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स्वर्ण नगरी में विश्व पर्यटन दिवस की धूम, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ पावणों का स्वागत

स्वर्ण नगरी में विश्व पर्यटन दिवस की धूम, ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ पावणों का स्वागत

जैसलमेर: कलात्मकता एवं भव्यता की धनी स्वर्णनगरी जैसलमेर में आज विश्व पर्यटन दिवस की धूम मची हुई है. पर्यटन के क्षेत्र में बुलंदियों को छू चुकी स्वर्णनगरी में प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में सैलानी धोरों की धरती पहुंचते हैं और मरूस्थलीय जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पर्यटन व्यवसाय का अमूल्य योगदान रहा है. 

ढोल नगाडों की थाप पर सैलानियों का आव भगत किया: 
ऐतिहासिक सोनार दुर्ग की अखे प्रोल में पर्यटन व्यवसाई संघ व गाईड एसोसिएशन ने सैलानियों का जमकर स्वागत किया. स्वर्णनगरी के लोक कलाकारों ने ढोल नगाडों की थाप पर सैलानियों का आव भगत किया वहीं मेहमानों का तिलक लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया. लोक कलाकारों ने ढोल की थाप पर कालबेलिया नृत्य कर सैलानियों को मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं सैलानी भी झूमते नजर आए. गाइड वेलफेयर सोसायटी ने फूल मालाएं पहनाकर सैलानियों का स्वागत कर रहे हैं. पर्यटन दिवस के अवसर पर सोनार दुर्ग पर लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक संगीत के साथ भी सैलानियों का स्वागत किया जा रहा है. विश्व पर्यटन दिवस पर स्वर्णनगरी पहुंचने पर हो रहे स्वागत सत्कार से सैलानी भी अभिभूत नजर आ रहे हैं.

मरूप्रदेश के वांशिदों को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिला: 
धोरों की धरती पर पहुंचते ही मिल रहे आदर सत्कार को लेकर सैलानी पर्यटन विभाग व पर्यटन व्यवसाईयों का तहे दिल से आभार भी जता रहे हैं. गौरतलब है कि पिछले तीन दशकों से सैलानियों के स्वर्णनगरी के प्रति बढ रहे लगाव के बाद धोरों की धरती की तस्वीर के साथ-साथ तकदीर भी बदल गई है. सैलानियों की बम्पर आवक से जहां स्वर्णनगरी की प्रसिद्धि सात समंदर पार तक पहुंची है वहीं मरूप्रदेश के वांशिदों को बड़ी संख्या में रोजगार भी मिला है. अनुमान के तौर पर प्रतिवर्ष करीबन 5 लाख सैलानी स्वर्णनगरी की सैर करने आते हैं. वहीं सालाना 250 करोड रूपए का टर्न ओवर स्वर्णनगरी को पर्यटन के क्षेत्र से मिलता है. स्वर्णनगरी को ऐतिहासिक सोनार दुर्ग, कलात्मकता हवेलियां, रेत के धोरे सैलानियों को बरबस आकर्षित करते हैं. 

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दीपावली पर घर-घर झिलमिलाएंगे गोबर से बने दीपक, जैसलमेर में वातावरण शुद्ध रखने के लिए अभियान हुआ शुरू

दीपावली पर घर-घर झिलमिलाएंगे गोबर से बने दीपक, जैसलमेर में वातावरण शुद्ध रखने के लिए अभियान हुआ शुरू

