भारत पाक सीमा पर तैनात होंगे कैमरे लगे खोजी श्वान, तस्करों, घुसपैठियों और आतंकियों पर रखेंगे नजर

Suryaveer Singh Tanwar Published Date 2019/06/11 02:41

जैसलमेर: भारत पाकिस्तान से लगती अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तारबंदी और सीसीटीवी कैमरे के बाद कैमरे लगे खोजी श्वान तैनात करने की योजना है. सीमा सुरक्षा बल हाई-टेक निगरानी करने के लिए खोजी श्वानो के कुत्ते के कॉलर पर कैमरे फिट कर उन्हें प्रक्षिशण दे रहे है. इस कदम का उद्देश्य सीमा के साथ कठिन इलाके में गश्त के दौरान दुश्मन के लक्ष्य का सटीक विवरण प्राप्त करना है. कैमरो वाले श्वानों  में आतंकवाद विरोधी अभियानों और कठिन इलाकों में गश्त करने में फायदेमंद साबित होगी.  

कैमरे से लैस डॉग स्क्वायड को दिया जा रहा प्रशिक्षण 
बीएसएफ के ग्वालियर स्थित राष्ट्रीय श्वान प्रशिक्षण संस्थान में वर्तमान में कैमरे से लैस डॉग स्क्वायड को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. बीएसएफ जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर रीट्रिवर, डाबरमैन पिंसचर, क्रोकर स्पेनियल और बेल्जिन मेलेनोइस को प्रशिक्षित करती है. पाकिस्तान बॉर्डर पर जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर अधिक संख्या में तैनात हैं. ये विस्फोटक सामग्री के साथ कुशलतापूर्वक ट्रेकिंग भी कर सकते हैं. प्रशिक्षण के दौरान जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर की कॉलर में कैमरे लगाए गए हैं. इनमें लाइव रीकार्डिंग होती है, जिसका वायरलैस सम्पर्क बीएसएफ के आइटी सेंटर में है. कैमरे इस तरह लगाया है ताकि वह सभी कोण से फुटेज ले सकें. श्वान को सिखाया जा रहा है कि गश्त के समय कैमरे का एंगल बॉर्डर के दोनों तरफ और जमीन-आसमान पर करना है.

बीएसएफ ने 2004 से बॉर्डर पर खोजी कुत्ते तैनात करने शुरू किए
बीएसएफ ने 2004 से बॉर्डर पर खोजी कुत्ते तैनात करने शुरू किए. राजस्थान में श्रीगंगानगर, बीकानेर, बाड़मेर और जैसलमेर जिलों की कई सीमा चौकियों पर तैनात खोजी श्वान अधिकतर ट्रेकिंग करते हैं. कैमरे लगे श्वान इन चारों जिलों में तैनात किए जाएंगे. कैमरा उपकरणों के चयन के बाद, बीएसएफ सीमावर्ती क्षेत्रों में 'गोपनीय परीक्षण' शुरू करेगी. 

First India News से जुड़े अन्य अपडेट हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे!
हर पल अपडेट रहने के लिए अभी डाउनलोड करें First India News Mobile Application
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBE चैनल को विजिट करें

और पढ़ें

Most Related Stories

Stories You May be Interested in