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सीएम की बड़ी सौगात, नहरी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर

सीएम की बड़ी सौगात, नहरी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ का अतिरिक्त बजट मंजूर

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नहरी क्षेत्र की परियोजनाओं के लिए लगभग 50 करोड़ रूपए अतिरिक्त मंजूर करके किसानों को बड़ी सौगात दी है. साथ ही जनजाति क्षेत्र में आदिवासी किसानों को नियमित मंडी की सुविधा के लिए भी ऐलान कर दिया गया है. 

तीन प्रस्तावों को मंजूरी:
राज्य सरकार नहरी तंत्र को सुदृढ करने के लिए वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं के लिए लगभग 50 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराएगी. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सम्बन्ध में विभाग की ओर से प्राप्त तीन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनके तहत यह राशि इसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध हो सकेगी. 

विभिन्न योजनाओं के लिए राशि:
निर्णय के अनुसार, जल संसाधन विभाग को हनुमानगढ़ में संचालित राजस्थान जल क्षेत्र सुधार पुनर्संरचना परियोजना रेगिस्तान क्षेत्र के बकाया दायित्वों के भुगतान के लिए कुल 38 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी. जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित गंग नहर आधुनिकीकरण परियोजना के लिए केन्द्र सरकार की ओर से बकाया 7 करोड़ रूपए की अंश राशि प्राप्त करने के लिए 5 करोड़ रूपए का अतिरिक्त बजट इसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री ने सिंचित क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत प्रगतिरत उन परियोजनाओं के लिए भी राज्य निधि से 5.91 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि देने की स्वीकृति दी है, जिनके लिए केन्द्र सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2016-17 के बाद से भुगतान बंद कर दिया गया है, ताकि इन परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सके. परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराना संभव होगा. 

नियमित मंडी की सुविधा:
मुख्यमंत्री ने जनजाति क्षेत्र में आदिवासी किसानों को नियमित मंडी की सुविधा उपलब्ध करवाने तथा कृषि उपजों के लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से बांसवाड़ा कृषि उपज मंडी में कृषि जिन्सों का व्यापार शुरू करने के लिए दुकानों का आवंटन प्रचलित डीएलसी दर की 100 प्रतिशत के स्थान पर 50 प्रतिशत पर करने का निर्णय लिया है. 

कृषि विपणन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति:
गहलोत ने इस संबंध में कृषि विपणन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है. निर्णय के अनुसार, 50 प्रतिशत डीएलसी दर पर आधारित आवंटन राशि तथा निर्माण लागत जमा करवाने के बाद मूल आवंटी मंडी परिसर में व्यापार शुरू कर सकेंगे. इन आवंटनों के लिए दुकान की निर्माण लागत की गणना वर्ष 1980-81 की वास्तविक निर्माण लागत को आधार मानकर की जाएगी. साथ ही, आवंटन राशि जमा नहीं करवाने के कारण मंडी समिति द्वारा निरस्त किए गए आवंटन भी बहाल किए जाएंगे. 

निर्माण लागत में छूट से राजकोष को हानि: 
जनजाति क्षेत्र बांसवाडा में नियमित मण्डी की सुविधा नहीं होने से आदिवासी किसानों को अपनी कृषि उपज को समीपस्थ राज्य गुजरात में विक्रय हेतु ले जाना पड़ता था. लम्बे समय से व्यापार स्थानान्तरण में आ रहे गतिरोध की समाप्ति के उपरान्त अब जिला मुख्यालय पर स्थित मण्डी में कृषि जिन्सों का व्यापार स्थानान्तरण हो पायेगा जिससे क्षेत्र के किसानों, व्यापारियों एवं आम जनता को लाभ प्राप्त हो सकेगा. राज्य सरकार के इस निर्णय से आवंटन राशि तथा निर्माण लागत में छूट से राजकोष को 2.17 करोड़ रूपये की हानि होगी, लेकिन मंडी निर्माण के लगभग 40 वर्ष पश्चात् मुख्य मण्डी परिसर बांसवाड़ा में कृषि जिन्सों का व्यापार जल्द शुरू हो सकेगा और मंडी की परिसम्पत्ति की उपयोगिता सुनिश्चित हो सकेगी. शिथिलताओं के बाद कृषि जिन्सों के उचित मूल्य के रूप में जनजाति क्षेत्र के किसानों को इसका लाभ मिलेगा. 

