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यस बैंक ने शुरू किया कामकाज, ट्विटर पर दी जानकारी

 यस बैंक ने शुरू किया कामकाज, ट्विटर पर दी जानकारी

नई दिल्ली: यस बैंक ने बुधवार को फिर से कामकाज शुरू कर दिया है. यस बैंक ने कहा कि उसका कामकाज पहले की तरह शुरू हो गया है और ग्राहकों के लिए उसकी सभी सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं. यस बैंक ने ट्विटर पर लिखा है, हमारी बैंक सेवाएं फिर से परिचालन में आ गई हैं. आप हमारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं.

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रिजर्व बैंक ने लगाई थी पाबंदी:
सहयोग और धैर्य के लिये धन्यवाद. आपको बता दें कि रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी. इसके तहत ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपए तक निकालने की छूट दी गई थी. सरकार ने पिछले सप्ताह पुनर्गठन योजना को अधिसूचित किया. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने एसबीआई के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी प्रशांत कुमार को यस बैंक का प्रशासक नियुक्त किया था.

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टाटा मोटर्स को यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश

टाटा मोटर्स को यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश

नई दिल्ली: टाटा मोटर्स अपने यात्री वाहन कारोबार के लिए भागीदार की तलाश कर रही है. टाटा मोटर्स के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कंपनी अगले दशक की वृद्धि के लिए तैयारी कर रही है. इस दौरान नई प्रौद्योगिकियों, नियमनों में भारी निवेश देखने को मिलेगा. कंपनी द्वारा अपने यात्री वाहन कारोबार के लिए एक अलग इकाई बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. साथ ही वह सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश में जुटी है.

इससे पहले टाटा मोटर्स के निदेशक मंडल ने इसी साल एक अलग इकाई बनाने की मंजूरी दी थी. कंपनी यह इकाई अपने यात्री वाहन कारोबार और इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए बना रही है. इस इकाई में कंपनी अपने संबद्ध कारोबार की संपत्तियां, बौद्धिक संपदा तथा कर्मचारियों को स्थानांतरित करेगी जिससे एकल आधार पर इसका संचालन किया जा सके. टाटा मोटर्स के अध्यक्ष यात्री वाहन कारोबार इकाई (पीवीबीयू) शैलेश चंद्रा ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा कि इस प्रक्रिया का पूरा उद्देश्य सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश करना है. वास्तविकता यह है कि सहयोग से हम अगले दशक के लिए क्षमता का बेहतर तरीके से दोहन कर सकते हैं. अगले दशक के दौरान नई प्रौद्योगिकियों और नियमनों में भारी निवेश होगा.

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उन्होंने कहा कि भागीदार के जरिये उत्पाद के जीवनचक्र को कम करने और नए उत्पादों को तेजी से पेश करने में मदद मिलेगी. चंद्रा ने कहा कि इन सब के लिए भारी निवेश की जरूरत होगी. साथ ही तत्परता भी महत्वपूर्ण होगी. ऐसे में हम सक्रिय तरीके से भागीदार की तलाश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि नई इकाई बनाने की प्रक्रिया चल रही है. साथ ही कंपनी एक भागीदार की तलाश भी कर रही है. इससे हम संपत्तियों और क्षमता का सृजन कर पाएंगे, जिससे दोनों को फायदा होगा. दोनों के लिए समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर चंद्रा ने कहा कि इसके लिए कोई विशेष समयसीमा तय नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि कारोबार को एक अलग वैध इकाई में बदलने के काम को हम एक साल में तेज करना चाहेंगे. जहां तक भागीदार का सवाल है, हम इस पर लगातार काम करते रहेंगे. (भाषा)

राहत की खबर: आयकर रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ी

राहत की खबर: आयकर रिटर्न भरने की तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ी

नई दिल्ली: केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर करदाताओं को राहत देते हुए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को बढ़ा दिया है. व्यक्तिगत करदाताओं के लिए वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न भरने की समयसीमा अब एक महीना बढ़कर 31 दिसंबर 2020 हो गई है. 