जैसलमेर: प्रदेश के जैसलमेर जिले में आगामी दीपावली को लेकर वातावरण की शुद्धता को बरकरार रखने के लिए गाय के गोबर से बने दीपक वितरित किए जाने के लिए तैयारी की जा रही है. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा इस साल पूरे देश में 11 करोड़ परिवारों को गोबर से बने दीयों के अभियान से जोड़ा जाएगा. जिसके लिए जैसलमेर में भी लोगों ने तैयारी कर ली है. गौरतलब है कि जैसलमेर हर त्योहार पर गोबर से उत्पादों का उपयोग कर वातावरण शुद्धि के लिए प्रयास किए जा जाते है. इस बार भी दीपावली पर गोबर से बने दीये जलाएं जाएंगे.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग ने शुरू किया अभियान:
जैसलमेर शहर में विभिन्न जगहों पर मिलेंगे गोबर से बने दीपक राष्ट्रीय कामधेनु आयोग द्वारा गोबर से बने दीपकों के विक्रय के लिए जैसलमेर में विभिन्न जगहों पर काउंटर लगाएं जाएंगे. जिसमें लागत मूल्य पर दीपक विक्रय किए जाएंगे. इससे पहले जैसलमेर में होली में गोबर से बने कण्डों का उपयोग किया गया था. इसके साथ ही विभिन्न समाजों ने भी पहल करते हुए गोबर के कण्डों का उपयोग दाह संस्कार में शुरू किया गया है. दीपकों से वातावरण होगा शुद्धइस बार दीपावली पर गाय के गोबर से बने दीपकों को प्रज्ज्वलित किया जाएगा. शहर में अधिक से अधिक घरों में इन दीयों की रोशनी होगी. वहीं दूसरी तरफ गोबर से बने दीपक में घी मिलने से इससे निकलने वाला धुंआ भी वातावरण के लिए बेहद फायदेमंद रहेगा. गोबर से बने दीपक से वातावरण में शुद्धता होगी.

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25 रुपए के मिलेंगे 11 दीपक, राशि गौशाला में होगी खर्च: 
25 के मिलेंगे 11 दीपक राशि का गौशाला में खर्च होगी. इस अभियान के तहत विभिन्न गौशालाओं में यह दीपक तैयार करवाएं जा रहे है. इस 11 दीपकों की कीमत 25 रुपए तक की गई है. 11 दीपक का पूरा सेट ही मिलेगा. इसके साथ ही इसके साथ रूई से बनी फूल बाती भी साथ में दी जाएगी. इन गोबर से बने दीपकों से होने वाली आय को गौशाला में ही दिया जाएगा. वातावरण को शुद्ध करने के लिए इस बाद दीपावली पर गोबर से बने दीपक जलाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुलभ उपलब्ध हो उसके लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाई जा रही है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्यवीरसिंह तंवर की रिपोर्ट

फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने लूट की वारदात को दिया अंजाम, बोलेरों पर परिवहन विभाग की लगा रखी थी प्लेट

फिल्मी स्टाइल में बदमाशों ने लूट की वारदात को दिया अंजाम, बोलेरों पर परिवहन विभाग की लगा रखी थी प्लेट

पोकरण(जैसलमेर): शांत समझे जाने वाले सीमावर्ती जैसलमेर जिले में लूट जैसी वारदातें होने लगी है. जोधपुर-पोकरण सड़क मार्ग पर लवां गांव के पास परिवहन विभाग के नाम से लगी एक गाड़ी में सवार अज्ञात लुटेरों ने फिल्मी स्टाइल में एक ट्रक को रुकवाया तथा उसमें भरा ग्वार व चालक के कब्जे से कुछ नकद राशि लूट कर फरार हो गए. फिल्मी स्टाइल में हुई लूट की वारदात से लोगो व वाहन चालकों में भय व दहसत का माहौल व्याप्त है. 

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पुलिस के अनुसार ट्रक चालक बालेसर के दुर्गावता निवासी जसवंतसिंह पुत्र करणसिंह ने रिपोर्ट पेश कर बताया कि वह 22 टन ग्वार से भरा एक ट्रक लेकर मोहनगढ़ से जोधपुर जा रहा था. इस दौरान लवां-पोकरण के बीच डिडाणिया फांटा के पास  एक बोलेरो, जिस पर राजस्थान परिवहन विभाग की प्लेट भी लगी थी, में सवार आठ युवकों ने उसे रुकने का इशारा किया. वह ट्रक रोककर नीचे उतरा, तो उन युवकों ने उससे कागजात मांगे. जिस पर वह ट्रक मालिक को फोन लगाने लगा. इस दौरान पीछे से उन युवकों ने सिर पर वार किया और दोनों हाथ पीछे बांध दिए व आंखों पर पट्टी बांधकर बोलेरो में बिठा दिया. कुछ युवकों ने ट्रक को चालू किया और जोधपुर रोड की तरफ ले गए. 