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राज्यपाल कलराज मिश्र बोले, आत्मनिर्भर भारत के लिए युवाओं को आत्मविश्वासी बनाना होगा

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जयपुर: जन चेतना मंच द्वारा स्वर्गीय सुंदर सिंह भंडारी जन्म शताब्दी वर्ष के मौके पर ऑनलाइन व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया. राज्यपाल कलराज मिश्र ने व्याख्यानमाला को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित किया. राज्यपाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बहुत जरूरी है. आर्थिक दृष्टिकोण से सशक्त भारत की कल्पना को साकार करने के लिए सभी को प्रयास करने होंगे. उद्यमिता विकास के लिए युवाओं में आत्मविश्वास जगाना होगा. इससे भारत आत्मनिर्भर बनेगा, संपन्न बनेगा.

आत्मविश्वास की कमी से नौकरी के लिए भटक रहे हैं युवा:
राज्यपाल ने कहा कि आत्मविश्वास की कमी से युवा नौकरी के लिए भटक रहे हैं. जबकि हमारे पास गांव में ही धंधे आरंभ करने के लिए संसाधन हैं. गांव में रहकर ही लोग जीवन यापन कर सकते हैं, देश की सेवा कर सकते हैं. देश और प्रदेश में चल रही योजनाओं की जानकारी युवाओं को मिलेगी तो वे योजनाओं का लाभ उठाकर स्वरोजगार को अपना सकेंगे. इस मौके पर राज्यपाल नेस्वर्गीय भंडारी के सादगी पूर्ण जीवन की सराहना की और कहा कि वे नेक दिल इंसान थे. देश की भावी पीढ़ी को आज उनके समर्पण और त्याग को समझने की जरूरत है.

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नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी किया संबोधित:
ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा उनके जीवन से सीखी जा सकती है. वे सभी कार्यकर्ताओं के पत्र का जवाब पोस्ट कार्ड से देते थे और खर्चा बचाने के लिए बस और ट्रेन में सफर करने में कोई संकोच नहीं करते थे. राज्यपाल ने कहा कि स्वर्गीय भंडारी से मेरा निकट का संबंध था. उनसे मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला. वे दलित और वंचितों की मदद करने की पहल करते थे. समारोह को राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने भी संबोधित किया. कटारिया ने कहा कि उन्होंने समाज में मानव जीवन को नई दिशा देने की पहल की. गरीबों की मदद करने में भंडारी ने अग्रणी भूमिका निभाई. समारोह को बजरंग लाल, निंबाराम, हेमंत शर्मा और आईएम सेतिया ने भी संबोधित किया.

...फर्स्ट इंडिया के लिए काशीराम चौधरी की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था, राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 होगी शुरू

मुख्यमंत्री गहलोत बोले, सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था, राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 होगी शुरू

जयपुर: प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य के सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है. किसी भी जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड तथा वेन्टिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की कमी नहीं है. इस संबंध में कतिपय भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.

सोमवार से राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 शुरू होगी:
प्रदेश में कोरोना वायरस से प्रभावित किसी भी व्यक्ति या उसके परिजन को किसी भी परेशानी सलाह या कोरोना से संबंधित जानकारी देने के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन 181 भी सोमवार 21 सितम्बर से शुरू होगी. कोई भी व्यक्ति 181 नम्बर डायल करके कोरोना से संबंधित समस्या के समाधान तथा सलाह लेने के लिये सम्पर्क कर सकेगा. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस हेल्पलाइन के लिए पर्याप्त टेलीफोन लाइन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. 

