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विश्व विरासत में शुमार आमेर जल्द ही बनेगा आईकॉनिक डेस्टिनेशन, खाली होंगे सरकारी कार्यालय

विश्व विरासत में शुमार आमेर जल्द ही बनेगा आईकॉनिक डेस्टिनेशन, खाली होंगे सरकारी कार्यालय

जयपुर: विश्व विरासत में शुमार आमेर अब जल्दी ही आईकॉनिक डेस्टिनेशन बनने वाला है. पर्यटन विभाग के प्रस्ताव पर राजस्व विभाग ने आमेर महल के आसपास 20 बीघा जमीन की तलाश शुरू कर दी है. इसके अलावा पर्यटन विभाग ने आमिर के आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों को खाली करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा है. 

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पर्यटकों के लिए सभी तरह की सुविधाए उपलब्ध होगी:
आमेर महल को आईकॉनिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले बजट के तहत घोषणा की थी. भारत के पर्यटन स्थान 13 स्मारकों को चिंहित कर आईकॉनिक रूप में विकसित करने का केंद्र सरकार ने निर्णय लिया था. मॉडल या आदर्श पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें पर्यटकों के लिए सभी तरह की सुविधाए उपलब्ध होगी. उसी के तहत आमेर महल को आईकॉनिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई थी. भारत सरकार द्वारा टीम ने सवा तीन सौ करोड़ प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर भारत सरकार को सौंपा गया था. राजस्थान के पर्यटन स्थलों में मात्र एक आमेर महल को ही आईकॉनिक डेस्टिनेशन के लिए चुना गया था. 

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आसपास के इलाके को खाली करवाने की कवायद:
आमेर महल को यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत में शामिल किया गया था. पिछले बजट में भारत सरकार ने भी आमेर महल को आईकॉनिक डेस्टिनेशन के रूप विकसित करने के लिए चिंहित किया था. इस आईकॉनिक डेस्टिनेशन आमेर महल को आदर्श पर्यटन व मॉडल के रूप विकसित किया जाएगा. यहां आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं हो उसको ध्यान में रखकर आमेर महल के आसपास सरकारी कार्यालयों को खालीकर अन्य जगहों पर ट्रांसफर करने के लिए पत्र व्यवहार किया गया था. जिसमें सरकारी कार्यालय आमेर कोर्ट, एसडीएम कार्यालय, आमेर तहसील, उप रजिस्ट्रार कार्यालय, राजकीय विद्यालय, नगर निगम जोन आमेर सहित पंचायत समिति कार्यालयों को अन्य जगह स्थापित करने के लिए पत्र व्यवहार किया गया था. केंद्र सरकार द्वारा सवा तीन सौ करोड़ का बजट की अनुमति मिलते ही राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा आमेर महल को आईकॉनिक डेस्टिनेशन के रूप विकसित करने की कार्रवाई की जाएगी. उसी को ध्यान में रखकर इन विभागों को आमेर महल के आसपास इलाके से बिल्डिंग खाली करने के लिए पत्र व्यवहार भी किया गया. 

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करीब 20 बीघा सरकारी जमीन की तलाश:
रेवन्यू विभाग ने आमेर महल के आसपास स्थित कार्यालयों के लिए जमीन देखना शुरू कर दिया है. इन कार्यालयों को स्थापित करने के लिए करीब 20 बीघा सरकारी जमीन की तलाश कर रहे है. अभी फिलहाल रेवन्यू विभाग ने आमेर के दिल्ली रोड स्थित टल्ले वाले हनुमान जगह पर 20 बीघा जमीन भी देखी है. रेवन्यू विभाग इस जमीन को उच्चाधिकारियों के ध्यान में लाया जाएगा. उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. कहा सरकारी कार्यालयों को कहा स्थापित किया जाए. उम्मीद की जानी चाहिए कि आईकॉनिक डेस्टिनेशन के तौर पर चल रहे विश्व मानचित्र पर अपनी पहचान बनाएगा.  

