यूपी में मनाया गया विश्व बाघ दिवस, बाघों की संख्या में बढोत्तरी को लेकर जताई खुशी

यूपी में मनाया गया विश्व बाघ दिवस, बाघों की संख्या में बढोत्तरी को लेकर जताई खुशी

 यूपी में मनाया गया विश्व बाघ दिवस, बाघों की संख्या में बढोत्तरी को लेकर जताई खुशी

लखीमपुर खीरी(गोपाल गिरी): उत्तर प्रदेश में बाघों की संख्या में बढोत्तरी को लेकर लखीमपुर खीरी जिले में पार्क प्रशासन के द्वारा बड़े ही हर्षोउल्लास के साथ विश्व बाघ दिवस मनाया गया. इस मौके पर मुख्य वन्य जीव संरक्षक ,फील्ड डायरेक्टर दुधवा संजय पाठक और डीडी मनोज सोनकर के द्वारा बाघ जागरूकता को लेकर साइकिल रैली भी निकाली गई. आपको बता दें पूरे विश्व में प्रतिवर्ष 29 जुलाई को बाघों के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है.'वर्ल्‍ड वाइल्‍ड लाईफ फंड' के अनुसार पूरे विश्‍व में तीन हज़ार आठ सौ नब्‍बे बाघ बचे हैं, जिनमें सबसे ज्‍यादा ढाई हज़ार बाघ भारत में हैं.

वर्ष 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में हुए बाघ सम्मेलन में 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाने का निर्णय लिया.इस सम्मेलन में 13 देशों ने भाग लिया था और उन्होंने 2022 तक बाघों की संख्या में दोगुनी बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा था.बाघ जंगल के स्वास्थ्य एवं शाकाहारी वन्य प्राणियों की उपलब्धता दर्शाते हैं.जहां जंगल अच्छा होगा, वहां बाघ होगा.भोजन श्रृंखला के व्यवहार पर बाघ और जंगल की स्थिति का पता चलता है.

इनके संरक्षण के लिए कई देश मुहिम चला रहे हैं, लेकिन फिर भी पर्यावरणविदों का मानना है कि यदि इनकी संख्या घटने की रफ्तार ऐसी ही रही तो आने वाले एक-दो दशक में बाघ का नामो निशान इस धरती से मिट जाएगा.आप और हम, जिस बाघ को देखकर डर जाते हैं और उनकी गरज सुनकर अच्छे-अच्छे कांप जाते हैं, आज उनके खुद के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है.बाघों के अस्तित्व पर लगातार खतरा मंडरा रहा है. 

हालांकि पार्क प्रशासन बाघों की सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क व एलर्ट है हाल ही में हुई घटनाओं में पार्क प्रशासन व पुलिस बल की सयुंक्त टीम द्वारा वन्य जीव तस्करों ,शिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई पार्क प्रशासन व पुलिस की सयुंक्त टीम ने वन्य जीव तस्करों व शिकारियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर तस्करों के गिरोह के 7 लोगो को गिरफ्तार कर जेल भेजा है.

मुख्य वन्य जीव संरक्षक ,फील्ड डायरेक्टर दुधवा संजय पाठक ने बताया कि पिछली बार से इस बार बाघों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है 2014 की तुलना में अब उत्तर प्रदेश में 48 फीसदी बाघों की बढोत्तरी दर्ज की गई है, जो देश के 33 प्रतिशत से कहीं ज्यादा हैं.

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