माता का एक ऐसा मंदिर जहां लगता है शराब का भोग, भक्त की शराब मंजूर हो तो खाली हो जाता है प्याला

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/13 08:40

नागौर। जिले के ऐतिहासिक भंवाल माता मंदिर में इन दिनों हर वक़्त भक्तों का भारी जमावड़ा लगा है। लोग दूर दूर से माता के दरबार मे मन्नत मांगने आते है। नवरात्र  के दिनो में मन्दिर में मेले सा माहौल नजर आता है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि यहां माता को भक्तों द्वारा शराब का भोग लगाया जाना है। माता एक भक्त से ढाई प्याला शराब का भोग लगाती है खास बात ये है कि माता उसी भक्त की शराब का भोग लगाती है जिसकी की मनोकामना या मन्नत पूरी होनी होती है। नवरात्रा में लोग विशेष तौर पर इस मंदिर में आते हैं।

इस मंदिर में शराब प्रसाद की तरह चढाया जाता है जी हां हम बात कर रहे हैं ऱाजस्थान के नागौर जिले की मेड़ता तहसील के भंवाल गांव की। इस गांव में काली माता का मंदिर है जिसकी तामीर को 800 से ज्यादा साल हो चुके हैं। सब जगहों से हटकर भंवाल के कालीमाता मंदिर की खास बात ये है कि यहां पर काली माता को भक्त शराब का भोग लगाते हैं। माता भी सभी की शराब स्वीकार नहीं करती, केवल उसी भक्त की शराब कबूल की जाती है जिसकी मन्नत पूरी की जानी होती है। नवरात्र के मौके पर भक्त विशेष तौर पर अपनी फरियाद लेकर माता के दरबार मे आते है और भारी तादाद में इन दिनों माता के भक्त मंदिर मे देखे जा रहे है।

मंदिर में दो माता की मुर्तियां हैं पहली बह्माणी माता जिन्हे मीठा प्रसाद चढ़ाते हैं दूसरी काली माता की जिनको शराब चढाई जाती हैं। हजारों भक्त भंवाल मे अपनी मुरादें लेकर आते हैं। ऐसा नही है कि भक्त सिर्फ मन्नत मांगने के लिए ही माता के दरबार में आते हैं बल्कि जिन भक्तों की मुराद पूरी हो जाती है वे भी फिर से माता का शुकराना अदाकरने भवाल आते है।

मंदिर मे भक्तों को इस बात का भी खास ध्यान रखना होता है कि वो चमड़े से बनी कोई चीज इस वक्त ना पहना हो जब इसकी शराब को भोग लगाया जा रहा हो। अगर भक्त चमड़े से बनी कोई चीज पहने होता है तो माता उसकी भेट स्वीकार नही करती। पूजारी जब शराब का प्याला माता को चढ़ाता है तो अगर माता को भक्त की शराब मंजूर हो तो शराब का प्याला खाली हो जाता है इस तरह करके माता ढाई प्याला शराब ग्रहण करती है। विदेश से आऐ सैलानी भी माता को शराब के भोग लगते देख हैरान हो जाते है। 
भारत आस्था प्रधान देश है यहां आस्था पहले होती है और विज्ञान बाद में, भवाल माता के प्रति भक्तों की आस्था भी कुछ ऐसी ही है । जिस शराब को आमतौर पर अच्छा नहीं माना जाता वही शराब यहां पवित्र मानी जाती है और हर उम्र के भक्तों के हाथ मे देखी जा सकती है ।

....नरपत ज़ोया संवाददाता 1st इंडिया न्यूज नागौर

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