जयपुर शहीद राजीव को बहन ने अंतिम बार राखी बांधकर किया विदा, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

शहीद राजीव को बहन ने अंतिम बार राखी बांधकर किया विदा, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

शहीद राजीव को बहन ने अंतिम बार राखी बांधकर किया विदा, 9 वर्षीय बेटे ने दी मुखाग्नि

जयपुर: आज विराटनगर के गांव लुहाकना खुर्द में भारत मां के जयकारे और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लग रहे थे, युवाओं में जोश काबिले तारीफ था. मौका था अपने लाडले राजीव सिंह शेखावत की अंतिम विदाई का. जब राजीव सिंह शेखावत का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो आसमान नारों से गुंजायमान हो उठा. 

स्कूली बच्चों ने भी फूलों से स्वागत किया: 
हजारों लोगों की भीड़ शहीद के गुणगान कर रही थी. गांव ही नहीं आसपास के गांव से भी हजारों लोग जुड़े थे. छोटे से लेकर बड़ा अधिकारी यहां पर मौजूद था. राजीव सिंह शेखावत का सबसे पहले भाभरू मोड पर ग्रामीणों की ओर से भव्य स्वागत किया गया. जहां स्कूली बच्चों ने भी फूलों से स्वागत किया और डीजे पर देशभक्ति गानों की धुन के साथ तिरंगा हाथ में लिए युवा पार्थिव शरीर को लेकर गांव में पहुंचे. आज 2 किलोमीटर की दूरी ही 2 घंटे में पूरी हुई. जनसैलाब इस तरह उमड़ा की पुलिस को व्यवस्था के लिए और जवान बुलाने पड़े, रसिया बांधकर रोका गया. लेकिन बावजूद उसके लोग शहीद राजीव सिंह के अंतिम दर्शनों के लिए लालायित दिखे. शहीद राजीव सिंह अपने पिता के इकलौते बेटे थे और खुद को भी एक अकेला बेटा है जो अभी 9 साल का है. शहीद के 9 वर्षीय बेटे अदिराज सिंह ने मुखाग्नि दी. 

सेना में भर्ती होना चाहता है बेटा:
बहादुर बाप के बहादुर बेटे ने भी कह दिया है कि वह सेना में ही भर्ती होना चाहता है वह मिलिट्री स्कूल में पढ़ कर फौजी अफसर बनेगा. राजीव सिंह का पिता शंकर सिंह सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे और जब जम्मू में पोस्टेड थे तभी जम्मू में ही राजीव सिंह शेखावत का जन्म हुआ था. पाकिस्तान द्वारा सीजफायर टॉन के जवाब में 8 फरवरी को राजीव सिंह को गोली लगी और देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया. राजीव सिंह की मां और वीरांगना पत्नी चले जाने से दुखी है. लेकिन उनकी आंखों में इस बात का गर्व है कि राजीव सिंह अपने देश के काम आया.

बहन ने अंतिम बार राखी बांधकर किया विदा:
जब घर से बहन ने अंतिम बार राखी बांधी और अंतिम यात्रा के लिए शहीद राजीव सिंह के पार्थिव शरीर को घर से उठाया गया तो कोलाहल मच गया. सेना के जवानों ने सलामी दी. हर शख्स नम आंखों से राजीव सिंह की वीरता को सलाम कर रहा था. अंतिम यात्रा के रास्ते पर दोनों और हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थी. राजीव सिंह की आखिरी झलक पाने के लिए युवा कोशिश में थे और तस्वीरें भी अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे. अंतिम संस्कार के वक्त. मोक्ष धाम के आसपास जितने पेड़ थे वहां टहनियों पर युवा चढ़ गए थे आसपास के मकानों की खिड़कियों से महिलाएं इस वीर शहीद की विदाई देख रही थी. शहीद राजीव सिंह को सबने मिलकर विदाई दे दी है लेकिन वीरता हमेशा याद की जाएगी. 

कई सरकारी अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद:  
राजीव सिंह को अंतिम विदाई देने सांसद राज्यवर्धन सिंह, मंत्री प्रतापसिंह खचरियावास, राजेंद्र यादव, विधायक इंद्राज गुर्जर, राव राजेंद्र सिंह,  सुखदेव सिंह गोगामेडी, जिला कलेक्टर जोगाराम, पुलिस अधीक्षक शंकर दत्त शर्मा, एसडीएम राजवीर सिंह, डीएसपी दिनेश यादव, नेहा गुप्ता समेत तमाम सरकारी अधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद थे. लोगों की भीड़ के बीच सेना के जवानों ने सशस्त्र सलामी दी. मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि शहीद को सरकार की ओर से 50,00000 रुपए मिलेंगे साथ ही नौकरी और बच्चा जहां पढ़ना चाहे वहां पढ़ाया जाएगा. शहीद के पिता ने कहा कि मेरी अगली पीढ़ी भी फौज में ही जाएगी. राजीव सिंह ने अपना सर्वस्व न्यौछावर कर विदा ले ली है. लेकिन भारत देश के लाडले सपूत की शहादत को देशवासी हमेशा हमेशा के लिए याद रखेंगे.  

...लुहाकना खुर्द से सहयोगी गोविंद के साथ अश्विनी यादव की रिपोर्ट

और पढ़ें