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मुख्यमंत्री योगी को बम से उड़ाने की धमकी, खास समुदाय का बताया दुश्मन

मुख्यमंत्री योगी को बम से उड़ाने की धमकी, खास समुदाय का बताया दुश्मन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. यह धमकी पुलिस मुख्यालय के वॉट्सऐप नंबर पर मैसेज भेजकर दी गई है. जिस नंबर से धमकी भरा मैसेज आया है, पुलिस ने उसके आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. मैसेज में सीएम योगी को एक विशेष समुदाय के लिए पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार इस मामले से जुड़े आरोपी को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. 

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सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं:
जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में गुरुवार देर रात लगभग साढ़े बारह एक वॉट्सऐप मैसेज आया. मैसेज में लिखा था कि सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं. (एक खास समुदाय का नाम लिखा) की जान का दुश्मन है वो. मैसेज मिलने के बाद इस बात की सूचना उच्चाधिकारियों को दी गई. अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नंबर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है. अब रिकॉर्ड निकाला जा रहा है कि यह नंबर किसके नाम का है. 

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पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की:
अधिकारियों के मुताबिक गोमती नगर थाने में धारा 505 (1) बी, 506 और 507 के तहत केस दर्ज किया गया है. मामले में कोई ढील न देते हुए पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की है. उसके बाद धमकी देने वाले की तलाश की जा रही है. पुलिस के अनुसार उसे जल्द की गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गोंडा में एक व्यापारी के पोते के अपहरण मामले में यूपी पुलिस ने 17 घंटे के अंदर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है. इसके साथ ही पुलिस ने इस घटना में 4 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाली एक लड़की को भी गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही इस पूरे घटनाक्रम में 4 लोगों की गिरफ्तारी हुई है. गिरफ्तारी से पहले पुलिस के साथ बदमाशों की मुठभेड़ की भी खबर है.

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पुलिस टीम को 2 लाख का इनाम देने की घोषणा:
दूसरी ओर प्रदेश सरकार की तरफ से पुलिस टीम को 2 लाख का इनाम देने की घोषणा हुई है. जानकारी के अनुसार गोंडा के कर्नलगंज में ये मुठभेड़ हुई. एडीजी एलओ प्रशांत कुमार मौके पर पहुंच गए हैं. एसटीएफ ने अपहरण में प्रयोग की गई ऑल्टो कार, एक .32 बोर की पिस्टल और दो 315 बोर तमंचे बरामद की हैं. मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगने की भी खबर है.

यूपी एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी: 
यूपी एडीजी (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने घटना के बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुलिस कार्रवाई में दो बदमाश उमेश यादव और दीपू कश्यप घायल हुए हैं. सूरज पांडेय, छवि पांडेय और उनके भाई को गिरफ्तार किया गया है. घटना में एक ऑल्टो गाड़ी बरामद की गई है. अपराधियों से पिस्टल और दो तमंचे भी बरामद हुए हैं. घायल बदमाशों का इलाज चल रहा है. पुलिस की ओर से बदमाशों का मेडिकल कराया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी. 

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अपहरण करने में महिला भी शामिल: 
मुठभेड़ में गिरफ्तार आरोपी सूरज पांडेय, कर्नलगंज का ही निवासी है. उसके साथ पुलिस ने उसकी पत्नी छवि पांडेय को भी गिरफ्तार किया है. इनके अलावा राज पांडेय, उमेश यादव और दीपू कश्यप की गिरफ्तारी हुई है. ये सभी कर्नलगंज, गोडा के रहने वाले हैं.

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन

मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन

लखनऊ: मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का आज सुबह 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया. इसकी जानकारी यूपी सरकार में मंत्री बेटे आशुतोष टंडन ने ट्विटर पर एक पोस्ट के जरिए साझा की. उन्होंने ट्वीट करके कहा कि बाबूजी नहीं रहे. बीते कई दिनों लालजी बीमार चल रहे थे और उनका लखनऊ में चल रहा था. 

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करीब डेढ़ महीने से इलाज चल रहा था: 
देर रात लालजी टंड की हालत फिर बिगड़ गई थी. उन्हें गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखा गया था. लालजी टंडन का मेदांता अस्पताल में करीब डेढ़ महीने से इलाज चल रहा था. लालजी टंडन के किडनी और लिवर में दिक्कत के बाद उन्हें एडमिट कराया गया था.

उनकी तबीयत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही थी: 
लालजी टंडन को 11 जून को सांस लेने में दिक्कत, बुखार और पेशाब में परेशानी की वजह से लखनऊ स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी तबीयत दिन ब दिन बिगड़ती जा रही थी. इस कारण यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को मध्यप्रदेश का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था. 

