूडीएच भास्कर सावंत ने कहा पहले किसी प्रोजेक्ट के लिए 90 बी होना ही पर्याप्त माना जाता था, लेकिन जिस तरह से रेरा कानून के कारण लोगों में जागरूकता बढ़ी है. उसके हिसाब से लोग निवेश करने से पहले प्रोजेक्ट के बारे में पूरी पूछताछ करते हैं. रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल की तारीफ करते हुए उन्होंन कहा कि जब वे मुख्य सचिव थे या अब रेरा चेयरमैन है जब भी कोई समस्या उनके पास आती तो अक्सर वे उसका समाधान तुरंत ही बता देते हैं.जयपुर विकास आयुक्त गौरव गोयल ने कहा कि प्रमोटर आजकल गर्व महसूस करते हैं यह बताते हुए कि उनका प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड है. ग्राहक भी यह पूछताछ करने लगे हैं कि जिस प्रोजेक्ट में वे निवेश करना चाह रहे हैं वह रेरा में रजिस्टर्ड है या नहीं. रेरा कानून अस्तित्व में आने पर अवैध बसावट पर काफी अंकुश लगा है.

आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने सुनाया एक वाकया:
इस दौरान रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल की तारीफ करते हुए आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने कहा जिस तरह से देश का मेट्रो मैन किसी और को कहा जाता है वैसे ही प्रदेश के मेट्रो मैन एनसी गोयल है. प्रदेश में मेट्रो चलाने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने रियल एस्टेट रेग्युलेटरी ऑथोरिटी को जिस तरह से स्थापित किया है वह भी अपने आप में बड़ी उपलब्धि है. पूरे देश में राजस्थान रेरा का नाम है. इस मामले में हम देश में सबसे अच्छे दो तीन राज्यों में आते हैं. रेरा अध्यक्ष की तारीफ में आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने एक वाकया सुनाया. 

आवासन मंडल ने रिकॉर्ड 50 प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड कराएं:
उन्होंने कहा जब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आवासन मंडल के 20 प्रोजेट्स की लॉंचिग करने वाले थे. उससे पहले रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल का खुद उनके पास फोन आया. उन्होंने खुद इन प्रोजेक्ट्स के रेरा रजिस्ट्रेशन के लिए अगले दिन शनिवार के अवकाश पर ऑथोरिटी का कार्यालय खोलने की पेशकश की.आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने कहा कि आवासन मंडल ने रिकॉर्ड 50 प्रोजेक्ट रेरा में रजिस्टर्ड कराए. अब तक 51 प्रोजेक्ट रजिस्टर्ड हो चुके हैं. रेरा कानून और लागू अन्य कानूनों को लेकर उत्पन्न विसंगतियों की तरफ आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने ध्यान आकर्षित किया. आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाईयों के बारे में बताया.

ग्राहक-प्रमोटर दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए किया कानून तैयार: 
इस मौके पर मुख्य नगर नियोजक आरके विजयवर्गीय ने कहा जिस कमेटी ने इस रेरा कानून को तैयार किया था वे खुद उस कमेटी के सदस्य थे. उन्होंने बताया कि ग्राहक व प्रमोटर दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह कानून तैयार किया गया है. मुख्य नगर नियोजक ने रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल की तारीफ करते हुए कहा कि स्थापित ऑथोरिटी को चलाना आम बात है. लेकिन किसी नई ऑथाेरिटी को स्थापित करना है,यह बड़ी उपलब्धि है, जो रेरा अध्यक्ष एनसी गोयल ने हासिल की है.

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