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गणेश घोघरा पदभार ग्रहण समारोह, सीएम गहलोत बोले, मुझे खुशी है कि एक नई जान यूथ कांग्रेस में आ गई

गणेश घोघरा पदभार ग्रहण समारोह, सीएम गहलोत बोले, मुझे खुशी है कि एक नई जान यूथ कांग्रेस में आ गई

जयपुर: यूथ कांग्रेस में सोमवार को आदिवासी लहर देखने को मिली. यह शायद दूसरा मौका है जब दक्षिणी राजस्थान के आदिवासी अंचल से गणेश घोघरा को प्रदेश यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बनने का अवसर मिला.सीएम गहलोत ने कहा कि आज एक नई जान यूथ कांग्रेस में नजर आ रही. गहलोत, गहलोत और गहलोत. आज यहीं नजर आ रहा था यूथ कांग्रेस के पदभार ग्रहण समारोह में. गहलोत के फोटो से सुसज्जित आदिवासी अंचल से आये युवाओं का जोश देखने लायक था, गणेश घोगरा के पदभार ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत , पीसीसी चीफ गोविन्द सिंह डोटासरा , कृषि मंत्री लालचंद कटारिया , मंत्री भंवर सिंह भाटी ,अशोक चांदना अमरदीन फकीर ,पलक वर्मा समेत प्रमुख नेता शामिल हुए. सीएम गहलोत ने कहा कि आज एक नई जान यूथ कांग्रेस में नजर आ रही. 

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केंद्र की मोदी सरकार को जमकर लिया निशाने पर:
गहलोत ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार को जमकर निशाने पर लिया. गहलोत ने युवा कांग्रेस के पदभार ग्रहण समारोह में युवा नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज देश में लोकतंत्र खतरे में है और कांग्रेस लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है. मुख्यमंत्री ने युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी को एकजुट होकन लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में आगे आना चाहिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा कि युवाओं को रोजगार की दिशा में प्रयास किये जाएंगे. गणेश घोगरा ने कहा कि कांग्रेस का मेरे ऊपर कर्ज है मुझे यहां तक पहुंचाया.

कांग्रेस पार्टी ने युवाओं को हमेशा आगे बढ़ाने का किया काम:
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि राहुल गांधी केंद्र की मोदी सरकार की गलत नीतियों की जिस तरह से घेराबंदी कर रहे हैं हम सभी को सोशल मीडिया पर उसका समर्थन करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा की युवाओं को हमेशा आगे बढ़ाने का काम कांग्रेस पार्टी ने किया है जितने भी नेता कांग्रेस में निकल कर आए हैं वह सब यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई की देन है. बहरहाल अब उम्मीद की जानी चाहिये कि यूथ कांग्रेस आपसी कलह से बढकर गणेश घोघरा की अगुवाई में आगे बढ़ेगी ,लेकिन आज मुकेश भाकर ,रोमा जैन ,सुमित भगासरा और उनके समर्थकों का नहीं आना जताता है कि खटास आसानी से नहीं जाएगी. सचिन पायलट की गैर मौजूदगी और उनके समर्थकों का नहीं आना चर्चा का विषय रहा.
गणेश घोघरा को खुद ही प्रयास करने होंगे ,टूल बनकर काम करेंगे तो सफल नहीं हो पायेंगे ,सालों बाद किसी नेता का यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पद पर मनोनयन हुआ है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट 

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लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका मामले में दायर की जमानत याचिका

लालू यादव ने चारा घोटाले के दुमका मामले में दायर की जमानत याचिका

रांची:  चारा घोटाले मामले में लालू यादव ने जमानत की मांग की है. करीब साढ़े नौ सौ करोड़ रुपये के चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने मंगलवार को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये गबन के मामले में भी झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल कर दी है.  चारा घोटाले के दुमका मामले में चौदह वर्ष की सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में आज जमानत याचिका दाखिल की गई है. 

इस मामले में लालू को विशेष सीबीआई अदालत ने 14 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी है और उक्त मामले में ही वह इस समय न्यायिक हिरासत में बंद हैं. दुमका मामले में उच्च न्यायालय से उनकी जमानत याचिका पहले खारिज भी हो चुकी है. दूसरी ओर लालू को हाल में ही नौ अक्तूबर को चारा घोटाले के चाईबासा कोषागार से गबन के एक मामले में उच्च न्यायालय ने आधी सजा पूरी कर लेने के आधार पर जमानत दी थी. लालू के अधिवक्ता देवर्षि मंडल ने बताया कि उन्होंने उच्च न्यायालय में जमानत याचिका आज दाखिल की है.