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आपको बता दें कि चूरू के राजगढ़ पुलिस थाने के थानाधिकारी विष्णु दत्त विश्नोई द्वारा 23 मई को की गई आत्महत्या के प्रकरण की जांच सीबीआई से करवाए जाने पर सीएम अशोक गहलोत ने सैद्धान्तिक सहमति दे दी है. 

अब पीड़ित परिजनों को यह विकल्प दिया गया है कि वे चाहें तो केस की जांच सीबी सीआईडी कर सकती है, वे चाहें तो न्यायिक जांच भी हो सकती है और यदि वे चाहते हैं कि मामले की जांच सीबीआई करे तो इस पर भी सरकार को कोई आपत्ति नहीं है. 

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करीब 9 हजार ड्राइविंग लाइसेंस अभी पेंडिंग:
हाल में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सभी आरटीओ और डीटीओ ने लंबित लाइसेंसों को लेकर परिवहन आयुक्त को फ़ीडबैक दिया था. अकेले जयपुर में ही क़रीब 9 हजार ड्राइविंग लाइसेंस अभी पेंडिंग चल रहे हैं. परिवहन आयुक्त ने जारी आदेशों में रविवार को भी आरटीओ डीटीओ कार्यालयों को खोलने के निर्देश दिए हैं. 

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जयपुर: उच्च शिक्षा में परीक्षा आयोजन को लेकर सरकार के निर्देश के बाद राजस्थान विश्व विद्यालय ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. 2 जून को सरकार ने जुलाई के दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजन के निर्देश दिए हैं तो वहीं राविवि कुलपति आरके कोठारी ने परीक्षा नियंत्रक सहित कमेटी के साथ बैठक कर परीक्षाओं को आयोजन को लेकर कवायद शुरू कर दी है. 

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20 नये परीक्षा केंद्रों को भी चिन्हित कर लिया गया:
राजस्थान विश्व विद्यालय में यूजी फाइनल, पीजी फाइनल और सेमेस्टर फाइनल की परीक्षा 13 जुलाई से शुरू हो जाएंगी. राविवि ने करीब 160 परीक्षा केन्द्रों को सुरक्षा की दृष्टि से सही पाया है. साथ ही 20 नये परीक्षा केन्द्रों को भी चिन्हित कर लिया गया. जल्द ही राविवि टीम इन सेंटरों का दौरा करेगी और टीम की हरी झंडी के बाद सेंटर्स को फाइनल किया जाएगा. परीक्षा से पहले सभी विद्यार्थियों की थर्मल स्क्रिनिंग की जाएगी तो वहीं फेस मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा. इसके साथ ही हर परीक्षा के बाद सेंटर को सेनेटाइज किया जाएगा. 

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सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा: 
कुलपति आरके कोठारी ने कहा की सरकार के निर्देशानुसार परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी. साथ ही यूजी, पीजी और सेमेस्टर में फाइनल के अलावा सभी विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाएगा और परिस्थितियां अनुकुल होने पर अगस्त में इनकी परीक्षा आयोजित हो सकती है. साथ ही कुलपति आरके कोठारी ने बताया कि सिर्फ नियमित विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया जाएगा. स्वयंपाठी विद्यार्थियों का औसत परिणाम बहुत कम रहता है. ऐसे में उनको प्रमोट करना संभव नहीं है. ऐसे में जब भी परिस्थितियां अनुकुल होगी तब इनकी परीक्षा का आयोजन करवाया जाएगा. 

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जयपुर: राजधानी जयपुर शहर में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. इस दौरान एसीबी की टीम ने जीपीएफ विभाग के एक कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है. GPF विभाग के कनिष्ठ लिपिक रघुवीर सिंह ने परिवादी से उसके GPF का बिल बनाने की एवज़ में 2500 रुपया की रिश्वत मांगी थी. परिवादी का क़रीब 10 लाख रुपये से ज़्यादा क़ा बिल बन रहा था. इसके लिए आरोपी रघुबीर ने परिवादी से पहले 500 रुपये ले लिए. बावजूद इसके आरोपी रघुवीर ने परिवादी का बिल नहीं बनाया.

