सरकार बताए राज्य के सफाई कर्मचारियों के लिए क्या कदम उठाए, हाईकोर्ट ने एडिशनल एफिडेविट पेश करने के दिए आदेश

सरकार बताए राज्य के सफाई कर्मचारियों के लिए क्या कदम उठाए, हाईकोर्ट ने एडिशनल एफिडेविट पेश करने के दिए आदेश

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने कोविड-19 के संक्रमण के चलते देश और प्रदेश के सफाईकर्मियों व सेनेटाइजेशन के काम में लगे कर्मचारियों को पीपीई किट, मास्क और ग्लब्स सहित अन्य सुरक्षा सामग्री मुहैया कराने के मामले में राज्य सरकार को एडिशनल एफिडेविट पेश करने के आदेश दिए है. मुकुल चौधरी की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश इन्द्रजीत महांति और जस्टिस प्रकाश गुप्ता की खण्डपीठ ने ये आदेश दिए है.

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केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को जारी किए नोटिस:
खण्डपीठ ने एडिशनल एफिडेविट में डब्ल्यूएचओ और केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के आदेश की पालना में किए गए प्रयासों की जानकारी देने के निर्देश दिये है.साथ ही अदालत ने केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को नोटिस जारी किये है.अधिवक्ता महमूद प्राचा व सुनील वशिष्ठ ने बताया कि देशभर में 5 करोड़ सफाईकर्मी हैं जो कोविड-19 के दौरान सफाई व सेनेटाइजेशन का काम कर रहे हैं. 

सेनेटाइजेशन का काम कर रहे लोगों को दी जाए सुरक्षा सामग्री: 
लेकिन फिर भी इन लोगों को खुद के जीवन की सुरक्षा के लिए पीपीई किट और मास्क सहित अन्य सुरक्षा सामग्री नहीं दी जा रही. जबकि केन्द्र सरकार व डब्ल्यूएचओ की गाइडलाइन के मुताबिक इन कर्मचारियों को भी पीपीई किट समेत अन्य सुरक्षा सामग्री दी जानी चाहिए. क्योंकि ये कर्मचारी सीधे तौर पर सफाई व सेनेटाइजेशन के काम से जुड़े हुए हैं. देश और प्रदेश में कोरोना बीमारी संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. इसलिए सफाई व सेनेटाइजेशन का काम कर रहे लोगों को सुरक्षा सामग्री दी जाए.

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