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आईएसआई के बुने हनीट्रेप के जाल में फंसा सेना का जवान

आईएसआई के बुने हनीट्रेप के जाल में फंसा सेना का जवान

जैसलमेर। पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी लगातार हनी ट्रेप के जरिये भारतीय सुरक्षा बलों को अपने जाल में फंसा कर उनसे देश की सामरिक व गोपनीय सूचनाएं लगातार हासिल कर रही हैं। इसी कड़ी में आईएसआई द्वारा बिछाए गए हनी ट्रेप में जाल में फंसे हुए जैसलमेर सैन्य स्टेशन में एक यूनिट में तैनात सेना के जवान से जयपुर से आई इंटेलीजेंस की एक विशेष टीम द्वारा पूछताछ की जा रही है।

इस जवान को गहन जांच पड़ताल व पूछताछ के लिए सेंट्रल इनवेस्टीगेशन सेंटर लाया गया है। बताया यह भी जा रहा है कि आर्मी ने अब तक इंटेलिजेंस को जवान को नहीं सौपा है। आर्मी हैड क्वाटर से अनुमति का इंतजार कर रही है। संयुक्त सुरक्षा ऐजेन्सियों जवान सोमवीर से पूछताछ कर रही है। 

जैसलमेर से पहले यह जवान महाराष्ट्र के अहमदनगर में डिप्लोय था, वहीं यह मामला सुरक्षा एजेन्सीयों की निगाह में आया था। तब से उस पर नजर रखी जा रही थी। अहमदनगर पुलिस पहले भी पूछताछ के लिए यहां आ चुकी है। यह सेना का जवान 2016 में भर्ती हुआ था तथा इसने सेना की कई गोपनीय जानकारी व फोटोग्राफ्स इस हनी ट्रेप की लड़की के माध्यम से सोशल साईट्स से सीमा पार पाकिस्तान भेजे थे।

विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैसलमेर मिल्ट्री यूनिट में तैनात सेना का जवान जो गत वर्ष अहमदनगर महाराष्ट्र की यूनिट में तैनात था। इसी दौरान वह पाक खुफिया एजेन्सी आईएसआई के हनीट्रेप के जाल में फंस गया। वह उसे पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई की अनिका चोपड़ा नामक लड़की ने हनीट्रेप करते हुए अपनी सोशल साईट पर लगातार वीडियो चेटिंग की व उसे फंसाते हुए देश की सामरिक व गोपनीय सूचनाएं हासिल की। इस लड़की के जरिये वीडियो चेटिंग कर सेना से संबंधित कई गोपनीय सूचनाएं व फोटोग्राफ्स भेजे थे।

जवान का नाम सोमवीर सिंह है, जो 22 साल का हैं और रोहतक हरियाणा का रहने वाला है। सूत्रों के अनुसार जवान ने इस मामले में लड़की से वीडियो चैट भी की और कई गोपनीय सूचनाएं व फोटोग्राफ्स लीक किए। सूत्रों के अनुसार जवान की संयुक्त पुछताछ भी हो गई है और जवान को अब तक इंटेलिजेंस को नहीं सौंपा गया है। आर्मी ने हैड क्वाटर से अनुमति मांगी है और उसका इंतजार हो रहा है। आर्मी हेड क्वाटर से अनुमति के बाद जवान को इंटेलिजेंस को सौंपा जा सकता है और पूछताछ के लिए जयपुर ले जाया जा सकता है। हालांकि इस मामले में अभी तक कोई भी अधिकारी पुष्टि नहीं कर रहा है।

क्या है हनी ट्रेप : दुश्मन देश की खुफिया जानकारी जुटाने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाए जाते हैं। हाल ही में हनी ट्रेप के जरिए यह काम हो रहा है। इसके तहत कोई भी महिला या लड़की दूसरे देश के जवान से सोशल साइट पर दोस्ती करती है और उसके बाद शुरू होता है ब्लैकमेल करने या फिर जानकारी जुटाने का खेल। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ने भारत के खिलाफ हाल ही में इसी हथियार को अपना रखा है। पूर्व में कई जवान हनी ट्रेप में फंस चुके हैं।

