दो साल पहले नागौर एसीबी टीम ने दबाया मामला, अब अजमेर एसीबी ने खोला

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/08/01 01:59

नागौर। नागौर जिले के महिला एवं बाल विकास विभाग में बड़े भ्रष्टाचार को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एसीबी ने जिले में 11 जगहों पर कार्रवाई कर विभाग की उप निदेशक व दो ठेकेदारों किशोर बेंदा और योगेश दायमा को गिरफ्तार किया, वहीं ठेकेदार हरिसिंह से पूछताछ की। उप निदेशक और 6 सीडीपीओ कार्यालयों का रिकॉर्ड सीज किया गया।

जानकारी के अनुसार, आंगनबाड़ी व स्वयं सहायता समूह से बंटने वाले पोषाहार पर विभाग के कुछ अफसरों ने ठेकेदारों के साथ मिल घोटाला किया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय जयपुर समेत अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा व नागौर की टीमों ने नागौर, डेगाना, परबतसर, कुचामन व रियांबड़ी में 11 जगह छापे मारे और तलाशी की कार्रवाई की। इसमें सीडीपीओ व ठेकेदारों की मिलीभगत से लाखों आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के पोषाहार में मिलावट और कमीशनखोरी समेत कई अनियमितताएं उजागर हुई।

कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग उप निदेशक उषारानी के दफ्तर व घर से सरकारी फाइलें व पोषाहार ठेकेदार किशोर बिंदा द्वारा दी जा रही 40 हजार रुपए की घूस की रकम बरामद की। उषारानी के दफ्तर से भी 15 हजार रुपए बरामद हुए। इसी तरह अधिकृत पोषाहार ठेकेदार हरिसिंह के घर से 50 लाख रुपए, स्कॉर्पियो गाड़ी, सरकारी रिकॉर्ड बरामद हुआ।

कलेक्टर ने 2 साल पहले भेजी थी एसीबी को शिकायत :
एसीबी ने नागौर महिला बाल विकास विभाग की उप निदेशक उषारानी को गिरफ्तार किया है। वहीं एसीबी टीम प्रमुख ठेकेदार डेगाना निवासी हरिसिंह पुत्र अर्जुनदान, चुई निवासी किशोर बेंदा पुत्र तेजाराम और जावला निवासी योगेश दायमा पुत्र हरिप्रसाद दायमा से पूछताछ में जुटी रही। वहीं योगेश के भाई नरेश दायमा की फैक्ट्री को सीज किया गया है।

रिश्वत राशि का भी एमओयू :
इस पूरी कार्रवाई में हैरान करने वाले बात यह भी सामने आई है कि रिश्वत का खेल ऐसा था कि इस राशि का भी बाकायदा लिखित में एमओयू तक था, इसमें राशि का लेखा-जोखा रहता है। हालांकि एसीबी टीम के अधिकारियों ने अपने जब्त किए रिकॉर्ड में इसे भी सीज कर लिया है। 

लंबे समय से थी शिकायत :
नागौर जिले में लंबे समय से महिला एवं बाल विकास विभाग में अनियमितताओं की शिकायत थी, जिसमें बताया गया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले पोषाहार को विभाग स्वयं सहायता समूह की बजाए ठेकेदारों के मार्फत बांट कर बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार किया जा रहा था। शिकायत के सत्यापन के बाद 11 टीमों ने विभिन्न जगह छापे मारे, उपनिदेशक को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अजमेर एसीबी के एसपी कैलाशचंद्र बिश्नोई का कहना है कि भारी मात्रा में नगदी और रिकॉर्ड जब्त किए। एएसपी चंद्रप्रकाश शर्मा मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। गिरफ्तार अधिकारी और 2 ठेकेदार से पूछताछ की जा रही है। एक ठेकेदार से पूछताछ जारी है। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 

पंचायत समिति बैठक में भी उठा मुद्दा :
डेगाना में पंचायत समिति की बैठक 24 जुलाई को हुई थी, जिसमें बिखरणिया सरपंच रामनिवास भाम्बु ने इसमें गड़बड़ी का मामला उठाते हुए बताया कि उनके 3 सालों के सरपंच के कार्यकाल में किसी भी आंगनबाड़ी केंद्र पर गर्म पोषाहार नहीं बनता देखा, फिर भी गर्मखाना बनाने के नाम पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकरियों की मिलीभगत से लाखों रुपए की राशि उठाकर सरकारी धन का गबन किया जा रहा है। इस पर जनप्रतिनिधियों ने जांच की मांग की थी। 

ठेकेदारों के घरों पर मिली विभागीय सील :
एसीबी की इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग की खुली लापरवाही सामने आई है। एसीबी टीम को ठेकेदार हरिसिंह के घर पर विभाग की सीलें तक मिली है। बताया जा रहा है कि इनके जरिये ही फर्जी बिल तैयार किए जाते थे। वहीं सरकार के उच्च स्तर पर भी कई बार जनप्रतिनिधियों की ओर से इस संबंध में शिकायत किए जाने के बाद भी जांच कराने तक की भी जहमत नहीं उठाई गई। वहीं दो साल पहले कलेक्टर ने भी फर्जीवाड़े की शिकायत एसीबी को भेजी थी। 

यहां हुई कार्रवाई :
1. महिला एवं बाल विकास विभाग उप निदेशक उषा रानी का निवास : पोषाहार ठेकेदार किशोर बेंदा द्वारा दी गई 40 हजार रुपए की रिश्वत की राशि समेत कुल 55 हजार रुपए की राशि जब्त हुई। 
2. उप निदेशक कार्यालय : उषा रानी के कार्यालय की दराज से रिश्वत की राशि के एवज में हस्ताक्षरित एमओयू बरामद किया। कार्यालय का रिकॉर्ड सीज किया। 
3. ठेकेदार हरिसिंह पुत्र अर्जुनदान निवासी डेगाना : पोषाहार के सैंपल व 10 हजार रुपए की राशि बरामद की गई।
4. ठेकेदार हरिसिंह के घर से : आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषाहार से संबंधी रिकॉर्ड, 50 लाख रुपए बरामद किए। 
5. ठेकेदार किशोर बेंदा निवासी चुई के घर से : पोषाहार से संबंधित रिकॉर्ड जब्त। 
6. ठेकेदार योगेश दायमा निवासी जावला : पोषाहार संबंधी रिकॉर्ड के साथ उसकी चक्की से पोषाहार वितरण करती 1 पिकअप जब्त की। 
7. डेगाना, मकराना, परबतसर, कुचामन व रियांबड़ी से भी रिकॉर्ड जब्त किया गया। 

मंत्री के नजदीकी हैं हिरासत में लिए गए ठेकेदार : जिन 3 ठेकेदारों को हिरासत में लिया गया है, वे सहकारिता मंत्री अजय किलक के नजदीकी बताए जा रहे हैं। किशोर बेंदा भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष हैं तथा योगेश दायमा के बड़े भाई भाजयुमो के मंडल अध्यक्ष हैं।

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