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राज्य एवं जिला स्तर तक वॉर रूम भी स्थापित:
इस हेल्पलाइन पर आने वाली कोरोना वायरस से संबंधित सूचनाओं तथा लोगों द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए किए जाएंगे. कोरोना के मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए ये वॉर रूम 24x7 काम करेंगे. जिलों में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी वॉर रूम के प्रभारी होंगे.

हेल्थ प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना करवाने के निर्देश:
सीएम गहलोत ने महामारी के संक्रमण से बचने के लिए सभी सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने और उचित दूरी रखने सहित हेल्थ प्रोटोकॉल की कड़ाई से पालना करवाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि लोगों को बाजारों, कार्यालयों, सार्वजनिक परिवहन, पर्यटन स्थलों आदि सभी जगह पर ’नो मास्क, नो एन्ट्री’ के संकल्प की पालना करनी चाहिए.

कोरोना महामारी: राजस्थान में 11 जिला मुख्यालयों पर धारा-144 लागू, 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक

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जयपुर: प्रदेश में कोरोना महामारी के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए 11 जिलों में  राज्य सरकार ने जिला मुख्यालयों में सार्वजनिक स्थलों पर धारा-144 लागू कर 5 से अधिक व्यक्तियों के समूह में इकट्ठा होने पर रोक लगाने का निर्णय किया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार रात एक उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया. 

इन जिलों में रहेगा प्रतिबंध:
कोविड-19 संक्रमण की गंभीर स्थिति के मद्देनजर जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बीकानेर, उदयपुर, सीकर, पाली और नागौर जिलों के मुख्यालय वाले शहरों में सार्वजनिक स्थलों पर धारा-144 के तहत 5 से अधिक व्यक्तियों के एक साथ इक्कठा होने पर प्रतिबंध रहेगा. सार्वजनिक जगहों पर 5 व्यक्ति भी मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियम की पालना करेंगे. संबंधित जिले के कलेक्टर इस संबंध में आदेश जारी करेंगे. 

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सामाजिक-धार्मिक आयोजन पर रोक:
सीएम गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर प्रदेश में कोविड-19 महामारी की स्थिति और उससे बचाव के उपायों पर अधिकारियों के साथ बैठक में पूरे प्रदेश में किसी भी सामाजिक-धार्मिक आयोजन पर रोक को भी 31 अक्टूबर तक यथावत जारी रखने का निर्णय लिया है. केवल अंतिम संस्कार में 20 और विवाह-शादी के आयोजन में 50 व्यक्तियों के शामिल होने की छूट पूर्ववत रहेगी, लेकिन इसके लिए स्थानीय उपखण्ड अधिकारी को पूर्व सूचना देनी होगी.

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सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था:
सीएम गहलोत ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया है कि राज्य के सभी जिलों में कोरोना के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है. किसी भी जिले में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड तथा वेन्टिलेटर जैसे जीवन रक्षक उपकरणों की कमी नहीं है. इस संबंध में कतिपय भ्रामक सूचनाएं फैलाई गई हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना के मरीजों के इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट मिला है. यह सुसाइड नोट यशवंत सोनी ने लिखा था, जिसमें लिखा है कि कर्ज नहीं चुकाने की वजह से हमें परेशान किया जा रहा है. उसमें 3 लोगों का ​जिक्र किया गया है.

पुलिस ने नामजद तीन व्यक्तियों को लिया हिरासत में:
पुलिस ने नामजद 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

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माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या:
बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर से सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां पर कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली है. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. हालांकि मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट मिला है या नहीं, पुलिस ने फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

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कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या:
बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्त्या, कानोता इलाके के जामडोली की है घटना

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्त्या, कानोता इलाके के जामडोली की है घटना

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने सामूहिक आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई. यह घटना कानोता थाना इलाके के जामडोली की की बताई जा रही है. माता-पिता और दो बच्चों ने सामूहिक आत्महत्या की है. 

