लखनऊ पीलीभीत की मुरली को पांच हजार साल पहले कान्हा ने मान्यता दी लेकिन पिछली सरकारों ने भुला दिया : योगी

पीलीभीत की मुरली को पांच हजार साल पहले कान्हा ने मान्यता दी लेकिन पिछली सरकारों ने भुला दिया : योगी

पीलीभीत की मुरली को पांच हजार साल पहले कान्हा ने मान्यता दी लेकिन पिछली सरकारों ने भुला दिया : योगी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को पीलीभीत में भगवान कान्हा की मुरली को याद करते हुए कहा कि यहां की बांसुरी को फिर से स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि आपकी मुरली को पांच हजार साल पहले भगवान श्रीकृष्ण ने मान्यता दी थी, लेकिन पिछली सरकारों ने इसे भुला दिया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीलीभीत की बांसुरी जो कभी भगवान श्रीकृष्ण बजाया करते थे, उसे फिर से स्थापित करने का काम किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हमने इस उद्योग को ओडीओपी से जोड़ा है ताकि इस परंपरा को आगे बढ़ाया जा सके. यहां उद्योग की स्थापना की गई है जिससे नौजवानों को रोजगार के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. महिलाओं के उत्थान के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. किसानों को आगे बढ़ाने के लिए केन्द्र और प्रदेश सरकार तमाम सुविधाएं दे रही हैं.

 

भाजपा की उत्तर प्रदेश इकाई द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार गरीबों को महीने में दो बार राशन दे रही है. इस तरह का काम पहले की भी सरकारें कर सकती थीं, लेकिन यह पैसा पिछली सरकार के लोगों की जेब में चला जाता था. योगी ने आज पीलीभीत में राजकीय मेडिकल कॉलेज समेत 380 करोड़ रुपये की लागत वाली 70 परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया और पार्टी द्वारा आयोजित भारतीय जनता पार्टी जन विश्वास यात्रा को संबोधित किया.(भाषा) 

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