बुराड़ी कांड में बड़ा खुलासा, फांसी लगाने के पीछे आत्महत्या नही ये थी बड़ी वजह

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/09/15 11:26

नई दिल्ली। बुराड़ी में जुलाई के महिने में एक ही परिवार के 11 सदस्यों की मौत के मामले में अब नया खुलासा हुआ है। अब इस मामले में मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी रिपोर्ट आई है, जिसमें खुलासा हुआ है कि उन लोगों ने खुदकुशी नहीं की थी, बल्कि वे सभी एक अनुष्ठान के दौरान दुर्घटनावश मारे गए। छानबीन में इस बात की भी जानकारी मिली है कि धार्मिक अनुष्ठान करने वालों ने आत्महत्या करने के इरादे से फांसी नहीं लगाई थी। उन्हें विश्वास था कि मरने बाद आत्मा बाहर जाएगी। बाद में सभी फिर से जिंदा हो जाएंगे।

मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी के दौरान सीबीआई की केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला  ने घर में मिले रजिस्टर्स में लिखी बातों का और पुलिस द्वारा दर्ज किए गए चूंडावत परिवार के सदस्यों और मित्रों के बयानों का विश्लेषण किया। सीएफएसएल ने परिवार के सबसे बड़े सदस्य दिनेश सिंह चूंडावत और उनकी बहन सुजाता नागपाल तथा अन्य परिजनों से भी पूछताछ की।

बता दें कि दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी सनसनीखेज घटना में बुराड़ी स्थित एक घर में एक जुलाई की सुबह एक ही परिवार के 11 लोग संदिग्ध हालात में मृत पाए गए थे। मृतकों में सात महिलाएं व चार पुरुष थे, जिनमें दो नाबालिग थे। एक महिला का शव रोशनदान से तो नौ लोगों के शव छत से लगी लोहे की ग्रिल से चुन्नी व साड़ियों से लटके मिले। एक बुजुर्ग महिला का शव जमीन पर पड़ा मिला था। नौ लोगों के हाथ-पैर व मुंह बंधे हुए थे और आंखों पर रुई रखकर पट्टी बांधी गई थी।
 

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