WorldNoTobaccoDay: 'हाइपरटेंशन' के बाद तंबाकू मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण, खास रिपोर्ट

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/05/31 11:49

जयपुर: करोड़ों की कमाई के "खेल" में तंबाकू उत्पाद कंपनियों ने सरकारी नियम-कायदों को बौना साबित कर दिया है. नियमों पर गौर फरमाए तो शैक्षणिक संस्थान, हॉस्पीटल और आंगनबाड़ी केंद्रों की 100 गज की परिधि में तम्बाकू उत्पादों के बेचान पर प्रतिबन्ध है. लेकिन बड़े रसूख के चलते इन प्रतिबन्धित जगहों पर न सिर्फ तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे है, बल्कि तंबाकू उत्पाद कंपनियां अपना प्रचार भी कर रही हैं.

अकेले राजधानी में ऐसी कई जगहों पर तंबाकू उत्पाद कंपनी "आईटीसी" की ब्राडिंग देखी जा सकती है. आश्चर्य की बात ये है कि जिम्मेदारों को तंबाकू उत्पाद कंपनी की करतूत की खबर तो है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सभी आंखें मूंदे बैठे हैं. विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर इस रिपोर्ट से जानिए ज़मीनी हकीकत

बेखौफ होकर शहर में चल रहा तंबाकू का व्यापार
कहने को तो जीवन अनमोल है, लेकिन नशे की लत इस अनमोल जीवन पर भारी पड़ रही है. मुनाफे के फेर में तम्बाकू उत्पाद कम्पनियों ने लत लगाने के लिए अब युवा-मासूमों को टारगेट करना शुरू कर दिया है. इसके लिए बकायदा ब्रांडिंग का पैटर्न बदल गया है.

ये हमारा आरोप नहीं, बल्कि राजधानी जयपुर में स्कूल-कॉलेज के ठीक बगल में तम्बाकू उत्पाद कम्पनी आईटीसी के प्रचार प्रसार की बानगी है. तंबाकू उत्पाद कंपनियां शैक्षणिक संस्थान, हॉस्पिटल और आंगनबाड़ी केंद्रों की 100 गज की परिधि में बेखौफ तंबाकू उत्पाद बेचे ही नहीं जा रहे बल्कि सिगरेट कंपनियां अपने ब्रांड का जमकर विज्ञापन के साथ प्रमोशन भी कर रही हैं.

कंपनियों को नहीं नियमों की परवाह
इसमें सबसे ज्यादा आईटीसी कंपनी नियमों को बड़े स्तर पर दरकिनार कर रही हैं. यही नहीं शिक्षण संस्थानों की कैंटीनों में भी जमकर तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं. सीतापुरा, विश्वकर्मा, मालवीय नगर, मानसरोवर और सुदर्शनपुरा समेत कई इलाकों के शिक्षण संस्थानों में सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं.

उक्त कानून की पालना कराने वाले अफसर भी दबी जुबान से स्वीकार कर रहे हैं कि सिगरेट कंपनियां सबसे ज्यादा नियम तोड़ रही हैं लेकिन पुख्ता कार्रवाई नहीं हो पाती है, इसकी वजह कंपनियों की प्रभावी पहुंच है. स्वास्थ्य महकमे के अफसर पुलिस पर यह जिम्मेदारी बताकर इति श्री कर रहे हैं कि पुलिस थाने कार्रवाई करेंगे. 
------
(तम्बाकू नहीं, ये है मौत ! )
हाइपरटेंशन के बाद तम्बाकू मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण 
देश में हर साल 11 लाख-रोज 2500 के आसपास लोगों की मौत 
राजस्थान में सालाना 70 हजार लोग गंवा रहे जान 
तम्बाकू जनित कैंसर से हर घंटे सुलग रही 114 जिन्दगिया
भारत में मुंह का कैंसर सर्वाधिक 
90 प्रतिशत केस में तम्बाकू सेवन में मुंह का कैंसर 