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Dungarpur Violence: गोविंद सिंह डोटासरा बोले , मांग जायज है तो टेबल पर बैठकर करे बात, हिंसा से कोई हल नहीं निकल सकता

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जयपुर: डूंगरपुर आदिवासी आंदोलन पर प्रदेश कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जनरल पोस्ट में 1126 पोस्ट बच गई है. एसटी का कोटा भर गया. ST की मांग है कि 36 प्रतिशत तक कोटा दिया जाए. इस मामले में उच्च न्यायालय में रिट लगी. डबल बेंच ने फैसला दिया. न जनरल को और न ही ST को रिलैक्सेशन दिया जा सकता है.

हिंसा के माध्यम से कोई हल नहीं निकल सकता:
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि इस मामले पर बहुत अच्छी तरह मैंने बीटीपी विधायकों को समझाया. मैंने उनसे कहा आप अपील करे, मुख्यमंत्री ने कमेटी बनाई है, लेकिन दुर्भाग्य है कुछ ना समझ लोगों ने अशांति फैलाई. तोड़फोड,आगजनी की वो निंदनीय है. मेरा आग्रह वहां के जनप्रतिनिधि आए और मुख्यमंत्री से चर्चा करे. किसी भी एक व्यक्ति को नौकरी मिलती है तो सरकार तैयार है. सरकार बेरोजगार युवाओं के साथ है, लेकिन कानून कोई हाथ में ना ले. मांग जायज है तो वे टेबल पर बैठकर बात करे, लेकिन हिंसा के माध्यम से कोई हल नहीं निकल सकता है.

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भुवाली के पास एनएच 8 पर अभी स्थिति तनावपूर्ण:
आपको बता दें कि डूंगरपुर जिले के भुवाली के पास एनएच 8 पर अभी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. उपद्रवियों भुवाली पेट्रोल पंप और मोतली मोड़ के पास अतिथि होटल पर भी तोड़फोड़ की और वहां पर खड़े पुलिस के वाहनों को भी आग लगा दी. उपद्रवी थोड़ी थोड़ी देर पथराव कर रहे हैं. इसके साथ ही पुलिस को फिर से 2 किलोमीटर तक खदेड़ा है. मामले को बढ़ता देख डूंगरपुर में पुलिस ने निगरानी के लिए ड्रोन उड़ाया है. ऐसे में उपद्रवी ड्रोन की नजर में भी आ रहे हैं.वहीं उपद्रवियों से हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस पर पहाड़ी से पथराव किया गया. उपद्रवी ट्यूब से बनाई गुलेल से पुलिस पर पत्थर फेंक रहे हैं. उधर, प्रशासन वार्ता के जरिए मामले को हल करने में भी लगा है. दस लोगों के प्रतिनिधिमंडल से प्रशासन वार्ता के प्रयास में जुटा है.

डूंगरपुर में लगातार चल रहा उग्र आंदोलन, लोगों ने कई गाड़िया फूंकी, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर लगाई रोक

डूंगरपुर में लगातार चल रहा उग्र आंदोलन, लोगों ने कई गाड़िया फूंकी, प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर लगाई रोक

डूंगरपुर: जिले के भुवाली के पास एनएच 8 पर अभी तनावपूर्ण हालात बने हुए है. पुलिस और उपद्रवी एक बार फिर आमने-सामने हुए हैं. इस दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच लाठी-भाटा जंग भी हुई. पुलिस रबड बुलैट तथा आंसूगैस के गोल दागकर उन्हें खदेड़ने का प्रयास कर रही है लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कांकरी डूंगरी पहाड़ी के निकट राष्ट्रीय राजमार्ग आठ के लगभग आठ किलोमीटर पर कब्जा जमाए हुए हैं.