अज्ञात युवकों ने ट्रक में रखे दो लाख 25 हजार रुपए लूट लिए: 
चालक ने बताया कि उसका मोबाइल छीन लिया.अज्ञात युवकों ने उनके ट्रक में रखे दो लाख 25 हजार रुपए लूट लिए. साथ ही ट्रक से करीब 14 टन ग्वार भी लूट लिया. चालक को ट्रक में डालकर कोलू गांव के पास छोड़ दिया. सूचना पर थानाधिकारी माणकराम विश्रोई मय जाब्ता मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जोधपुर रोड व कोलू गांव जाने वाले मार्ग पर मामले की तफ्तीश की  चालक ने इस संबन्ध में पुलिस में रिपोर्ट पेश की. जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की. वही पुलिसने लुटे ट्रक को देर रात बरामद कर लिया. वही लुटेरों की तलाश जारी है.

दशहरा का पर्व आज, लेकिन आज नहीं होगा रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ का दहन 

 दशहरा का पर्व आज, लेकिन आज नहीं होगा रावण, कुम्भकरण और मेघनाथ का दहन 

जयपुर: देश के जाति एवं गौरव को बढ़ाने वाले उसकी महान संस्कृति की परम्पराओं और भीत्तरी ऊर्जा के प्रतीक विभिन्न त्यौहार मनाए जाते हैं. शरद ऋतु के एक ऐसे ही विशिष्ट त्यौहारों में से एक है दशहरा. यह आश्विन मास की शुक्ला दशमी को बड़े उत्साह ,उल्लास और उमंग के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस बार कोरोना संक्रमण के चलते जिला प्रशासन और नगर परिषद के संयुक्त तत्वाधान में हर साल आयोजित होने वाला दशहरे मेले का इस बार आयोजन नहीं होगा.

आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेले पर लगाई रोक:
जिला प्रशासन ने इस बार कोरोना संक्रमण के हालात को काबू में रखने और आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस मेले पर रोक लगाई है. ऐसे में इस बार दशहरे पर हर साल की भांति स्थानीय शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन और आतिशबाजी नहीं होगी. कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सबसे अधिक आवश्यक है सतर्कता. कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग बेहद जरूरी है. 

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जिले में दशहरे मेले का आयोजन स्थगित:
एक दूसरे से दूरी बनाकर ही कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोक लगाई जा सकती है. ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन करने के लिए जिले में दशहरे मेले का आयोजन स्थगित किया गया है. साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि, कोरोना महामारी को देखते हुए दशहरा और दीपावली का त्यौहार अपने परिवार के साथ सुरक्षित तरीके से घर में ही मनाएं. गौरतलब है कि हर बार जैसलमेर में बुराई पर अच्छाई की जीत के पर्व दशहरे के अवसर पर शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में मेले का आयोजन होता था. जिसमें अन्य जिलों से आए कारीगरों द्वारा निर्मित रावण, कुम्भकर्ण और मेघनाद के आदमकद के पुतलों का दहन किया जाता था. साथ ही इस मेले में भारी संख्या में लोगों पहुंचते थे.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सूर्य​वीर सिंह तंवर की रिपोर्ट

जैसलमेर: राजकीय जवाहर अस्पताल का ब्लड बैंक खाली, थैलेसीमिया के मरीजों के सामने खड़ी हो रही परेशानी

जैसलमेर: राजकीय जवाहर अस्पताल का ब्लड बैंक खाली, थैलेसीमिया के मरीजों के सामने खड़ी हो रही परेशानी

जैसलमेर: जिले के जवाहर अस्पताल में इन दिनों ब्लड बैंक में खून की कमी आ रही है. इससे बीमार मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. जैसलमेर में इन दिनों थैलीसिमिया से ग्रसित बच्चों को खून की आवश्यकता है. अब तक खून की व्यवस्था जवाहर अस्पताल के ब्लड बैंक से ही कर दी गई. लेकिन कोरोना के कारण रक्तदाताओं के नहीं आने से अब ब्लड बैंक में खून की कमी आ रही है. 