ऑडिट करदाताओं को 31 जनवरी 2021 तक करनी है दाखिल:
वहीं इस पर वित्त मंत्रालय ने कहा कि व्यक्तिगत करदाताओं के लिये वित्त वर्ष 2019-20 का आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की समयसीमा एक महीने और बढ़ाकर 31 दिसंबर की गयी है. इसके साथ ही मंत्रालय ने कहा कि जिन करदाताओं के खाताओं की ऑडिट करने का आवश्यकता है, उनके लिए आईटीआर दाखिल करने की समय-सीमा दो महीने बढ़ाकर 31 जनवरी 2021 कर दी गयी है.

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मई में भी बढ़ी थी आईटीआर भरने की तारीख:
बता दें कि सरकार ने इससे पहले मई में भी करदाताओं को अनुपालन में राहत देते हुए वित्त वर्ष 2019-20 के आईटीआर भरने की समय-सीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी थी.

जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केन्द्र ने कर्ज लेकर 16 राज्यों को जारी किए 6,000 करोड़ रुपए

जीएसटी क्षतिपूर्ति के लिए केन्द्र ने कर्ज लेकर 16 राज्यों को जारी किए 6,000 करोड़ रुपए

नयी दिल्लीः केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, असम, दिल्ली और जम्मू कश्मीर समेत 16 राज्यों एवं दो केंद्र शासित प्रदेशों को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) क्षतिपूर्ति की पहली किस्त के रूप में कर्ज लेकर 6,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किये हैं. वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पिछले सप्ताह केंद्र ने जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर विपक्षी दलों द्वारा शासित राज्यों की मांग को स्वीकार कर लिया था. उनकी मांग थी कि केंद्र स्वयं कर्ज लेकर राज्यों की जीएसटी की क्षतिपूर्ति करे. वित्त मंत्रालय ने कहा कि केंद्र, राज्यों को जीएसटी संग्रह में 1.1 लाख करोड़ रुपये की कमी की क्षतिपूर्ति के लिये बाजार से किस्तों में कर्ज उठायेगा.

हर सप्ताह राज्यों को 6,000 करोड़ रुपए जारी करेगा मंत्रालयः
मंत्रालय ने कहा कि भारत सरकार ने 2020-21 में जीएसटी संग्रह में कमी को पूरा करने के लिये विशेष कर्ज की व्यवस्था की है. कुल 21 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों ने इस व्यवस्था का विकल्प चुना है. कर्ज को लेकर समन्वय वित्त मंत्रालय करेगा. इनमें से पांच राज्यों में जीएसटी क्षतिपूर्ति मद में कोई कमी नहीं है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने आज 6,000 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर उसे 16 राज्यों को जारी किया है. ये 16 राज्य हैं- आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, ओड़िशा, तमिलनाडु, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड. इसके अलावा दो केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली और जम्मू कश्मीर को भी राशि हस्तातंरित की गई है. बयान के अनुसार यह कर्ज 5.19 प्रतिशत ब्याज पर लिया गया है और इसकी मियाद मोटे तौर पर 3 से 5 साल के लिये है. मंत्रालय ने कहा कि वह हर सप्ताह राज्यों को 6,000 करोड़ रुपये जारी करेगा. 

केंद्र के राजकोषीय घाटे पर नहीं होगा असरः 
वित्त मंत्रालय ने कहा कि इस व्यवस्था से केंद्र के राजकोषीय घाटे पर असर नहीं होगा और यह राज्य सरकारों की पूंजी प्राप्ति के रूप में प्रदर्शित होगा. केंद्र ने जीएसटी क्षतिपूर्ति को लेकर अगस्त में राज्यों को दो विकल्प दिये थे. पहला वह जीएसटी क्रियान्वयन के कारण राजस्व संग्रह में कमी को पूरा करने के लिये 97,000 करोड़ रुपये रिजर्व बैंक की विशेष खिड़की से ले या फिर कुल 2.35 लाख करोड़ रुपये (इसमें 1.38 लाख करोड़ रुपये कोविड संकट के कारण) बाजार से ऋण ले ले. इस राशि को संशोधित कर अब क्रमश: 1.10 लाख करोड़ रुपये और 1.8 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है.
सोर्स भाषा