आंदोलनकारियों ने सात ट्रकों को आग लगा दी:
उग्र आंदोलनकारियों ने सात ट्रकों को आग लगा दी तथा सामान लूट लिया. उग्र आंदोलन की वजह से पुलिस को पीछा लौटना पड़ा है. डूंगरपुर जिले के अलावा उदयपुर तथा आसपास जिलों से सशस्त्र पुलिस बल मौके पर बना हुआ है. घटना स्थल पर डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक भी बने हुए हैं. 

उपद्रवियों ने भुवाली पेट्रोल पंप में लूटपाट की: 
वहीं मामले को बढ़ता देख प्रशासन ने इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई है. उपद्रवियों ने भुवाली पेट्रोल पंप में लूटपाट की है. इसके साथ ही पेट्रोल पंप के बाहर आग लगाने की घटना को भी अंजाम दिया गया है. उधर, जनप्रतिनिधियों का एक मंडल मोतली मोड़ पहुंचा है. पूर्व विधायक देवेंद्र कटारा के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मोतली मोड़ से पैदल-पैदल उपद्रवियों की ओर रवाना हुआ है. प्रतिनिधिमंडल उपद्रवियों को समझाने का प्रयास करेंगे. 

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आईजी विनीता ठाकुर ने संभाला मोर्चा:
मालले को बढ़ता देख आईजी विनीता ठाकुर ने भी मोर्चा संभाल लिया है. इसी के चलते दो थानाधिकारियों के लीड करने के निर्देश दिए है. शेष पुलिस जाब्ता मोतली मोड़ पर तैनात रहेगा. मोतली मोड़ की टीम बैकअप के लिए मूव करेगी. वहीं खैरवाड़ा में घुसने की कोशिश ने पुलिस ने नाकाम किया है. शुक्रवार को लगभग सौ से अधिक जवानों को पथराव के चलते छोटी-मोटी चोटें आ चुकी हैं.

बीस घंटे से हाईवे जाम:
आंदोलनकारियों के चलते उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे बीस घंटे से बाधित है. उदयपुर से जाने वाले वाहनों को खेरवाड़ा होकर गुजरात भेजने के प्रयास भी निष्फल हो चुके हैं. 

यह है आंदोलनकारियों की मांग:
आंदोलनकारियों की मांग है कि जनजाति क्षेत्र में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती के रिक्त सामान्य वर्ग के 1167 पदों पर जनजाति अभ्यर्थियों से भरने की है. यह मुद्दा हाईकोर्ट में भी उठाया गया और हाईकोर्ट ने उनकी याचिका रद्द कर दी थी. 

Bihar Election 2020: बिहार में तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, 10 नवंबर को आएंगे नतीजे

Bihar Election 2020:  बिहार में तीन चरणों में होंगे विधानसभा चुनाव, 10 नवंबर को आएंगे नतीजे

नई दिल्ली: चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. बिहार की 243 विधानसभा सीटों के लिए तीन चरणों में मतदान होगा. पहले चरण में 71 सीटों पर 28 अक्टूबर को तो दूसरे चरण में 94 सीटों के लिए 3 नवंर को मतदान होगा. वहीं तीसरे चरण में 78 सीटों पर पर 7 नवंबर को मतदान होगा. उसके बाद 10 नवंबर को बिहार चुनाव के नतीजे आएंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोरोना संकट की वजह से दुनिया के 70 देशों में चुनावों को टाल दिया गया. कोरोना संकट के बीच बिहार और उपचुनावों को लेकर लगातार मंथन किया गया. बिहार चुनाव देश के सबसे बड़े राज्यों में है और ये चुनाव कोरोना काल का सबसे बड़ा चुनाव है. राज्य में 29 नवंबर तक विधानसभा का कार्यकाल है. 