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बीजेपी सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे:
मूल रूप से यूपी की राजनीति में सक्रिय रहने वाले टंडन प्रदेश की बीजेपी सरकारों में कई बार मंत्री भी रहे हैं और अटल बिहारी वाजपेयी के सहयोगी के रूप में जाने जाते रहे. इन्होंने वाजपेयी के चुनाव क्षेत्र लखनऊ की कमान संभाली थी और निधन बाद लखनऊ से ही 15वीं लोकसभा के लिए भी चुने गए.

विकास दुबे एनकाउंटर को लेकर अखिलेश यादव ने कसा तंज, कहा- कार नहीं पलटी, सरकार पलटने से बचाई गयी

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लखनऊ: आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मास्टरमाइंड विकास दुबे का एनकाउंटर में अंत हो गया है. विकास दुबे का एनकाउंटर होते ही अब राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आना शुरू हो गई है. सबसे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इसको लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है. 

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गिरफ्तारी पर खड़े किए थे सवाल: 
इससे पहले भी अखिलेश यादव ने गुरुवार को विकास दुबे की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा था कि ख़बर आ रही है कि ‘कानपुर-काण्ड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है. अगर ये सच है तो सरकार साफ़ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ़्तारी. साथ ही उसके मोबाइल की CDR सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके.

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विकास दुबे ने पुलिस के एक जवान से हथियार छिनने का किया प्रयास: 
बता दें कि आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मास्टरमाइंड विकास दुबे का एनकाउंटर में अंत हो गया है. विकास को कमर में गोली लगी है जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था. जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. एनकाउंटर में STF के दो जवान भी घायल हुए हैं. दरअसल, कानपुर आते ही पुलिस के गाड़ी रास्ते में पलट गई. इसी दौरान विकास दुबे ने पुलिस के एक जवान से हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसे 3 गोलियां लगीं. 


 

बंगला खाली करने के नोटिस के बाद लखनऊ शिफ्ट होंगी प्रियंका गांधी, हो चुकी व्यवस्था !

बंगला खाली करने के नोटिस के बाद लखनऊ शिफ्ट होंगी प्रियंका गांधी, हो चुकी व्यवस्था !

लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के दिल्ली में लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने के नोटिस के बाद अब वे दिल्ली के बजाए लखनऊ का रुख करने के मूड में हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उनके लिए यहां एक शानदार बंगले की व्यवस्था भी हो चुकी है. प्रियंका लखनऊ में कौल हाउस में शिफ्ट होने की तैयारी में है. कौल हाउस इंदिरा गांधी की मामी शीला कौल का है.

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बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा ये कदम: 
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रयंका गांधी वाड्रा अब यूपी की राजधानी लखनऊ में अपना बेस बनाने की तैयारी में हैं. प्रियंका पार्टी की महासचिव होने के साथ साथ यूपी की इंचार्ज भी हैं. लिहाजा उनका ये कदम बेहद सधी हुई रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. ऐसे में लखनऊ शिफ्ट होना राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. महासचिव बनाए जाने के बाद से प्रियंका लगातार यूपी में ज्यादा सक्रिय रही हैं. 

प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी:
जानकारी के अनुसार, प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल्ली से लखनऊ शिफ्ट होना चुनावी तैयारी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. इस तरह आने वाले दिनों में प्रियंका यूपी में और ज्यादा नजर आएंगी. अपनी शादी के बाद, इंदिरा गांधी भी अपने पति फ़िरोज़ के साथ लखनऊ आ गईं थी. वे चारबाग रेलवे स्टेशन के पास एपी सेन रोड के एक बंगले में रहती थीं.

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बंगला एक अगस्त तक खाली करना होगा:
मोदी सरकार ने कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को लोधी एस्टेट स्थित बंगला खाली करने को कहा है. प्रियंका को ये बंगला एक अगस्त तक खाली करना है. SPG सुरक्षा हटने के चलते बंगला खाली करना होगा. इस बाबत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स की ओर से नोटिस जारी किया गया है. प्रियंका गांधी लगभग दो दशक से फैमिली के साथ इसी बंगले में रहती है. 


 

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

पाकिस्तान में रह रहे मामा की बेटी का प्यार पाने के लिए आईएसआई एजेंट बन गया राशिद अहमद

लखनऊ: पांच महीने पहले जासूसी करने के आरोप में दबोचा गया राशिद अहमद पाकिस्तानी प्रेमिका से मिलने की चाहत में आईएसआई एजेंट बन गया था. जनवरी में गिरफ्तार राशिद पाकिस्तान में रह रहे अपने मामा की लड़की से प्यार करता था. लेकिन घर वालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. इस बात की जानकारी जब पाक खुपिया एजेंसी को लगी तब आईएसआई व पाकिस्तानी डिफेंस के एक अधिकारी ने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा कर भारत से गोपनीय सूचनाएं मंगाने लगे. 

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मामा की बेटी से करने लगा था प्यार: 
इसी बीच राशित वर्ष 2017 और 2018 में दो बार पाकिस्तान के कराची में रह रही अपनी मौसी के पास गया था. वहीं राशिद के मामा नजीर भी रहते थे, जिनकी बेटी वह प्यार करने लगा. लेकिन राशिद के मामा को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. राशिद का मौसेरा भाई आईएसआई और पाकिस्तान डिफेंस के संपर्क में था. 