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एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही: 
परिवादी काफी समय से विभाग के चक्कर काट रहा था. जब कोई बात नहीं बनी तो परिवादी ने एसीबी में आरोपी बाबू की शिकायत कर दी. एसीबी ने पूरे मामले का सत्यापन कराया जो कि सही पाया गया. योजना के तहत एसीबी की टीम ने आज आरोपी बाबू को सांगानेर स्थित नगर निगम के ज़ोन कार्यालय के पास ढाई हज़ार रुपया की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ़्तार कर लिया. बहरहाल एसीबी की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है. 

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जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2019 अन्तर्गत प्रदेश में 13 लाख पात्र बीमित किसानों को 2 हजार 261 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है. यह कुल क्लेम का 91 प्रतिशत है. कृषि मंत्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि फसल बीमा योजना अन्तर्गत खरीफ-2019 में कुल 2 हजार 496 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का आंकलन किया गया था, जिसमें से 2 हजार 261 करोड़ रुपए के क्लेम का वितरण किया जा चुका है. यह कुल क्लेम का लगभग 91 प्रतिशत है, जिससे 13 लाख बीमित काश्तकार लाभान्वित हुए हैं.

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राज्य के 14 जिलों में खरीफ-2019 का पूरा क्लेम वितरित कर दिया गया:
कटारिया ने बताया कि राज्य के 14 जिलों में खरीफ-2019 का पूरा क्लेम वितरित कर दिया गया है. अन्य 14 जिलों में भी कुल देय बीमा क्लेम में से अधिकांश का भुगतान किया जा चुका है. शेष पांच जिलों के बकाया बीमा क्लेम के भुगतान की कार्यवाही की जा रही है, जिससे जल्द पात्र बीमित काश्तकारों को उनका बीमा क्लेम मिल जाएगा. 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 68 नये पॉजिटिव केस आया सामने, अब भरतपुर जिला बना कोरोना का नया हॉटस्पॉट  

बीमा कम्पनियों से 2 हजार 386 करोड़ रुपए का भुगतान करवाया: 
कृषि मंत्री ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान विपरीत परिस्थितियों में भी राज्य सरकार के विशेष प्रयासों से 13 लाख बीमित किसानों को बीमा कम्पनियों से 2 हजार 386 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का भुगतान करवाया गया है. कृषि मंत्री कटारिया ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अन्तर्गत 1 जनवरी 2019 से अब तक 6 हजार 41 करोड़ रुपए के बीमा क्लेम का वितरण किया जा चुका है, जिससे 42 लाख 31 हजार पात्र बीमित किसानों को राहत मिली है. 


 

एनजीओ लाडली ने कोरोना के मुश्किल समय को लिया अवसर के रूप में, अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार तैयार किए पीपीई किट्स

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जयपुर: कोरोना का समय मुश्किल भरा समय है और इस मुश्किल समय को कुछ कर्मवीरों ने अवसर के रूप में लिया. एनजीओ लाडली की निदेशक दर्शना गोस्वामी ने भी इस समय को कोरोना वॉरियर्स हैल्थ वर्कर्स के लिए काम करने के अवसर के रूप में देखा और अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुसार पीपीई किट्स तैयार किए और जयपुर और भोपाल की बड़ी स्वास्थ्य संसाधनों की खाई को पाटने की कोशिश की. 

दो माह पूर्व जब कोरोना वायरस ने अपना पैर पसारना शुरू किया तब लोगों को आम जरूरत की चीजों की जरूरत थी और इसके साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाना भी जरूरी था. उस समय सबसे ज्यादा जरूरत थी कोरोना वॉरियर्स हैल्थ वर्कर्स के लिए सुरक्षा कवच यानि पीपीई किट्स तैयार करना. इसके मद्देनजर एनजीओ लाडली की निदेशक दर्शना गोस्वामी ने चुनौती समझते हुए महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप्स के जरिये पीपीई किट्स बनाने की जिम्मेदारी हाथ में ली. 