मंडल ने दावा किया कि लालू यादव ने दुमका मामले में 42 माह जेल में पूरे कर लिये हैं जिसे देखते हुए आधी सजा पूरी कर लेने और लालू की बीमारियों के आधार पर न्यायालय से जमानत मांगी गयी है. चाईबासा के अलावा लालू को पूर्व में देवघर कोषागार से गबन और चाईबासा के एक अन्य मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है लेकिन दुमका कोषागार से गबन के मामले में उन्हें अब तक जमानत नहीं मिली थी जिसके चलते अभी वह न्यायिक हिरासत में ही हैं. (सोर्स-भाषा)

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नगर निगम चुनाव: भाजपा प्रत्याशियों को दो टूक मैसेज, मौका मिला है, तो जीतकर ही आना होगा

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जयपुर: भारतीय जनता पार्टी ने जयपुर ग्रेटर और हेरिटेज नगर निगम के भाजपा प्रत्याशियों को आज बैठक में बुलाकर दो टूक मैसेज दिया है कि अब पार्टी ने जब मौका दिया है तो आपको जीत कर भी आना होगा. तमाम प्रत्याशियों को कहा है कि आप सभी भाग्यशाली हैं कि संगठन स्तर पर राय मशवरा और आपसी चर्चाओं के बाद आप सभी का चयन हुआ है पार्टी में और भी योग्य कार्य करता है ऐसा नही है कि आप ही योग्य हो. लेकिन संगठन जिसे जो जिम्मेदारी देता है आपसी राय मशवरा और चर्चा के बाद दी जाती है. तो दूसरी तरफ प्रत्याशियों को अपने स्तर पर बागियों को मनाने काफी टास्क दे दिया है. भाजपा ने कहा है कि यदि पार्टी के कोई कार्यकर्ता निर्दलीय खड़े हुए हैं तो आप उनके घर पर जाएं और सौहार्द पूर्ण वातावरण में पार्टी की एकजुटता के लिए उनसे बात करें.

संगठन में सभी कार्यकर्ता है कोई खुद को बड़ा ना समझें:
दूसरी तरफ हिदायत भी दी है कि संगठन में सभी कार्यकर्ता है कोई खुद को बड़ा ना समझें. टिकट मिल गया है तो तमाम नाराजगी और आपसी प्रतिद्वंद्विताओं को छोड़कर भाजपा कार्यकर्ता एकजुटता के साथ जीत दर्ज करें. जयपुर नगर निगम चुनाव-2020 को लेकर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने सुबह से लेकर देर रात तक मैराथन बैठकें की. भाजपा प्रदेश कार्यालय में डाॅ. सतीश पूनियां  प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर ने जयपुर हैरिटेज एवं जयपुर ग्रेटर के भाजपा प्रत्याशियों के साथ बैठकें कर चुनाव प्रबन्धन, चुनाव प्रचार, पार्टी की रीति नीति, स्थानीय मुद्दों इत्यादि विषयों पर संवाद किया. इस दौरान प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर, विधायक एवं पूर्व मंत्री वासुदेव देवनानी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, प्रदेश मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, प्रदेश मंत्री जितेन्द्र गोठवाल, श्रवण सिंह बगडी, जयपुर शहर जिलाध्यक्ष राघव शर्मा उपस्थित रहे.

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सभी बूथों पर पार्टी को मजबूत करने पर देना है विशेष ध्यान:
डाॅ. पूनियां ने जयपुर हैरिटेज एवं जयपुर ग्रेटर के भाजपा पार्षद प्रत्याशियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 से और अब 2019 तक देश के बुनियादी विकास से लेकर वैचारिक मुद्दों का समाधान किया है और सभी वर्गाें के  विकास के लिए योजनाएं संचालित कर रहे है. उन्होंने कहा कि हमें केन्द्र सरकार की योजनाएं, हमारी पार्टी की पिछली सरकारों द्वारा किये गये कार्यों और पार्टी के विकास के एजेण्डे, रीति नीति को जन-जन तक पहुंचाना है. डाॅ. पूनियां ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 20 महीनों में जयपुर की खूबसूरती को बिगाड़ने का काम किया है, पिछले डेढ़ साल में एक भी वर्कआर्डर नहीं हुआ है. इसलिए हमें कांग्रेस सरकार की विफलताओं को पुरजोर तरीके से उठाने के साथ-साथ स्थानीय मुद्दों को भी गंभीरता के साथ आमजन के बीच रखना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की हकीकत यह है कि ना तो यह किसी कौम का भला कर सकती और ना देश का भला कर सकती है. इसलिए दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा से हर वर्ग जुड़ रहा है और अल्पसंख्यक भी कांग्रेस की झूठ एवं लूट की राजनीति को समझकर भाजपा से जुड़ रहा है. चन्द्रशेखर ने सम्बोधित करते हुए कहा कि समाज के प्रबुद्धजनों से संवाद कर सभी बूथों पर पार्टी को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देना है. उन्होंने कहा कि पार्टी की रीति नीति, स्थानीय मुद्दे सहित विभिन्न विषयों पर गंभीरता से काम करते हुए भाजपा को निगम चुनावों में बहुत अच्छी जीत दिलाने की पुरजोर कोशिश के लिए कार्य करें. पार्टी के पार्षद प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार, प्रबन्धन से सम्बन्धित नियमों की जानकारी दी गई.