इस बार एक बूथ पर सिर्फ एक हजार ही मतदाता होंगे: 
इस बार एक बूथ पर सिर्फ एक हजार ही मतदाता होंगे. इस बार चुनाव में 6 लाख पीपीई किट राज्य चुनाव आयोग को दी जाएंगी, 46 लाख मास्क का इस्तेमाल भी होगा. सात लाख हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा, साथ ही 6 लाख फेस शील्ड को उपयोग में लाया जाएगा. इस बार पोलिंग स्टेशन की संख्या और मैनपावर को बढ़ाया गया है. बिहार में 2020 के चुनाव में सात करोड़ से अधिक वोटर मतदान करेंगे. इस बार वोट डालने के लिए एक घंटा अधिक वक्त रखा गया है, सुबह सात से शाम 6 बजे तक मतदान होगा. लेकिन नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ऐसा नहीं होगा. मतदान के अंतिम समय में कोरोना पीड़ित अपना वोट डाल सकेंगे, जिनके लिए अलग व्यवस्था होगी.

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चुनाव टाले जाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार:
इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव टाले जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया है. याचिकाकर्ता ने राज्य में कोरोना के चलते बिगड़े हालात का हवाला दिया था. कोर्ट ने कहा कि हम पहले ही साफ कर चुके है कि चुनाव आयोग हालात के मुताबिक सभी चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेने में समर्थ है.

243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा: 
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा. 2015 में राजद और जदयू ने मिलकर चुनाव लड़ा था. जिसके कारण बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को हार का सामना करना पड़ा था. तब राजद, जदयू, कांग्रेस महागठबंधन ने 178 सीटों पर बंपर जीत हासिल की थी. राजद को 80, जदयू को 71 और कांग्रेस को 27 सीटें मिलीं थीं. जबकि एनडीए को 58 सीटें हीं मिली. हालांकि लालू यादव की पार्टी राजद के साथ खटपट होने के बाद नीतीश कुमार ने महागठबंधन से अलग होकर बीजेपी के साथ सरकार चलाना शुरू किया.


 

भरतपुर: 2 साल से फरार चल रहा 4000 रुपए का इनामी डकैत गिरफ्तार

भरतपुर: 2 साल से फरार चल रहा 4000 रुपए का इनामी डकैत गिरफ्तार

भरतपुर: पुलिस थाना वैर ने 2 साल से फरार चल रहे 4000 रुपए के इनामी डकैत को गिरफ्तार किया है. थाना प्रभारी हरलाल मीणा ने बताया कि वैर थाना इलाके के भौंड़ा क्रेशर जॉन में भड़ाना क्रेशर रायपुर के पास 6 जुलाई 2018 की रात्रि को पांच हथियार बंद बदमाश रामलखन, श्रीनिवास, बच्चन, बन्टी एवं धीरसिंह उर्फ धीरा उर्फ धीरज गुर्जर क्रेशर पर सो रहे मजदूरों को बंदूक की नोक पर डरा धमका कर 7 मोबाइल व कुछ नगदी रुपए लूट ले गए थे. जिसका मामला पुलिस थाना वैर में दर्ज कराया गया था.

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चार आरोपियों को पूर्व में किया जा चुका गिरफ्तार: 
मामले के चार आरोपी राम लखन, श्रीनिवास, बच्चन, बंटी को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका था. मामले में 2 साल से फरार चल रहे आरोपी धीर सिंह उर्फ धीरा उर्फ धीरज गुर्जर पुत्र केदार गुर्जर आयु 25 वर्ष निवासी प्रभु की खिरकारी धौंद थाना सरमथुरा जिला धौलपुर को प्रोडक्शन वारंट पर धौलपुर जेल से गिरफ्तार किया. आरोपी पर जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा 4000 रुपए का इनाम घोषित किया हुआ है. 


 

पीएम मोदी बोले- आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे

पीएम मोदी बोले- आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे

नई दिल्ली: भारतीय जनसंघ के अध्यक्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 104वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे. पीएम मोदी ने कहा कि आज जब देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक-एक देशवासी अथक परिश्रम कर रहा है तब गरीबों को, दलितों, वंचितों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, आदिवासी, मजदूरों को उनका हक देने का बहुत ऐतिहासिक काम हुआ है.