खून के कुछ नमूनों में कमी आनी शुरू हो गई:  
ब्लड स्पेशलिस्ट के अनुसार किसी व्यक्ति से लिए गए खून का उपयोग अधिकतम 35 दिन में करना जरूरी होता है. 35 दिन के बाद लिया गया खून उपयोग योग्य नही रहता. इससे लॉकडाउन से पहले ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में खून की उपलब्धता थी. लेकिन जैसे जैसे लोगों को खून की जरूरत पड़ी वैसे वैसे ब्लड बैंक से खून लिया जाता है. लेकिन उसकी एवज में दूसरा खून भी नहीं मिला. इससे अब खून के कुछ नमूनों में कमी आनी शुरू हो गई है. जैसलमेर में पहले की तुलना में पिछले कुछ सालों में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ी है. जिससे थैलीसीमिया से ग्रसित बच्चों को राहत मिली थी. थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों व उनके परिजनों को खून के लिए मशक्कत नहीं करनी पड़ती थी. लेकिन अब लॉकडाउन होने से रक्तदाता अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं. जिससे थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों के जान पर बन आई है. हालांकि अभी भी ब्लड बैंक के पास खून उपलब्ध है. लेकिन खून के कुछ नमूने अब खत्म होने की कगार तक पहुंच गए है. इससे आगामी समय में समस्या खड़ी हो जाएगी. 

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रक्तदाताओं के नहीं आने से खून मिलने का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा: 
अस्पताल के रक्त कोष में जहां हर महीने 300 से 350 यूनिट रक्त प्राप्त होता था. लॉकडाउन के चलते रक्तदाताओं के नहीं आने से खून मिलने का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है. हालांकि उपयोग का आंकड़ा कम हुआ है. लेकिन प्रसूता, थैलीसीमिया व दुर्घटना में खून की जरूरत रहती है. ब्लड बैंक के तकनीकी सहायक ने बताया की अस्पताल के ब्लड बैंक में खून पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. लेकिन यहीं स्थिति रही तो आगामी समय में कुछ नमूनों के ब्लड खत्म हो सकते हैं. रक्तदाताओं से संपर्क किया जा रहा है. फिलहाल बी निगेटिव खून की आवश्यकता है. अगर कोई रक्तदान करना चाहे तो मेरे मोबाइल नंबर 9413314230 पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. 

सैन्य शस्त्र परिक्षण का फिर साक्षी बना जैसलमेर, थार के रेगिस्तान में मिसाइल नाग के एडवांस वर्जन का सफल परीक्षण 

सैन्य शस्त्र परिक्षण का फिर साक्षी बना जैसलमेर, थार के रेगिस्तान में मिसाइल नाग के एडवांस वर्जन का सफल परीक्षण 

जैसलमेर: राजस्थान में थार के रेगिस्तान में एंटी टैंक मिसाइल नाग के उन्नत वर्जन का परीक्षण किया गया. भारत ने गुरुवार को एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल-नाग–का अंतिम परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर सभी परीक्षण एकदम सटीक रहे. डीआरडीओ की ओर से विकसित और भारत डॉयनामिक्स लिमिटेड की तरफ से निर्मित नाग मिसाइल का परीक्षण सेना के अधिकारियों ने किया. यह मिसाइल सेना की ओर से तय मापदंडों पर एकदम खरी उतरी.

