बाजारों में सजने लगा 'मौत का सामान', महज कागजों में सिमटी प्रशासनिक कार्यवाही

FirstIndia Correspondent Published Date 2017/12/27 04:48

झुंझुनूं। जैसे-जैसे मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आ रहा है, वैसे ही इंसान और परिंदों की जान को खतरा भी बढ़ता जा रहा है। हर साल की तरह इस बार भी चाइनीज मांझे ने अपना वर्चस्व बाजारों और पतंगबाजों के बीच बना रखा है, वही प्रशासन द्वारा इस पर की जाने वाली कार्यवाही भी महज कागजों में सिमटी नजर आ रही है।

प्रशासन की ओर से कोई सख्त कार्रवाई नहीं होने के चलते चाइनीज मांझा खुलेआम बिकता नजर आता है, जिसके जरिये आसमान में उड़ती पतंगों के मांझे में उलझकर आसमान उड़ते परिंदे अपनी जान गंवा देते हैं। वहीं रास्ते में लटकता यह मांझा कई बार इंसानों की जान पर भी भारी पड़ता दिखाई देता है। इन सबके बावजूद प्रशासन की अनदेखी के चलते ऐसी घटनाएं रोज किसी न किसी शहर में आए दिन होती रहती है।

खास बात यह है कि चाइनीज मांझा बेचने वाले ये दुकानदार मांझे को अपनी दुकानों पर नहीं रखकर किसी ऐसी जगह पर रखते हैं, जहां प्रशासन की नजरें नहीं पहुंच पाती। जब कोई परिचित ग्राहक इस मांझे की डिमांड करता है तो ये दुकानदार अलग ले जाकर उसको चाइनीज मांझा देते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा दफ्तरों में बैठकर निकाले जाने वाले आदेश महत कागजों में ही सिमटकर रह जाते हैं।

जिला कलेक्टर दिनेश कुमार यादव से जब चाइनीज मांझे को लेकर मीडियाकर्मियों ने बात की तो उन्होंने बताया कि चाइनीज मांझे की बिक्री के ऊपर रोक के लिए जिला प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं संबंधित सभी थानों में भी आदेश जारी कर दिए हैं कि चाइनीज मांझा कोई बेचते हुए पाया जाता है तो उनके ऊपर सख्त कार्रवाई करें। इसके साथ ही जिला कलेक्टर ने आमजन से भी अपील की है कि वह मकर सक्रांति के पावन पर्व पर चाइनीज मांझा से पतंगबाजी न करें।

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