लोगों के जीवन में सरकार जितना कम दखल देगी, उतना बेहतर होगा: 
वहीं कृषि बिल पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों में हमारी सरकार ने युवा और किसानों के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए हैं. पीएम बोले कि लोगों के जीवन में सरकार जितना कम दखल देगी, उतना बेहतर होगा. आजादी के कई साल बाद तक किसानों के नाम पर कई नारे लगे, लेकिन उनके नारे खोखले थे. उन्होंने कहा कि कृषि बिल से छोटे किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा. पीएम ने कहा कि अब किसान की मर्जी है कि वो कहीं पर भी फसल बेचे, जहां पर किसान को अधिक दाम मिलेगा वो वहां बेच सकेगा. बीजेपी के कार्यकर्ताओं को आसान भाषा में किसानों को समझाना होगा. 

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फेसलेस टैक्स सिस्टम कुछ महीने पहले ही टैक्स रिजीम का हिस्सा हो चुका:
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज से ही देश के ईमानदार करदाताओं के हितों को सुरक्षा देने वाला, फेसलेस अपील का प्रावधान, भारत की टैक्स व्यवस्था से जुड़ने वाला है.  ईमानदार करदाताओं को परेशानी ना हो, इसके लिए फेसलेस टैक्स सिस्टम कुछ महीने पहले ही टैक्स रिजीम का हिस्सा हो चुका है.  

दीनदयाल जी का योगदान पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला:
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में, एक समाज के रूप में, भारत को बेहतर बनाने के लिए दीनदयाल जी ने जो योगदान दिया है, वो पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला है. ये दीनदयाल जी ही थे जिन्होंने भारत की राष्ट्रनीति, अर्थनीति और समाजनीति, इन तीनों को भारत के अथाह सामर्थ्य के हिसाब से तय करने की बात मुखरता से कही थी, लिखी थी. 

डूंगरपुर: 1167 खाली पद भरने की मांग को लेकर उपद्रवी नहीं आ रहे नियंत्रण में, कई और गाड़ियों को फूंका

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डूंगरपुर: जिले के भुवाली के पास एनएच 8 पर अभी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. उपद्रवियों भुवाली पेट्रोल पंप और मोतली मोड़ के पास अतिथि होटल पर भी तोड़फोड़ की और वहां पर खड़े पुलिस के वाहनों को भी आग लगा दी. उपद्रवी थोड़ी थोड़ी देर पथराव कर रहे हैं. इसके साथ ही पुलिस को फिर से 2 किलोमीटर तक खदेड़ा है. मामले को बढ़ता देख डूंगरपुर में पुलिस ने निगरानी के लिए ड्रोन उड़ाया है. ऐसे में उपद्रवी ड्रोन की नजर में भी आ रहे हैं.

हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस पर पहाड़ी से पथराव किया गया: 
वहीं उपद्रवियों से हाईवे खाली कराने पहुंची पुलिस पर पहाड़ी से पथराव किया गया. उपद्रवी ट्यूब से बनाई गुलेल से पुलिस पर पत्थर फेंक रहे हैं. उधर, प्रशासन वार्ता के जरिए मामले को हल करने में भी लगा है. दस लोगों के प्रतिनिधिमंडल से प्रशासन वार्ता के प्रयास में जुटा है.

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घायल पुलिस कर्मियों का बिछीवाड़ा व अन्य अस्पताल में उपचार जारी: 
पथराव में घायल बिछीवाड़ा थानाधिकारी को रेफर किया गया है. अन्य घायल पुलिस कर्मियों का बिछीवाड़ा व अन्य अस्पताल में उपचार जारी है. इधर पथराव में घायल एएसपी गणपति महावर का जिला अस्पताल में उपचार जारी है. घायल एएसपी ने बताया कि उन्होंने ट्रक के पीछे लटक कर अपनी जान बचाई.