कोयला खदान घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड में 12लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की

कोयला खदान घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने झारखंड में 12लाख रुपए की संपत्ति कुर्क की

नयी दिल्लीः प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने झारखंड में कथित अवैध कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में धनशोधन निरोधक कानून के तहत करीब 12 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति कुर्क की है.

डोमको प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है मामलाः
ईडी ने एक विज्ञप्ति जारी करके कहा कि कुर्क की गई 11.92 लाख रुपए की संपत्ति में रांची के होटल ली लैक की एक्सिस बैंक के खाते में जमा नकदी भी शामिल है. इसमें कहा गया कि मामला डोमको प्राइवेट लिमिटेड, इसके प्रमोटरों, निदेशकों और अज्ञात लोगों से जुड़ा हुआ है, जिन्होंने कोयल ब्लॉक के आवेदन के लिए गलत जानकारियां दीं और झारखंड के वेस्ट बोकारो कोलफील्ड में ‘लालगढ़ (उत्तर)’ कोल ब्लॉक का आवंटन हासिल किया.

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आरोपी बिनय प्रकाश ने शेयर बेचकर कमाया था सात करोड़ का मुनाफाः
ईडी ने आरोप लगाया कि आरोपी बिनय प्रकाश ने उक्त कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित होने के बाद कंपनी के शेयर को प्रीमियम पर बेंचे जाने की पेशकश करके सात करोड़ का मुनाफा कमाया. ईडी इससे पहले प्रकाश और उसकी कंपनी की सात करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर चुकी है, साथ ही उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है.
सोर्स भाषा

एयरटेल उठा रही है अफ्रीका में नुकसान, दूसरी तिमाही में लगाातार नौ प्रतिशत की गिरावट

एयरटेल उठा रही है अफ्रीका में नुकसान, दूसरी तिमाही में लगाातार नौ प्रतिशत की गिरावट

नई दिल्ली: भारती एयरटेल के अफ्रीकी परिचालन एयरटेल अफ्रीका ने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 की सितंबर तिमाही में उसका मुनाफा 8.8 प्रतिशत घटकर 8.8 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 647 करोड़ रुपये) रहा है. जबकि कंपनी ने एक साल पहले इसी अवधि के दौरान 9.6 करोड़ अमरीकी डॉलर का कर पश्चात लाभ दर्ज किया था.

कंपनी ने एक बयान में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी आय 14.3 प्रतिशत बढ़कर 96.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर हो गई है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 86.5 करोड़ अमरीकी डालर थी. माना जा रहा है कि कोरोना के प्रकोप का असर कंपनी के लाभों को प्रभावित कर रहा है. 

एयरटेल अफ्रीका के सीईओ रघुनाथ मांडव ने कहा कि महत्वपूर्ण बात ये है कि हमारे कारोबार के बुनियादी तत्व मजबूत बने हुए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार, नेटवर्क में निवेश और 4जी कवरेज बढ़ाने की रणनीति से आमदनी बढ़ी है. फिलहाल कंपनी अपनी नीतियों को सुदृढ़ करने में लगे हुए है. (सोर्स-भाषा)

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RBI ने पीएसओ के नया क्यूआर कोड शुरू करने पर रोक लगाई

RBI ने पीएसओ के नया क्यूआर कोड शुरू करने पर रोक लगाई

मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक ने भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) द्वारा भुगतान लेन-देन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटेरी क्यूआर (क्विट रेस्पांस) कोड शुरू करने पर रोक लगा दी है. वर्तमान में दो इंटरऑपरेबल (अंत:प्रचालनीय) क्यूआर कोड-यूपीआई क्यूआर और भारत क्यूआर हैं परिचालन में हैं. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने पीएसओ के लिए स्व-नियामकीय संगठन की स्थापना के संबंध में अंतिम दिशा-निर्देश जारी किये हैं. क्यूआर कोड दो-आयाम के मशीन द्वारा पढ़े जाने योग्य बारकोड होते हैं. पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) पर मोबाइल के जरिये भुगतान के लिए इनका इस्तेमाल होता है. क्यूआर कोड में बड़ी मात्रा में सूचना रखी जा सकती है.