सेना ने जांची एंटी टैंक मिसाइल नाग की मारक क्षमता:
सैन्य सूत्रों का कहना है कि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में सेना ने एंटी टैंक मिसाइल नाग की मारक क्षमता जांची. इस क्षेत्र में अलग-अलग मौसम में नाग मिसाइल के पूर्व में भी परीक्षण किए जा चुके हैं. रक्षा मंत्रालय नाग मिसाइल को सेना के लिए खरीदने का ऑर्डर पहले ही दे चुका है. नाग मिसाइल के उन्नत वर्जन में इंफ्रारेड सिस्टम लगाया गया है. इसकी मदद से यह मिसाइलअब अपने लक्ष्य को आसानी से पहचान कर सकती है। इस कारण अब इस मिसाइल की इतनी सटीकता है कि इसे फायर एंड फोरगेट कहा जाने लगा है.

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जल्द ही किया जाएगा मिसाइल को भारतीय सेना में शामिल:
इस मिसाइल को जल्द ही भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा. 2008 में, रक्षा मंत्रालय ने सेना के लिए 300 नाग मिसाइलों और 25 मिसाइल वाहकों की खरीद की मंजूरी दी थी. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बताया कि परीक्षण सुबह 6.45 बजे राजस्थान के पोखरण क्षेत्र फायरिंग रेंज में किया गया. मिसाइल को वास्तविक वारहेड के साथ एकीकृत किया गया था और एक टैंक लक्ष्य निर्धारित सीमा पर रखा गया था. यह नाग मिसाइल कैरियर नामिका (एनएएमआईसीए) से लॉन्च किया गया.

मिसाइल दिन और रात में दुश्मन टैंकों के साथ लड़ने में सक्षम:
डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया यह मिसाइल दिन और रात में दुश्मन टैंकों के साथ लड़ने में सक्षम है. नाग मिसाइल वाहक नामिका एक इन्फैन्ट्री कॉम्बैट व्हीकल बीएमपी2 आधारित प्रणाली है. अब यह उत्पादन चरण में प्रवेश करेगा. मिसाइल का उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) द्वारा किया जाएगा, जबकि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री मेडक नामिका का उत्पादन करेगी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और भारतीय सेना को के सफल परीक्षण के लिए बधाई दी है. मिसाइल के उत्पादन चरण तक लाने में डीआरडीओ के चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी का अहम योगदान है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए सुर्यवीर सिंह तंवर की रिपोर्ट

पति को नींद की गोलियां खिलाने के बाद पत्थर सिर पर मारा, पूछताछ में आरोपी पत्नी का खुलासा, पत्नी की मां व प्रेमी गिरफ्तार

पति को नींद की गोलियां खिलाने के बाद पत्थर सिर पर मारा, पूछताछ में आरोपी पत्नी का खुलासा, पत्नी की मां व प्रेमी गिरफ्तार

जैसलमेर: जिले के सांकड़ा क्षेत्र के माधोपुरा गांव की मेघवालों की ढाणी में पत्नी द्वारा पति की हत्या करने के मामले में आरोपी पत्नी के इस षड़यंत्र में उसकी मां व प्रेमी भी शामिल था. गौरतलब है कि रविवार को इस मामले का खुलासा हुआ था. मृतक कौशलाराम के परिजनों ने इस संबंध में सांकड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी. मृतक के पिता की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृतक की पत्नी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था.

पूछताछ में पत्नी ने सारा सच कबूला: 
कौशलाराम के परिजन रविवार की सुबह जब उठे तो उन्हें कौशलाराम का शव पलंग पर पड़ा मिला. आसपास खून भी बिखरा था. ऐसे में परिजनों को उसकी पत्नी पर ही संदेह था तो उन्होंने उसके खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अजयसिंह ने मौका मुआयना किया और हत्या का मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने गिरफ्तार पत्नी ने पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार करने के साथ-साथ सारा सच कबूल कर लिया. 

