नई दिल्ली Presidential Election: BJP संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले उपराष्ट्रपति से मिले शाह, राजनाथ और नड्डा

Presidential Election: BJP संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले उपराष्ट्रपति से मिले शाह, राजनाथ और नड्डा

Presidential Election: BJP संसदीय बोर्ड की बैठक से पहले उपराष्ट्रपति से मिले शाह, राजनाथ और नड्डा

नई दिल्ली: राष्ट्रपति चुनाव के सिलसिले में मंगलवार को होने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संसदीय बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री अमित शाह और राजनाथ सिंह ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा के साथ उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की.

इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उन्हें (नायडू को) राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार बनाने के बारे में विचार कर रहा है?

राजनीतिक दलों से बातचीत के वास्ते अधिकृत किया:
भाजपा ने राजनाथ और नड्डा को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार तय करने के बारे में विपक्षी दलों सहित सभी राजनीतिक दलों से बातचीत के वास्ते अधिकृत किया है.
नायडू के साथ शाह, राजनाथ और नड्डा की मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि आज ही भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक होने वाली है. इस बैठक में राजग के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर मंथन किया जाना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस बैठक में शामिल हो सकते हैं.

यात्रा में कटौती की और वह मंगलवार को दिल्ली लौट आए:
नायडू सोमवार को दिल्ली से तीन दिवसीय यात्रा पर हैदराबाद पहुंचे थे. उन्होंने मंगलवार सुबह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय द्वारा सिकंदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और योगाभ्यास भी किया. इसके बाद उन्होंने अपनी यात्रा में कटौती की और वह मंगलवार को दिल्ली लौट आए.

भाजपा नीत राजग मजबूत स्थिति में है: 
नड्डा और राजनाथ, दोनों ने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने के लिए अभी तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी, जनता दल (यूनाइटेड) प्रमुख नीतीश कुमार, बीजू जनता दल (बीजद) प्रमुख नवीन पटनायक और नेशनल कांफ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला सहित

कई अन्य वरिष्ठ नेताओं से बात की है:
गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में संख्या बल के आधार पर भाजपा नीत राजग मजबूत स्थिति में है और उसे यदि बीजद या आंध्र प्रदेश में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस जैसे दलों का समर्थन मिल जाता है तो उसकी जीत सुनिश्चित हो जाएगी.  

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