यूपीआई और भारत क्यूआर कोड जारी रहेंगेः
केंद्रीय बैंक ने दीपक फाटक की अध्यक्षता में भारत में कोड की मौजूदा प्रणाली की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की थी. समिति को इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर रुख करने के उपाय सुझाने थे. दो मौजूदा क्विक रेस्पांस (क्यूआर) कोड के साथ ही आगे बढ़ने का फैसला समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है.रिजर्व बैंक ने कहा कि यूपीआई क्यूआर और भारत क्यूआर कोड फिलहाल जारी रहेंगे.

कोई भी पीएसओ भुगतान लेन-देन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटरी कोड शुरू नहीं करेगाः
अधिसूचना में कहा गया है कि प्रॉप्राइटरी क्यूआर कोड का इस्तेमाल करने वाले एक या अधिक अंत:प्रचालनीय या इंटरऑपरेबल क्यूआर कोड की ओर स्थानांतरित होंगे. स्थानांतरण की यह प्रक्रिया 31 मार्च, 2022 तक पूरी हो जानी चाहिए. इसके साथ ही रिजर्व बैंक ने कहा कि कोई भी पीएसओ किसी भुगतान लेन-देन के लिए कोई नया प्रॉप्राइटरी कोड शुरू नहीं करेगा.

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पीएसओ के लिए स्व-नियामकीय संगठन की स्थापना के संबंध में अंतिम दिशा-निर्देश जारीः
इस बीच, रिजर्व बैंक ने भुगतान प्रणाली परिचालकों (पीएसओ) के लिए स्व-नियामकीय संगठन की स्थापना के संबंध में अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. इसमें स्व-नियामक संगठन से संबधित रूपरेखा भी शामिल है. इस रूपरेखा के जरिये केंद्रीय बैंक पीएसओ के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) को मान्यता दे सकेगा. इस योजना की घोषणा फरवरी-2020 की मौद्रिक समीक्षा में की गई थी. रिजर्व बैंक के एक सर्कुलर में कहा गया है कि एसआरओ के रूप मान्यता पाने के इच्छुक पीएसओ के समूह/संघ (बैंकों के साथ-साथ गैर-बैंक) रिजर्व बैंक के भुगतान एवं निपटान प्रणाली विभाग के मुख्य महाप्रबंधक के पास आवेदन कर सकते हैं.
सोर्स भाषा

लॉकडाउन के बाद देश में बिके पांच करोड़ स्मार्टफोन, भारत से विवाद के बाद भी रही चीनी कंपनियों की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी

लॉकडाउन के बाद देश में बिके पांच करोड़ स्मार्टफोन, भारत से विवाद के बाद भी रही चीनी कंपनियों की 76 प्रतिशत हिस्सेदारी

नयी दिल्लीः लॉकडाउन के बाद देश में स्मार्टफोन बाजार में फिर से सुधार दिखायी दे रहा है. वर्ष 2020 की तीसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में इनकी बिक्री अब तक के सर्वकालिक उच्च स्तर यानी पांच करोड़ इकाई रही. 