प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया:
ऐसे में उसने यह पूरी कहानी आईएसआई व पाकिस्तान डिफेंस को बताई और राशिद से उनकी मुलाकात करवाई. ऐसे में उन्होंने उसकी प्रेमिका से शादी कराने का वादा किया और भारत के महत्वपूर्ण व संवेदनशील स्थानों की फोटो, नक्शे और सेना के मूवमेंट की जानकारी मांगी. इसके बदले में राशिद के पैसे भी देने का वादा किया गया. 

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भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था:
उसके बाद राशिद भारत लौट आया और पाकिस्तान के लिए काम करने लगा. इसने दो फोन नंबरो को एक्टिवेट कराकर पाकिस्तान में व्हॉट्सएप चलाने के लिए ऑटिपी बताया. यानी भारत के नंबर पर पाकिस्तान में व्हाट्सएप चल रहा था. राशिद नहीं व्हाट्सएप नंबरों पर संवेदनशील स्थानों की तस्वीरें भेजरा रहता था. इसके बदले राशिद को रुपये भी भेजे गए थे. 
 

बारात लेकर निकला दूल्हा शादी समारोह की जगह पहुंचा अस्पताल, कोरोना पॉजिटिव आई रिपोर्ट

बारात लेकर निकला दूल्हा शादी समारोह की जगह पहुंचा अस्पताल, कोरोना पॉजिटिव आई रिपोर्ट

लखनऊ: देशभर में इस समय कोरोना वायरस का कहर जारी है. ऐसे में कोरोना से बचने के लिए लोग हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच एक अजीब घटना सामने आई है. यूपी के अमेठी से बारात लेकर निकले दूल्हा और उसके पिता शादी समारोह की जगह पर अस्पताल पहुंचने को मजबूर हो गए. दरअसल, दूल्हे और उसके पिता की की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से पुलिस ने दोनों को रास्ते से पकड़कर अस्पताल भेज दिया.  

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दोनों की कई दिनों से तबीयत खराब थी:
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना अमेठी के शुक्ल बाजार की है जहां बारात लेकर जा रहे दूल्हे को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है. यह बारात बराबंकी के हैदरगढ़ जा रही थी और इस बीच दूल्हे और उसके पिता की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई. जानकारी के अनुसार शुक्ल बाजार निवासी एक व्यक्ति और उसके बेटे की कई दिनों से तबीयत खराब थी. उसके बाद डॉक्टर ने दोनों की कोरोना जांच की सलाह दी थी. स्वास्थ्य विभाग की टीम कोरोना जांच के लिए सैंपल ले गई थी.

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बाराबंकी बॉर्डर से पकड़ लिया:
उसके बाद शुक्रवार को जब बेटे की जानी थी तो शादी स्थगित नहीं करने का फैसला लिए दोनों ने बारात ले जाने का निर्णय लिया. इसी के चलते जांच रिपोर्ट आने से पहले ही दूल्हे के पिता बारात लेकर हैदरगढ़ के लिए निकल पड़े. उधर रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए उनके घर पहुंच गई. जहां जानकारी मिली की दोनों बारात लेकर बाराबंकी चले गए हैं. इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने बाप बेटे को बाराबंकी बॉर्डर से पकड़ लिया और स्वास्थ्य विभाग की टीम के हवाले कर दिया, जिसके बाद दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 


 

UP: 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

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लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने आज उत्तर प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी. हाईकोर्ट ने सरकार को परीक्षा की उत्तर-कुंजी जारी करने की छूट दी है. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी.

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क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का:  
हाईकोर्ट में सरकार की तरफ से कहा गया कि किसी परीक्षा के लिए क्वालिफाइंग अंक निर्धारित करने का विशेषाधिकार सरकार का है. इसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती. साथ ही कहा कि छह जनवरी 2019 को हुई सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा के आयोजक परीक्षा नियामक प्राधिकरण ने प्रश्नपत्र की उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी थी. यह एक क्वालिफाइंग परीक्षा थी, इसके आधार पर भर्ती प्रक्रिया तैयार की जानी थी. यह भी साफ किया कि अभी तक इस परीक्षा के आधार पर कोई भर्ती नहीं की गई है.

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यूजीसी करेगी आपत्तियों का निस्तारण: 
याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों को यूपी सरकार यूजीसी को भेजेगी और यूजीसी आपत्तियों का निस्तारण करेगी. अगली सुनवाई 12 जुलाई को होगी. गौरतलब है कि सरकार नियुक्तियां पूरी करने में बहुत तत्परता दिखा रही थी. सरकार का मानना था कि इस कोरोना काल मे जल्द नियुक्तियां होने पर अनेकों अभ्यार्थियों को बहुत राहत मिलेगी.


 

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