बदमाशों ने दलित परिवार की बिंदौली पर किया हमला, आधा दर्जन लोग घायल

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/02/21 10:10

चित्तौड़गढ़ (पीके अग्रवाल)। चित्तौड़गढ़ जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुरा में एक दलित परिवार द्वारा निकाली जा रही बिंदौली में आपसी मारपीट में आधा दर्जन लोग घायल हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर एक बाल अपचारी को डिटेन किया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि देर रात गांव लक्ष्मीपुरा में भांवी समाज की युवती की शादी से पहले बिन्दोली निकाली जा रही थी इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने बिंदोली पर हमला बोल दिया, हमले में युवती के पिता सहित करीब आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं। 

डिप्टी एसपी माधोसिंह सोढ़ा ने बताया कि गांव के नाथूलाल भाम्बी की पुत्री का विवाह था, जिसकी बीती रात बिंदौली निकाली जा रही थी। इसी दौरान बिंदौली में शामिल कुछ लोगों की वहां से गुजर रहे सवर्ण वर्ग के किशोर से कहासुनी हो गई, जिस पर किशोर को मारपीट कर भगा दिया गया। इसके बाद किशोर के साथ 10-15 लोग लाठी सरियों से हमला कर फरार हो गए। हमले में दुल्हन का पिता नाथूलाल भाम्बी, शिवलाल, रमेश घायल हो हुए हैं। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को भर्ती कर लिया गया है।

घटनाक्रम के दौरान रमेश के हाथ में फ्रेक्चर होने की जानकारी सामने आई है। घटना सामने आने के बाद स्थानीय सरपंच दिग्विजय सिंह मौके पर पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। फर्स्ट इंडिया न्यूज़ को दिग्विजयसिंह ने बताया कि यह घटना दु:खद है और दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए। गांव में पहली बार इस प्रकार की घटना हुई है। घटना को लेकर कई दलित संगठनों के पदाधिकारी भी पीडि़त के पास पहुंचे और घटनाक्रम की जानकारी ली। 

परिजनों ने ये लगाए आरोप:

घटना को लेकर दुल्हन के पिता नाथूलाल ने बताया कि रात को उनकी पुत्री की बिंदौली निकाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोग आए और उन्होंने बिंदौली पर पुडिय़ां और पत्थर फैंकने शुरू कर दिए। बाद में उन्होंने मारपीट शुरू कर दी। जो भी व्यक्ति उन्हें समझाने गया, उसके साथ उन्होंने जमकर मारपीट की। गांव लक्ष्मीपुरा के प्रकाशचंद्र भाम्बी ने बताया कि अफरा-तफरी और झगड़े के दौरान आरोपितों ने दुल्हन को बग्गी से उतारने का भी प्रयास किया, जिससे दुल्हन बेहोश हो गई। बाद में बिंदौली को रोककर दुल्हन को पैदल घर लाया गया। घटना को लेकर परिजनों में आक्रोश है। 

आए दिन होते विवाद, रिपोर्ट नहीं होने से बुलंद हुए हौंसले:

ग्रामीणों और परिजनों ने का आरोप है कि गांव में कुछ लोग हैं जो शराब पीकर उत्पात मचाते हैं। किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ये लोग कार्यक्रम को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन इनकी पुलिस में शिकायत नहीं की गई, जिसके चलते इन्होंने इतने बड़े घटनाक्रम को अंजाम दिया। महिलाओं का कहना है कि किसी भी कार्यक्रम में आकर उसे बिगाडऩे का प्रयास लंबे समय से गांव के कुछ युवकों द्वारा किया जाता रहा है। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि कुछ लोगों द्वारा गांव का माहौल बिगाडऩे का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन समय पर शिकायत नहीं होने के चलते ये घटनाक्रम सामने आया है। 

इधर बुजुर्गों ने छुआछूत से किया इंकार:

घटनाक्रम को लेकर गांव के वरिष्ठों ने छुआछूत जैसी किसी घटना से इंकार किया है। गांव के वरिष्ठ दीपलाल भाम्बी, मोतीलाल लोधा, ऊंकारलाल गाडरी आदि बुजुर्गों ने बताया कि गांव में सौहार्दपूर्ण माहौल है। छुआछूत या ऊंच-नीच जैसी कोई घटना गांव में नहीं है। सभी सामाजिक कामों में पूरे गांव के लोग सौहार्दपूर्ण तरीके से शिरकत करते हैं। कुछ लोगों ने रात की घटना को अंजाम दिया है। ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में गांव का माहौल खराब ना हो। पूर्व में किसी शादी समारोह में बिंदौली को रोके जाने की घटना से गांव के वरिष्ठ लोगों ने साफ तौर से इंकार किया है। शादी समारोह में बिंदौलियां निकाली जाती है।

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