चीनी कंपनियों की कुल 76 प्रतिशत हिस्सेदारीः
इस दौरान, बाजार में सभी चीनी कंपनियों की कुल 76 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. बाजार के आंकड़े जुटाने वाली कंपनी कैनालिस की रिपोर्ट के मुताबिक शीर्ष पांच मोबाइल फोन कंपनी शियोमी, सैमसंग, विवो, रीयलमी और ओप्पो की बिक्री में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में वृद्धि दर्ज की गयी है.  कैनालिस ने एक बयान में कहा है कि 2020 की तीसरी तिमाही में देश में स्मार्टफोन की बिक्री आठ प्रतिशत बढ़कर पांच करोड़ इकाई रही. पिछले साल इसी तिमाही में यह 4.62 करोड़ इकाई रही थी. यह देश में किसी एक तिमाही में स्मार्टफोन की बिक्री का सर्वकालिक उच्च स्तर है.

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सैमसंग ने वीवो को पछाड़ा, दूसरा स्थान किया हासिलः 
शियोमी 26.1 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ शीर्ष पर रही. कंपनी ने 1.31 करोड़ फोन की बिक्री की. सैमसंग ने वीवो को पछाड़ते हुए दूसरा स्थान हासिल किया. कंपनी ने 1.02 करोड़ फोन की बिक्री के साथ 20.4 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की. इसके बाद वीवो की 88 लाख फोन की बिक्री के साथ 17.6 प्रतिशत, रीयलमी की 87 लाख के साथ 17.4 प्रतिशत और ओप्पो की 61 लाख स्मार्टफोन की बिक्री के साथ 12.1 प्रतिशत हिस्सेदारी रही. समीक्षावधि में एपल ने भी बाजार में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की और इस दौरान आठ लाख इकाई की बिक्री की.

भारत में चीनी उत्पादों के बहिष्कार का लोगों के खरीद निर्णयों पर नहीं पड़ा फर्कः
कैनालिस के शोध विश्लेषक वरुण कन्नन ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में भारत-चीन के बीच का तनाव लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय रहा है. लेकिन बाजार में लोगों के खरीद निर्णयों पर इसका असर अभी दिखना बाकी है. उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के तनाव के बीच सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार का मुद्दा छाया रहा. इस बीच सरकार ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और अखंडता को खतरा बताते हुए कई चीनी मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित किया है.
सोर्स भाषा

इंडिगो एअरलाइन पर छाई देवी की भक्ति ललक, 6 एयरपोर्टस् पर किया दुर्गा पूजा का आयोजन

इंडिगो एअरलाइन पर छाई देवी की भक्ति ललक, 6 एयरपोर्टस् पर किया  दुर्गा पूजा का आयोजन

नई दिल्ली:  इंडिगो एयरलाइन इन दिनों देवी की भक्ति करने में व्यस्रत है और देवी के साथ-साथ अपने कस्टूमर्स को भी प्रसन्न करने की कोशिश में लगी हुई है.  बृहस्पतिवार को आई एक आधिकारिक रिलीज में एयरलाइन ने कहा है कि वह छह हवाईअड्डों पर धुनुची नृत्य, अल्पना डिजाइन और सिंदूर खेला के माध्यम से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही है.

एअरलाइन कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में कहा कि ये छह हवाईअड्डे कोलकाता, सिल्चर, गुवाहाटी, बागडोगरा, अगरतला और जोरहाट में हैं. उन्होनें बताया कि इसके अलावा 6 ई टिफिन के तहत विशेष बंगाली व्यंजनों की सूची लाई गई है जो खासकर 21 से 27 अक्टूबर तक कोलकाता से जाने वाली उड़ानों में उपलब्ध होंगे. 

कंपनी ने कहा कि यह कार्यक्रम इंडिया बाई इंडिगो का हिस्सा है जिसके तहत विभिन्न भारतीय संस्कृतियों को बढ़ावा दिया जाता है. इसने कहा कि 21 से 27 अक्टूबर तक के कार्यक्रमों में हवाईअड्डों पर ‘धुनुची नृत्य’, ‘अल्पना डिजाइन’ और ‘सिंदूर खेला’ शामिल होंगे.  इस दौरान कर्मचारी पारंपरिक पूजा परिधान पहने नजर आएंगे और उड़ान संबंधी घोषणाएं बंगाली में की जाएंगी. (सोर्स-भाषा) 

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