पीपीई किट्स का उपयोग सही तरह से सुनिश्चित हो सके इसके लिए जे.के लॉन अस्पताल और एसएमएस अस्पताल के विशेषज्ञों से पूरी राय लेकर अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के हिसाब से किट्स तैयार की गई. आज यह आलम है कि 700 किट्स जयपुर में स्वास्थ्यकर्मियों को दी गई हैं तो वहीं डिमांड होने पर भोपाल के एम्स में ये किट्स मुफ्त भेजी गई हैं. 

देश में स्वास्थ्य सेवाओं की खाई पाटने के लिए बड़ी चुनौती हाथ में लेते हुए अब लाडली संस्था दर्शना के जन्मस्थान टीकमगढ़ और अन्य जगहों के लिए भी किट्स तैयार करके भिजवाने का बीड़ा हाथ में ले चुकी हैं. 

 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में 68 नये पॉजिटिव केस आया सामने, अब भरतपुर जिला बना कोरोना का नया हॉटस्पॉट

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जयपुर: राजस्थान में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. पिछले 12 घंटे में प्रदेश में 68 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं. इसमें सर्वाधिक 16 मरीज भरतपुर में चिन्हित किए गए हैं. इसके अलावा चूरू में 12, जयपुर में 12, झुंझुनूं 5, जोधपुर 12, कोटा 7, नागौर में एक और सवाईमाधोपुर में एक मरीज पॉजिटिव मिला है. ऐसे में अब प्रदेश में पॉजिटिव मरीजों का ग्राफ 9720 पहुंच गया है. वहीं कोरोना से अब तक 209 लोगों ने दम तोड़ दिया है. 

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अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीज 2692:
वहीं राहत वाली खबर यह है कि अब तक प्रदेश में कुल 6819 पॉजिटिव से नेगेटिव हुए है. इनमें 6267 मरीजों को अस्पताल में से डिस्चार्ज किया जा चुका है. ऐसे में  अब अस्पताल में उपचाररत कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 2692 है. वहीं प्रदेश में कुल कोरोना पॉजिटिव प्रवासियों की संख्या 2767 है. 

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भरतपुर जिला अब कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया: 
राज्य का भरतपुर जिला अब कोरोना का नया हॉटस्पॉट बन गया है. यहां पिछले 24 घंटे में 104 नए पॉजिटिव केस सामने आए. इसके बाद जिले में कुल संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर और 471 तक पहुंच गया है. भरतपुर अब राजस्थान के सबसे ज्यादा संक्रमित 10 जिलों में सातवें नंबर पर पहुंच गया है. इनमें जयपुर 2138, जोधपुर 1685, उदयपुर 568, पाली 549, कोटा 501, नागौर 476 हैं. 

VIDEO: कोरोना के प्रति ग्रामीण इलाकों में लोग ज्यादा जागरूक ! एसीएस वीनू गुप्ता की First india से खास बातचीत

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयास के चलते कोरोना की रोकथाम में राजस्थान देशभर में हर मोर्चे पर आगे है. फिर चाहे मौतों का गणित हो या फिर कोरोना मरीजों के ठीक होने का प्रतिशत, कमोबेश हर पायदान पर राजस्थान अग्रणीय भूमिका में है. ये सबकुछ संभव हो पाया है कोरोना की रोकथाम के लिए बनाई गई एग्रेसिव क्वारेंटाइन स्टेट्जी से. प्रवासी राजस्थानियों के मूमेंट के साथ ही गहलोत सरकार ने क्वारेंटाइन फैसेलिटी पर मुख्य फोकस किया और पूरे प्रदेशभर में छह हजार से अधिक क्वारेंटाइन सेंटर विकसित किए.

इस पूरे काम की जिम्मेदारी सौंपी गई अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता को. नतीजन, लाखों की तादात में प्रवासियों के मूमेंट के बावजूद राजस्थान में हालात नियंत्रण में है. आखिर राजस्थान में क्वारेंटाइन की मौजूदा स्थिति क्या है और प्रवासियों के मूमेंट के चलते पिछले एक माह के दौरान क्या-क्या चुनौतियां क्वारेंटाइन सुविधा में सामने आई. इन तमात बिन्दुओं पर एसीएस वीनू गुप्ता से खास बातचीत की हमारे संवाददाता विकास शर्मा ने.....
 

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