...फर्स्ट इंडिया के लिए ऐश्वर्य प्रधान की रिपोर्ट

Local Body Election 2020: अब बागियों को मनाने का दौर, महेश जोशी ने जयपुर में शुरू कर दी कवायद

Local Body Election 2020: अब बागियों को मनाने का दौर, महेश जोशी ने जयपुर में शुरू कर दी कवायद

जयपुर: टिकट वितरण और नामांकन का दौर सोमवार को समाप्त होने के बाद अब कांग्रेस के बड़े नेताओं ने बागियों को मनाने की कवायद शुरू कर दी है. बागियों को हर हाल में चुनाव लड़ने से रोकने और मनाने की कोशिश की जाएगी. पीसीसी में आज मुख्य सचेतक और हवामहल विधायक डॉ. महेश जोशी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान इस बात के संकेत भी दिये. 

उनकी हर तरह से मान मुनव्वल करने का प्रयास करेंगे:
डॉ. जोशी ने कहा कि जिन कार्यकर्ताओं ने टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर नामांकन भर दिया है उन्हें नाम वापसी के लिए मनाया जाएगा. हम उनसे नाम वापस लेने का अनुरोध करेंगे. उनकी हर तरह से मान मुनव्वल करने का प्रयास करेंगे. भविष्य में पार्टी में उनका मान-सम्मान बरकरार रहे इस बात का खास ध्यान रखा जाएगा. बागियों को राजनीतिक नियुक्तियों में स्थान दिलाने की बात से भी डॉ.जोशी ने इनकार नहीं किया.

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मास्क नहीं लगाएं वालों को मीडिया कवरेज नहीं दें:
इसके साथ ही डॉ.जोशी ने मीडिया के माध्यम से अपील की है कि किसी भी राजनीतिक दल या निर्दलीय प्रत्याशी जो फील्ड में प्रचार के दौरान मास्क नहीं लगाएं उन्हें कवरेज नहीं दें. डॉ.जोशी ने अपील की है कि कोरोना से बचने के लिए चुनाव प्रचार के दौरान खुद की अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए डब्ल्यूएचओ और सरकार की गाइड लाइन्स का सभी प्रत्याशी विशेष ध्यान रखें. 
 

चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

 चुनाव आयोग ने बढ़ाई चुनावों में व्यय की राशि, प्रचार में नहीं आएगी परेशानी

नई दिल्ली:  चुनाव आयोग के सुझाव पर सरकार ने लोकसभा और विधानसभा उम्मीदवारों की अधिकतम व्यय सीमा 10 प्रतिशत बढ़ा दी है, क्योंकि कोविड-19 के कारण जारी दिशा-निर्देशों के चलते उन्हें प्रचार करने में परेशानी का सामना कर पड़ सकता है. इससे बिहार विधानसभा चुनाव और लोकसभा की एक तथा विधानसभा की 59 सीटों पर होने वाले उप चुनाव में उम्मीदवारों को मदद मिलेगी.

चुनाव आयोग ने एक महीने पहले कोविड-19 के मद्देनजर उम्मीदवारों के धन व्यय की सीमा 10 प्रतिशत बढ़ाने का सुझाव दिया था. कानून मंत्रालय द्वारा सोमवार रात जारी की गई एक अधिसूचना के अनुसार लोकसभा चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार अब अधिकतम 77 लाख रुपये खर्च कर सकता है. पहले यह सीमा 70 लाख रुपये थी. वहीं विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार अब 28 लाख रुपये की जगह 30.8 लाख रुपये खर्च कर सकता है.

आपको बता दे कि उम्मीदवारों की प्रचार के लिए खर्च करने की अधिकतम सीमा हर राज्य में अलग है. चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अधिकतम व्यय सीमा किसी कारण से बढ़ाई गई है. लेकिन अधिसूचना में कारण का उल्लेख करने की आवश्यकता नहीं है. लोकसभा चुनाव से पहले 2014 में आखिरी बार अधिकतम व्यय सीमा बढ़ाई गई थी. 

बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 28 अक्टूबर, तीन नवम्बर और सात नवम्बर को होना है. अधिकतर उपचुनाव तीन नवम्बर को होंगे. बिहार में वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट और मणिपुर की कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनव सात नवम्बर को है. (सोर्स-भाषा)

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पेश, कैप्टन जमकर साधा निशाना

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चंडीगढ़: देश के अलग-अलग हिस्सों में केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है. इस बीच आज पंजाब विधानसभा में इन कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पेश कर दिया है. इसके साथ ही तीन एक्ट भी पेश किए गए. ऐसे में पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है. 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया:
मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया. बिल पेश करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि वे केंद्रीय कृषि कानून की आलोचना करते हैं. केंद्र सरकार इस एक्ट को वापस ले, इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा है. इस कानून से किसानों का भला नहीं होगा, बल्कि उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ेगा.

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इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए: 
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि तीन कृषि कानूनों के अलावा इलेक्ट्रिसिटी बिल में भी जो बदलाव किए गए हैं, वो भी किसान और मजदूरों के खिलाफ हैं. इससे पंजाब के साथ हरियाणा और वेस्ट यूपी पर भी असर पड़ेगा. 

अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें:
विधानसभा में केंद्र के कानूनों के खिलाफ तीन नए बिल पेश किए गए, जो केंद्र द्वारा लाए कानूनों के बिल्कुल अलग हैं और एमएसपी को जरूरी करते हैं. पंजाब सीएम ने रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों से अपील की है कि अब धरना खत्म कर दें और काम पर लौटें, इन कानूनों के खिलाफ हम कानूनी लड़ाई लड़ेंगे. 

CM शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

 CM  शिवराज सिंह चौहान के चुनावी रोड शो में शर्तों का उल्लंघन, मामला दर्ज

इंदौर: मध्य प्रदेश में कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है. प्रदेश के  सांवेर विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सोमवार शाम आयोजित चुनावी रोड शो में अनुमति की शर्तों और कोविड-19 से बचाव के दिशा-निर्देशों के कथित उल्लंघन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि यह मामला भाजपा के एक स्थानीय नेता के खिलाफ दर्ज किया गया है जिसके आवेदन पर सांवेर कस्बे में मुख्यमंत्री के रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर पुलिस थाने के प्रभारी संतोष कुमार दूधी ने बताया कि सोमवार शाम निकाले गए रोड शो को इन शर्तों पर मंजूरी दी गई थी इसमें केवल पांच वाहन शामिल होंगे और शारीरिक दूरी व कोविड-19 से बचाव के अन्य दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा मगर राजनेता के समर्थकों ने नियमों को ताक पर उठाकर रख दिया, जिसके बाद एक्शन लेना पड़ा. 

उन्होंने सांवेर के रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय से पुलिस थाने को भेजे गए पत्र के हवाले से बताया कि अनुमति की शर्तों का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री के रोड शो में 20 से 25 गाड़ियां शामिल हुईं है. इस चुनावी आयोजन में शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं किया और इसमें शामिल कई लोगों ने महामारी से बचाव के लिए मास्क भी नहीं पहना था. 

थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्यमंत्री के रोड शो में नियम-शर्तों के कथित उल्लंघन पर स्थानीय भाजपा नेता दिनेश भावसार के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 (किसी सरकारी अधिकारी का आदेश नहीं मानना) के तहत सोमवार देर रात मामला दर्ज किया गया है. इस नेता के आवेदन पर ही मुख्यमंत्री के चुनावी रोड शो की अनुमति दी गई थी.

सांवेर सूबे के उन 28 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल है जहां तीन नवंबर को उप चुनाव होने हैं. अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस सीट पर मुख्य चुनावी भिड़ंत प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट और पूर्व लोकसभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू के बीच है. वे क्रमशः भाजपा और कांग्रेस की ओर से चुनावी मैदान में उतरे हैं. नतीजे क्या कमाल दिखाएंगे ये तो वोटिंग के बाद पता चल पाएगा. (सोर्स-भाषा)

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कमलनाथ के बाद अब शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेता की पत्नी पर की अश्लील टिप्पणी

कमलनाथ के बाद अब शिवराज के मंत्री के बिगड़े बोल, कांग्रेस नेता की पत्नी पर की अश्लील टिप्पणी

भोपाल: मध्य प्रदेश में उपचुनाव से पहले आपत्तिजनक टिप्पणियों पर विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. अभी कांग्रेस के पूर्व सीएम कमलनाथ की टिप्पणी पर विवाद थमा भी नहीं है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह कैबनिट में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री बिसाहूलाल द्वारा एक अभद्र टिप्पणी कर देने का मामला सामने आया है. बिसाहू लाल साहू ने कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह की पत्नी पर अश्लील टिप्पणी की है. 

बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ: 
उपचुनाव से पहले अनूपपुर से बीजेपी उम्मीदवार बिसाहू लाल साहू का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो में बिसाहू लाल साहू कहते हैं कि विश्वनाथ सिंह ने चुनावी फॉर्म में अपनी पहली पत्नी का ब्योरा नहीं दिया है और दूसरी औरत का ब्योरा दिया है. इस दौरान बिसाहू लाल साहू अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर देते हैं.

बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया: 
बिसाहूलाल के इस बयान पर कांग्रेस ने बीजेपी पर पलटवार किया है. कांग्रेस ने कहा है कि कल कलनाथ के एक शब्द को पकड़कर सीएम शिवराज ने मौन रखा, अब वह क्या करेंगे? अब सीएम शिवराज को मंत्री बिसाहूलाल पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.

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कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी: 
वहीं इस मामले पर कांग्रेस नेता विश्वनाथ सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि वह (बिसाहू लाल साहू) अप्रासंगिक बातें बोल रहे हैं क्योंकि वह चुनाव हार रहे हैं. मैंने अपनी पत्नी से 15 साल पहले शादी की थी और हमारे दो बच्चे हैं. मैं उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करूंगा.

कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी:
उपचुनाव से पहले वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बयान पर अभी भी विवाद जारी है. कमलनाथ ने एक रैली में बीजेपी नेता इमरती देवी को आइटम कहा था, जिस पर राजनीतिक बवाल तेज हो गया है. इसके विरोध में शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को दो घंटे का मौन रखा और कांग्रेस से माफी मांगने की अपील की. 
 

मायावती बोलीं, कमलनाथ की महिला विरोधी टिप्पणी शर्मनाक, कांग्रेस माफी मांगे 

मायावती बोलीं, कमलनाथ की महिला विरोधी टिप्पणी शर्मनाक, कांग्रेस माफी मांगे 

भोपाल: बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा दलित समुदाय की भाजपा नेता एवं राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी को कथित तौर पर आइटम कहे जाने की सोमवार को निन्दा करते हुए कहा कि कांग्रेस को इसके लिए सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए. मायावती ने कमलनाथ पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, मध्य प्रदेश में ग्वालियर की डबरा (आरक्षित) विधानसभा सीट पर उपचुनाव लड़ रहीं दलित महिला (इमरती देवी) के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोर महिला-विरोधी अभद्र टिप्पणी अति-शर्मनाक व अति-निन्दनीय. इसका संज्ञान लेकर कांग्रेस आलाकमान को सार्वजनिक तौर पर माफी माँगनी चाहिए.

उन्होंने आगे लिखा, साथ ही, कांग्रेस पार्टी को इसका सबक सिखाने व आगे महिलाओं का अपमान करने से रोकने आदि के लिए भी खासकर दलित समाज के लोगों से अपील है कि वे मध्य प्रदेश में विधानसभा की सभी 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में अपना वोट एकतरफा तौर पर केवल बसपा उम्मीदवारों को ही दें तो यह बेहतर होगा. उल्लेखनीय है कि इमरती देवी के खिलाफ मध्य प्रदेश की डबरा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के लिए चुनाव प्रचार करते हुए कमलनाथ ने रविवार को कहा था, डबरा से सुरेश राजे जी हमारे उम्मीदवार हैं. सरल स्वभाव के, सीधे-सादे हैं। ये तो उसके जैसे नहीं हैं। क्या है उसका नाम?

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इस बीच, वहां मौजूद जनता जोर-जोर से इमरती देवी, इमरती देवी कहने लगी. इसके बाद कमलनाथ ने हंसते हुए कहा कि मैं क्या उसका (डबरा की भाजपा प्रत्याशी का) नाम लूं. आप तो उसको मेरे से ज्यादा पहचानते हैं. आपको तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था. ये क्या आइटम है? पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निष्ठावान समर्थकों में गिनी जाने वाली इमरती देवी कांग्रेस के उन 22 बागी विधायकों में से एक हैं जिनके विधानसभा से त्यागपत्र देकर भाजपा में शामिल होने के कारण 20 मार्च को तत्कालीन कमलनाथ सरकार गिर गई थी. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा 23 मार्च को राज्य की सत्ता में लौट आई थी. गौरतलब है कि डबरा समेत राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को उपचुनाव होना है.(भाषा)