विश्व प्रसिद्ध नमक झील के अस्तित्व को खतरा, नगरपालिका डाल रही साल्ट लेक में अवैध रूप से कचरा

विश्व प्रसिद्ध नमक झील के अस्तित्व को खतरा, नगरपालिका डाल रही साल्ट लेक में अवैध रूप से कचरा

विश्व प्रसिद्ध नमक झील के अस्तित्व को खतरा, नगरपालिका डाल रही साल्ट लेक में अवैध रूप से कचरा

नागौर: डीडवाना की नमक झील प्रदेश और देश में अपनी अलग ही पहचान रखती है. यहां नमक में सोडियम सल्फेट की उपलब्धता ने इंडस्ट्रियल नमक उत्पादन में डीडवाना को देश विदेश में पहचान दिलाई. यहां से उत्पादन होने वाले नमक का सबसे ज्यादा उपयोग अखाद्य नमक के रूप में होता है लेकिन स्थानीय लोग और कुछ नमक इकाइयां इस झील से खाद्य नमक का उत्पादन भी करती हैं. लेकिन इस झील का अस्तित्व अब खतरे में है और इसका सबसे बड़ा कारण कोई और नहीं बल्कि स्थानीय नगरपालिका की लापरवाही है. आशंका जताई जा रही है कि झील के दूषित होने से कही सांभर झील जैसी त्रासदी यहां नही हो जाये.

शहर की गंदगी और कूड़ा करकट इस झील क्षेत्र में डाला जा रहा: 
डीडवाना नमक झील के मध्य में रामसाबास जाने वाली रोड़ पर नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से कचरा डाल कर इसको अघोषित डंपिंग यार्ड में तब्दील कर दिया है. शहर की गंदगी और कूड़ा करकट इस झील क्षेत्र में डाला जा रहा है. जिसकी वजह से ना केवल झील का स्वरूप बिगड़ रहा है बल्कि गंदगी झील प्रदूषित भी हो रही है. जिसके घातक परिणाम आने वाले दिनों में झेलने पड़ सकते हैं. क्योंकि गंदगी की वजह से नमक संक्रमित होता है तो इसका असर स्थानीय लोगों पर भी हो सकता है.

प्रवासी पक्षियों के लिए भी यह घातक: 
नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा झील में डाले जाने वाला यह अपशिष्ट ना केवल स्थानीय लोगों के जीवन को खतरे में डाल रहा है बल्कि सुदूर प्रदेशों से आने वाले प्रवासी पक्षियों के लिए भी यह घातक सिद्ध हो सकता है जो सांभर पक्षी त्रासदी जैसी किसी बड़ी त्रासदी का रूप भी ले सकता है. इस बारे में जब हमने नगरपालिका प्रशासन से बात की तो पालिका अधिशाषी अधिकारी का कहना है कि ठेकेदार की लापरवाही की शिकायतें लंबे समय से आ रही है जिसे नोटिस दिया गया है.

नगरपालिका को झील से कचरा हटवाने के निर्देश: 
डीडवाना नमक झील क्षेत्र केंद्र सरकार का उपक्रम है और उपखण्ड अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है जब हमने झील में नगरपालिका द्वारा गंदगी डालने की बात कही तो उपखण्ड अधिकारी ने पटवारी और नमक विभाग को इसकी जांच के आदेश देकर तुरंत कार्रवाई के निर्देश देते हुए. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई मारने के आदेश दिए वहीं नगरपालिका को झील से कचरा हटवाने के निर्देश दिए.

गंदगी से गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं:
नमक झील में नगरपालिका के ठेकेदारों द्वारा फैलाई गई गंदगी से झील क्षेत्र को मुक्त नहीं किया गया तो इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं जरूरत इस बात की है कि समय रहते प्रशासन चेत जाए और झील को साफ करवाये.

...नरपत ज़ोया संवाददाता, फ़र्स्ट इंडिया न्यूज, डीडवाना

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