जागरूकता में जुटा स्वास्थ महकमा

विश्व तंबाकू दिवस पर एक तरफ स्वास्थ्य महकमा अवेयरनेस के कार्यक्रमों में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ धड़ल्ले से नियम-कायदों को प्रतिबंधो की कोई परवाह नहीं है. यूं तो पूरे राज्य में तंबाकू उत्पाद के खिलाफ अवेयरनेस के लिए प्रत्येक जिले में स्टेट काउंसलर, एडवाइजरों की नियुक्ति हैं लेकिन खासकर स्कूल, अस्पतालों के आसपास धड़ल्ले से बिक रहे तंबाकू उत्पादों की बिक्री को रोकने के कोई कदम नहीं उठाए और इसके कारण स्कूली बच्चों में सिगरेट पीने की लत पड़ रही है.

दरअसल, सिगरेट कंपनी खासकर आईटीसी कंपनी अपने ब्रांडों का जमकर प्रमोशन कर रही है, इसके कारण कम उम्र के बच्चे भी शिकार हो रहे हैं. कोटप्पा टप्पा अधिनियम की धारा पांच के तहत तंबाकू उत्पादों का न तो प्रमोशन किया जा सकता है और न ही किसी तरह का विज्ञापन हो सकता है. 

छुट्टे पैसे के नाम पर बच्चों को थमाते दिखे टॉफी
तंबाकू उत्पादों के साथ खाद्य पदार्थ, टॉफी भी धड़ल्ले से बेची जा रही है. फर्स्ट इंडिया के रिपोटर्स ने इस मामले में मौके पर पड़ताल की तो चौकानें वाले तथ्य सामने आए. कई स्थानों पर तो दुकानदार सिगरेट खरीदने वालों को छुट्टे पैसे के नाम पर टॉफी थमाते दिखे, जबकि नियमों के तहत तंबाकू उत्पाद के साथ खाद्य पदार्थ व टॉफी नहीं बेची जा सकती.

शहर में आईटीसी कंपनी अपने प्रचार के लिए 250 ऐसे आउटलेट तैयार कर अपने ब्रांड का प्रमोशन कर रही है. यही नहीं कंपनी ने जयपुर के साथ अन्य जिलों में भी ऐसे आउटलेट लांच कर रखे हैं जिनकी नगर निकाय या नगर निगमों से अनुमति ही नहीं ली गई है जबकि नियमों के तहत ऐसा करने पर आउटलेट अथवा ऐसी थड़ियां जिन पर प्रमोशन कर रखा है, इन्हें जब्त किए जाने का प्रावधान है.

यहां उड़ रही नियमों की धज्जियां
संवाददाता ने ऐसे स्थान वैशाली नगर, आम्रपाली सर्किल, मानसरोवर मध्यम मार्ग, खातीपुरा मोड, दुर्गापुरा, मालवीय नगर, प्रधान मार्ग, टोंक रोड़, अजमेर रोड़ समेत कई इलाकों का मौका देखा तो यह तथ्य सामने आए कि उक्त तंबाकू उत्पाद बेचने वाली आईटीसी कंपनी ने अपने ब्रांड का प्रमोशन ही नहीं कर रखा बल्कि शैक्षणिक स्ंस्थानों के नजदीक भी नियमों की धज्जियां उड़ा रखी हैं.

उक्त कंपनी आउटलेट के संचालन के लिए दुकानदारों को प्रलोभन भी दे रही हैं ताकि लोगों में तंबाकू उत्पादों की लत लगाई जा सके. युवाओं पर फोकस करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों के आसपास ही टारगेट किया जा रहा है. यही नहीं आउटलेट और थड़ियों पर खाद्य पदार्थ बेचे जा रहे हैं ताकि छोटे बच्चों को टॉफी के नाम पर लुभा कर तंबाकू उत्पादों की तरफ आकर्षित किया जा सके.

जयपुर से रामसिंह राजावत के साथ सहयोगी विकास शर्मा की रिपोर्ट
 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in