आंदोलन की वजह:
उल्लेखनीय है कि रीट 2018 में रिक्त रहे 1167 अनारक्षित सीटों को एसटी अभ्यर्थियों द्वारा भरे जाने की मांग को लेकर पिछले 18 दिनों से उदयपुर-डूंगरपुर सीमा के पास कांकरी डूंगरी पर चल रहे महापड़ाव ने आज उग्र रूप धारण कर लिया. डूंगरपुर में NH-8 पर हालात बेकाबू होते जा रहे है. उपद्रवियों ने एसपी जय यादव की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया. महापड़ाव में मौजूद हजारों की तादाद में आदिवासी अभ्यर्थियों ने उदयपुर-अहमदाबाद हाईवे संख्या 8 को जाम कर दिया. यही नहीं इन अभ्यर्थियों ने भारी संख्या में मौजूद पुलिस बल पर जमकर पथराव किया और पुलिस के करीब आधे दर्जन से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया.


 

राज्य के बाहर से आने वाले नहीं ले सकते आरक्षण का लाभ, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण आदेश

राज्य के बाहर से आने वाले नहीं ले सकते आरक्षण का लाभ, राजस्थान हाईकोर्ट ने दिया महत्वपूर्ण आदेश

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य में सरकारी नौकरियों और पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण आदेश दिया है. राजस्थान हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने से जुड़े एक मामले की सनुवाई करते हुए कहा है कि प्रदेश में आरक्षण का लाभ मूल निवासियों को ही दिया जाना चाहिए. दूसरे राज्य से विवाह करके राज्य में आने वाली महिला या प्रवासी व्यक्ति सरकारी नौकरी और चुनाव में आरक्षित सीट के लिए दावेदारी नहीं कर सकते है. चाहे आने वाले राजस्थान और मूल राज्य दोनों आरक्षित वर्ग की संबंधित सूची में ही शामिल क्यों ना हो. जस्टिस सतीश कुमार शर्मा की एकलपीठ ने दूसरे राज्य से आकर पंचायत चुनावों में आरक्षण के लाभ का दावा करने वाली याचिकाकताओं को खारिज करते हुए ये आदेश दिये है.

एकलपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता सक्षम प्राधिकारी के समक्ष जाति प्रमाण पत्रों के लिए कानूनी प्रक्रिया अपना सकते हैं.  हाईकोर्ट ने इसके साथ ही आरक्षित वर्ग के प्रवासियों को जारी होने वाले जाति प्रमाण पत्रों पर भी एक विशेष नोट लिखे जाने को कहा है जिसमें स्पष्ट अंकित किया जाएगा कि यह प्रमाण पत्र सरकारी नौकरी या चुनाव लड़ने के लिए मान्य नहीं होगा. 

क्या है मामला: 
पंचायत चुनाव में आरक्षण के लिए महिलाएं पहुंची हाईकोर्ट—

पंचायत चुनाव में आरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक जाति प्रमाण को लेकर प्रेमदेवी सहित 6 याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की. याचिकाकर्ताओं का कहना था कि राजस्थान में उनके पति की जाति भी उसी श्रेणी में आती है, जिससे वे अपने गृह राज्य में हैं. शादी के बाद वे राजस्थान राज्य में लगातार निवास कर रहे हैं. ऐसे में उनको आरक्षण का लाभ लेने से नहीं रोका जा सकता है. 

अपने मूल राज्य में ही आरक्षण का अधिकार—सरकार
राज्य सरकार ने कहा कि एक व्यक्ति केवल अपने मूल राज्य में ही आरक्षण के लाभ के लिए दावा कर सकता है. विस्थापित होकर दूसरे राज्य में आने पर वहां नौकरी, चुनाव सहित अन्य लाभ का दावा करते हुए प्रमाणपत्र नहीं मांग सकता है. अगर ऐसे प्रवासी व्यक्तियों को आरक्षण का लाभ दिया जाता है, तो भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के तहत संवैधानिक फैसलों का उल्लंघन होगा. 