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पहले खुद ने नींद की गोली लेकर की जांच:
इस पूरे मामले में नाबालिग किशोरी की मां सुआदेवी पत्नी मोटाराम भी शामिल थी. उसने ही अपनी बेटी को नींद की गोलियां लाकर दी ताकि वह अपने पति को खिलाकर उसे सुला दे और बाद में उसकी हत्या कर दें. नाबालिग किशोरी ने पहले एक गोली लेकर यह जांच की कितनी देर तक नींद आती है. फिर अगले दिन अपने पति को खाने में गोलियां मिलाकर खिला दी. पूछताछ में यह सामने आया है कि आरोपी पत्नी का अपने पिता के साथ काम करने वाले एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था. दोनों एक दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन उसके माता-पिता ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी. आरोपी ने बताया कि उसकी जिस लड़के के साथ शादी हुई थी वह शराबी था. उनकी शादी तीन माह पहले ही हुई थी. 

पंचायत चुनाव में भीड़ जुटाने पर मोहनगढ़ व भणियाणा में दो गिरफ्तार, मामला दर्ज

पंचायत चुनाव में भीड़ जुटाने पर मोहनगढ़ व भणियाणा में दो गिरफ्तार, मामला दर्ज

जैसलमेर: पंचायत चुनाव के दौरान कोविड- 19 के नियमों की पालना नहीं करने पर पुलिस द्वारा मोहनगढ़ व भणियाणा में कार्रवाई कर 1-1 युवक को गिरफ्तार किया गया. एसपी डॉ. अजयसिंह के आदेशानुसार एएसपी राकेश बैरवा के निर्देशन में पुलिस थाना मोहनगढ़ में उनि विशनसिंह मय पुलिस जाब्ता द्वारा 113 आरडी एसबीएस के पास चक 31 पर किरताराम पुत्र घमंडाराम निवासी 31 एसबीएस जवाहर नगर के खिलाफ बिना अनुमति भीड़ एकत्रित करने पर प्रकरण दर्ज किया.

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मतदान बूथ पर से 150 व्यक्ति एकत्रित हो रखे थे :
पुलिस थाना भणियाणा के हल्का क्षेत्र में थानाधिकारी पुलिस थाना भणियाणा उनि जसराज मय जाब्ता द्वारा दौरान हल्का गस्त करते बागथल पहुंचे तो मतदान बूथ के बाएं साइड एक टेंट में 100 से 150 व्यक्ति एकत्रित हो रखे थे. जिनसे पता किया गया तो महिला प्रत्याशी के मतदाताओं की भीड़ थी. भीड़ के संबंध में परमिशन नहीं होने पर पुलिस थाना भणियाणा में महिला प्रत्याशी के खिलाफ आपदा प्रबंधक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया. 

स्वर्णनगरी के पीले पत्थर को विश्वस्तर पर मिलेगी पहचान !

स्वर्णनगरी के पीले पत्थर को विश्वस्तर पर मिलेगी पहचान !

जैसलमेर: देश के पश्चिमी छोर पर बसा सरहदी जिला जैसलमेर जो अपने विशाल रेगिस्तान और अपनी विपरीत भौगोलिक परिस्थितियों के चलते काले पानी के रूप में जाना जाता था. लेकिन समय और परिस्थितयों के बदलने के साथ साथ जैसलमेर ने अपनी पुरानी पहचान के इतर नई पहचान गढ़ना आरम्भ कर दिया जिसमें पर्यटन के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों के रूप में जिला विकास की रफ्तार के साथ कदमताल करने लगा है. वैसे तो देश दुनिया से सोने के समान चमकने वाली स्वर्णनगरी को देखने हर साल लाखों की संख्या में लोग आते हैं. इस पीले पत्थर को देख आश्चर्यचकित हो जाते हैं जिसको वह कभी भूल नहीं पाते है लेकिन अब इस पत्थर को और चार चाँद लगने वाले हैं.  

विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू हो गए:  
जैसलमेर के प्रसिद्ध पीले पत्थर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास शुरू हो गए हैं. जैसलमेर से राज्य सरकार को पत्र लिखकर पीले पत्थर के राष्ट्रीय प्रचार की मांग की है. इसके अलावा, कई भूविज्ञानी पत्थर पर शोध कर रहे हैं और इसे यूनेस्को विरासत संसाधन के रूप में मान्यता प्राप्त करने के प्रयास कर रहे हैं. जैसलमेर में पाया जाने वाला अजीबो गरीब पीला पत्थर अपनी कला, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है. पत्थर पूरी दुनिया में केवल जैसलमेर में उपलब्ध है और इसका उपयोग सोनार किले और कई अन्य ऐतिहासिक स्मारकों में किया गया है. यह पीला पत्थर 160 मिलियन साल पुरानी समुद्री चट्टान से संबंधित है. फोरमर प्रिंसीपल आफ महाराजा कॉलेज व फोर्मर प्रोफेसर यूनिवर्सिटी ऑफ राजस्थान के प्रसिद्ध ज्योलोजिस्ट डॉ एम.के.पण्डित की टीम द्वारा किये गए इस संबंध में शोध के यूनियन ऑफ ज्योलोजिकल साईंस की जनरल में इसे प्रमाणित मंजूरी मिलने के बाद यह शोध आने वाले दिनो में जीयोहेरीटेज जनरल में प्रकाशित हो गया है. साईंस जनरल के लेटेस्ट अंक में द्वारा इसे आगामी अंक में प्रकाशन के बाद अब इस यूनिस्को के ग्लोबल हेरीटेल रिर्सोसेज में शामिल करने की प्रकिया शुरु कर दी गई हैं. ग्लोबल हेरीटेज की श्रेणी में शामिल होने के बाद यह पत्थर भारत का दूसरा पत्थर होगा जिसे यह सम्मान हासिल होगा. इससे पहले वर्ष 2019 में मकराना के सफेद संगमर्मर के पत्थर को इन्ही वैज्ञानिकों की टीम के सहयोग से ग्लोबल हेरीटेज का दर्जा मिला था व ग्लोबल हेरीटेज रिर्सोसेज में शामिल किया गया था. 

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इसकी कलात्मकता पूरे देश विदेश में प्रसिद्ध:
जैसलमेर जिला कलेक्टर आशीष मोदी ने बातचीत में बताया कि पूरे विश्व में एकमात्र जैसलमेर में पाए जाने वाला पीला पत्थर व इसकी कलात्मकता पूरे देश विदेश में प्रसिद्ध हैं इस पत्थर की खूबसूरती व सचमुच बेमिसाल हैं तथा  इस पत्थर पर की जा रही कारविंग को देखकर जैसलमेर में आने वाले देश विदेश के सैलानी दीवाने हो जाते हैं व खासकर हार्ड पत्थर पर बनी हुई खूबसूरत मूर्ति कला को देखकर कायल हो जाते हैं. यहां पीले पत्थर से बना हुवा सोनार किला भी पूरे विश्व में प्रसिद्ध है. इसकी अद्भुत छट्टा दूर से देखने को बनती है. उन्होंने बताया कि यह हर्ष की बात हैं कि इस जैसलमेर के इस पीले पत्थर को विश्वस्तरीय आईडेन्टीफिकेशन मिलने के लिये कंसीडर किया जा रहा हैं, हमनें भी इसके नेशनल प्रमोशन के लिये प्रयास किये हैं जैसलमेर के उद्योग विभाग के जी.एम. ने इस विश्व स्तरीय पत्थर के प्रचार प्रसार व नेशनल प्रमोशन के लिये राज्य सरकार को एक पत्र लिखा हैं और विश्व स्तर की आईडेन्टीफिकेशन मिलने के बाद राज्य सरकार के स्तर पर भी इसको और प्रमोट करने के लिये क्या क्या कदम उठाए जाएंगे इस संबंध में भी विचार विमर्श कर रहे हैं.