Rajasthan में Youth Vaccination बंद, सरकार का दावा- Payment करने के बाद भी नहीं मिले टीके

Rajasthan में Youth Vaccination बंद, सरकार का दावा- Payment करने के बाद भी नहीं मिले टीके

Rajasthan में Youth Vaccination बंद, सरकार का दावा- Payment करने के बाद भी नहीं मिले टीके

जयपुर: राजस्थान (Rajasthan) में युथ (Youth) को अब वैक्सीन नहीं लगेगी. राज्य सरकार ने जानकारी दी कि सभी 33 जिलों में 18+ आयुवर्ग के सभी सरकारी वैक्सीनेशन केंद्र बंद कर दिए गए हैं. राज्य सरकार ने जानकारी देते हुए बताया कि वैक्सीन की किल्लत की वजह से से केंद्र बंद कर दिए गए हैं. सरकार का कहना है कि पैसों का भुगतान करने के बाद भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं हुई हैं.

निजी समेत 250 अस्पतालों में लग रही है वैक्सीन:
हालांकि जयपुर के 52 निजी अस्पतालों और समेत राज्य के 250 अस्पतालों में युथ को वैक्सीन लग रही है. यहां वैक्सीन की उपलब्धता है. वहीं 45 साल की उम्र वाले लोगों के लिए अकेले जयपुर के कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) में ही वैक्सीन की करीब ढाई लाख डोज पड़ी हैं लेकिन लगवाने नहीं मिल रहे हैं.

राज्य सरकार का दावा, भुगतान के बाद भी नहीं मिले टीके:
राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने दावा किया है कि सौ करोड़ रुपये अग्रिम तौर पर जमा करने के बाद भी कोविशील्ड और कोवैक्सीन, 18+ लोगों के लिए नहीं मिल पा रही हैं. जयपुर के ज्यादातर वैक्सीनेशन केंद्र 25 मई से बंद हैं क्योंकि वहां टीके की उपलब्धता बहुत कम या ना के बराबर है. जयपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMHO) का कहना है कि हमारे पास कई दिनों से 18+ लोगों के लिए वैक्सीन नहीं आ रही है, जिस कारण सभी केंद्र बंद कर दिए गए हैं. निजी अस्पताल सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीद रहे हैं, इसलिए उनके पास उपलब्धता है. 

एक डोज 500 रुपये में:
राजस्थान के बड़े-बड़े निजी अस्पतालों में कोविशील्ड और कोवैक्सीन (Covishield and Covaccine) की एक डोज 500 रुपये में लगाई जा रही है. ये खुराक 18+ आयुवर्ग के लोगों को दी जा रही है. राज्य सरकार ने जयपुर के 52 निजी अस्पतालों को कोरोना की टीका लगाने की अनुमति दी हुई है. ये अस्पताल सीधे कंपनियों से वैक्सीन खरीद रहे हैं. 

इधर राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) का कहना है कि हमने वैक्सीन लगाने के लिए कंपनियों को 100 करोड़ रुपये एडवांस में दिए हुए हैं लेकिन उसके बाद भी कंपनियां वैक्सीन नहीं दे रही हैं, ऐसे में हम क्या करें. स्वास्थ्य मंत्री ने इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार बताया है. 


 

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