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फंदा लगाकर की अपनी जीवनलीला समाप्त:
अब सूचना पर पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे. FSL को भी मौके पर बुलाया गया है. सुसाइड करने वालों में ममता सोनी, भारत सोनी, अजित और यशवंत सोनी शामिल है. इन सभी ने  फंदा लगाकर की अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली. आत्महत्या करने की वजह  कर्जे और आर्थिक तंगी बताई जा रही है. 

कोविड 19 संक्रमित मरीजों को लेकर राज्य सरकार का बड़ा फैसला, अब अस्पताल में भर्ती मरीज से मिल सकेंगे परिजन

कोविड 19 संक्रमित मरीजों को लेकर राज्य सरकार का बड़ा फैसला, अब अस्पताल में भर्ती मरीज से मिल सकेंगे परिजन

जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कोविड संक्रमित मरीजों को राहत देते हुए कोरोना से संक्रमित मरीजों के परिजनों को पीपीई किट व अन्य सुरक्षित साधनों के साथ मरीजों से मिलने व उन्हें भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव अखिल अरोरा ने कोरोना से संक्रमित मरीजों के एकाकीपन व उसके कारण उत्पन्न तनाव को दृष्टिगत रखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं.

तय प्रोटोकॉल के साथ मुलाकात का वक़्त रहेगा तय:
निर्देशों के अनुसार किया कोविड-19 से संक्रमित मरीज जो राजकीय/निजी चिकित्सालयों में उपचाररत हैं, उनसे उनके परिजनों/रिश्तेदारों को समस्त सुरक्षात्मक उपाय (यथा पीपीई किट, मास्क, दस्ताने, नियत दूरी आदि) अपनाते हुए अस्पताल द्वारा तय समय अवधि में मिलने दिया जाए. साथ ही यह भी निर्देशित किया जाता है कि मरीज के परिजन/रिश्तेदार यदि मरीज को घर का खाना देना चाहते हैं तो निर्धारित प्रॉटोकॉल के अनुसार दिया जा सकता है.

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सुरक्षात्मक उपाय को करना होगा फॉलो:
साथ ही निर्देशित किया जाता है कि कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में बैड क्षमता को देखते हुए, उपचार हेतु आने वाले मरीजों की सुविधा व आपात स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त संख्या में व्हील चेयर/स्ट्रेचर एवं छोटे ऑक्सीजन सिलेण्डर हैल्प डेस्क पर उपलब्ध रखा जाना सुनिश्चित करें, जिससे आपात स्थिति में आवश्यकता होने पर मरीज़ को व्हील चेयर/स्ट्रेचर पर ही लो फ्लो ऑक्सीजन, सिलेण्डर के माध्यम से उपलब्ध करावें ताकि मरीज को आपातकालीन स्थिति में तत्काल राहत देते हुए मरीज की स्थिति को स्थिर किया जा सके. 

सोशल मीडिया पर पेपर आउट ऑडियो वायरल मामला: राज.अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा-हमारे पास अभी तक नहीं है इस तरह की कोई सूचना

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नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा पेपर आउट ऑडियो वायरल मामले पर राजस्थान अधीनस्थ बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि हमारे पास अभी तक इस तरह की कोई सूचना नहीं है. अगर इस तरह का कोई मामला आया है, तो इस मामले की जांच करना पुलिस का काम है. हम कल भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी कर चुके है. कल पूरी सावधानी के साथ परीक्षा करवाई जाएगी. 

पेपर आउट गिरोह सक्रिय होने की खबर आई थी सामने:
इससे पहले खबर सामने आई थी कि परीक्षा के एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गए है. जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा है. जानकारी के मुताबिक परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही है. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

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शनिवार को आयोजित होगी परीक्षा:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 शनिवार को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित होगी. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित होगी. 700 पदों पर करीब 90 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए गए है.बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था होगी.

जयपुर में 18047 परीक्षार्थी हैं पंजीकृत:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 के लिए जयपुर में 18047 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं. जयपुर में 69 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी. परीक्षा के लिए 15 सतर्कता दल और 15 उप समन्वयकों की नियुक्ति की गई है.

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