प्रदेश में आरक्षण का मुद्दा फिर गर्मायेगा:
बाहरी राज्य से आकर राज्य में विवाह करने वाली सैकड़ों महिलाओं ने जाति प्रमाण पत्र के आधार पर पंचायत चुनाव में नामांकन दाखिल किये है. लेकिन हाईकोर्ट की एकलपीठ के आदेश के बाद अब नामाकंन दाखिल करने वाली महिलाओं के नामांकन खारिज हों सकते हैं. अब खंडपीठ से कोई विपरित आदेश नहीं आने कि स्थिति में इन प्रमाण पत्रों के आधार पर दायर नामांकन पत्र खारिज हो सकते हैं. इसी के साथ पहले भी जहां पर आरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर जीतने वाली महिलाओं के निर्वाचन पर भी सवाल उठने तय है. 

Bharat Bandh: कृषि बिलों के विरोध में आज किसानों का भारत बंद, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा असर

Bharat Bandh: कृषि बिलों के विरोध में आज किसानों का भारत बंद, पंजाब और हरियाणा में ज्यादा असर

नई दिल्ली: किसानों को लेकर हाल ही में संसद से पास तीन कृषि विधेयकों के विरोध में आज किसान संगठनों ने देशव्यापी आंदोलन का आह्वान किया है. इसमें 31 संगठन शामिल हो रहे हैं. किसान संगठनों को कांग्रेस, RJD, समाजवादी पार्टी, अकाली दल, AAP, TMC समेत कई पार्टियों का साथ भी मिला है. हालांकि आंदोलन का ज्यादा असर पंजाब और हरियाणा में दिख रहा है. इससे पहले पंजाब में तीन दिवसीय रेल रोको अभियान की गुरुवार से शुरुआत हो गई है. किसान रेलवे ट्रैक पर डटे हुए हैं और बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

शनिवार तक 20 विशेष ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द:
रेल रोको आंदोलन को देखते हुए रेलवे ने शनिवार तक 20 विशेष ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द और पांच को गंतव्य से पहले रोक दिया है. वहीं, हरियाणा में किसानों-आढ़तियों ने राजमार्ग जाम करने की भी चेतावनी दी है. उधर, यूपी में भी सपा ने किसान कर्फ्यू और जाम का आह्वान किया है. 

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बिहार के हाजीपुर में भी खास असर:
कृषि बिल के विरोध में बुलाए गए भारत बंद का सबसे खास असर बिहार के हाजीपुर में देखने को मिल रहा है. गांधी सेतु के निकट NH 19 पर जाम लगाया गया है. सुबह से ही पप्पू यादव की पार्टी जन अधिकार पार्टी के समर्थक सड़क पर डटे हैं. बंद समर्थकों ने NH 19 को बंद करा दिया है. सड़कों पर टायर जला कर नारेबाजी की जा रही है. 

दिल्ली-चंडीगढ़ बस सेवा को बंद कर दिया गया: 
वहीं भारत बंद के चलते दिल्ली-चंडीगढ़ बस सेवा को बंद कर दिया गया है. किसानों के विरोध के चलते ट्रेन के पहिये भी थमे हैं. पंजाब सरकार ने यह हिदायत भी दी है कि पंजाब बंद के दौरान किसानों के प्रति नरम रवैया अपनाया जाए और उन पर कोई सख्त जबरदस्ती न की जाए.

इन विधेयकों का हो रहा विरोध: 
केंद्र सरकार ने हाल ही में कृषि सुधारों से जुड़े तीन बिल संसद से पास कराए हैं. ये हैं कृषि उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) बिल-2020, कृषक (सशक्तीकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता बिल-2020 और कृषि सेवा विधेयक-2020। किसानों को आशंका है कि संसद से पारित बिल के जरिये न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म करने का रास्ता खुल जाएगा और उन्हें बड़े कॉरपोरेट की दया पर रहना पड़ेगा.