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विधानसभा में लेखानुदान पेश करते सीएम गहलोत ने कही ये बड़ी बातें

विधानसभा में लेखानुदान पेश करते सीएम गहलोत ने कही ये बड़ी बातें

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आज विधानसभा में 4 महीने के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया। साथ ही गुर्जरों को पांच फीसदी आरक्षण के लिए संकल्प भी पारित करवाया, जिससे गुर्जरों समेत 5 जातियों — बंजारा/बालदिया/लबाना, गाडिया लोहार/गाडोलिया, गुर्जर/गुजर, राइका/रैबारी/देबासी और गडरिया/गाडरी/गायरी को पांच प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस पांच प्रतिशत आरक्षण के साथ ही राज्य में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को मौजूदा 21 प्रतिशत से बढाकर 26 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। आइए, जानते हैं कि अपने लेखानुदान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने क्या कुछ कहा...

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार का यह दृढ़ विश्वास है कि समाज के हर तबके - खासतौर पर निर्धन, असहाय और पिछड़े वर्ग को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ही हम अपने प्रदेश को गरीबी और बेरोजगारी के अभिशाप से मुक्त कर सकते हैं।राज्य की जनता ने एक बार फिर हम पर भरोसा जताया है। प्रदेशवासियों का यही विश्वास हमारी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है। इसी हौसले से हम किसानों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों, मजदूरों एवं वंचित तबकों के उत्थान के लिए दिन-रात कड़ी मेहनत करके एक खुशहाल राजस्थान बनाएंगे।

सीएम गहलोत ने कहा कि, मुझे सदन को बताते हुए पीड़ा हो रही है कि पिछली सरकार के 5 वर्षों के कुशासन ने राज्य को तरक्की की पटरी से नीचे उतार दिया है। हमारे पिछले सेवाकाल में हमने ठोस कदम उठाते हुए अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए गतिशील आर्थिक ढांचा तैयार किया था। पिछली सरकार की गलत नीतियों के कारण कई आर्थिक मापदंडों पर राज्य पिछड़ गया। चाहे आर्थिक वृद्धि दर हो, प्रति व्यक्ति आय वृद्धि दर हो, कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर या बढ़ता कर्ज भार हो, चाहे राजकोषीय घाटे की बात हो या ऊर्जाक्षेत्र के कुप्रबंधन की। विरासत में हमें बेहद चुनौतीपूर्ण हालात मिले हैं।

पिछले 2 माह में लागू कई बड़े फैसले सुशासन के प्रति हमारे संकल्प के साक्षी हैं। अपने वादों को पूरा करने के लिए हमने त्वरित कार्यवाही प्रारम्भ कर दी है। गांधीजी के इस कथन पर हमें पूर्ण विश्वास है कि 'ख़ुशी तब मिलेगी, जब आप जो सोचते हैं, जो कहते हैं और जो करते हैं, उनमें सामंजस्य हो' हमने सरकार की बागडोर संभालते ही एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला किसानों के हित में किया। सहकारी क्षेत्र के समस्त श्रेणियों के किसानों की सम्पूर्ण अल्पकालीन फसली ऋण माफ़ी का न सिर्फ ऐलान किया, बल्कि उसकी समयबद्ध क्रियान्विति के लिए योजना बनाकर उस पर अमल भी प्रारम्भ कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में खेती के साथ-साथ पशुपालन भी रोजगार का मुख्य जरिया है। दुग्ध उत्पादक भाइयों को आर्थिक रूप से मदद के लिए अपने पिछले कार्यकाल में 'मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना' लागू की थी, लेकिन गत सरकार ने इसे बंद कर दिया, पशुपालकों के कल्याण के लिए हमने इसे फिर से शुरू किया है। एक फरवरी, 2019 से राज्य के सहकारी दुग्ध उत्पादक संघों में दूध की आपूर्ति करने वाले पशुपालकों को राज्य सरकार की तरफ से 2 रूपये प्रति लीटर की दर से बोनस दिया जा रहा है। इस योजना से 5 लाख से अधिक साक्रिय दुग्ध उत्पादक लाभान्वित होंगे।

राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी पहली बैठक में ही बुजुर्गों को दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन में बढोतरी का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह बढोतरी 1 जनवरी, 2019 से लागू हुई। अब पेंशन में 500 की जगह 750 और 750 के स्थान पर 1000 रुपए मिलने आरम्भ हो गए हैं। इसका लाभ लगभग 46 लाख पेंशनरों को मिलेगा। हमने विशेष योग्यजनों के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण 3% से बढ़ाकर 4% कर दिया है। हमारी सरकार विशेष योग्यजन, विधवा एवं एकल नारी पेंशन राशि में भी शीघ्र बढ़ोतरी करेगी। हमने किसानों को वृद्धावस्था पेंशन देने का अभूतपूर्व कल्याणकारी फैसला लेकर एक अभिनव पहल की है। 

सीएम गहलोत ने कहा कि शिक्षा ऐसा शक्तिशाली माध्यम है, जिसे हम दुनिया को बदलने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। बालिकाओं को उच्च शिक्षा नि:शुल्क प्रदान करने के वादे को पूरा करते हुए कला, विज्ञान, वाणिज्य संकायों के स्नातक एवं स्नातकोत्तर की छात्राओं को सरकारी कॉलेज-विवि स्तर की शिक्षा मुफ्त प्रदान की जाएगी। हरिदेव जोशी पत्रकारिता विवि, भीमराव अम्बेडकर विधि विवि की पुन: स्थापना की जाएगी। स्काउट आवासीय विद्यालय पुन: चालू करवाया जायेगा। महाविद्यालयों में गुणवत्ता विकास के लिए जिला स्तर पर सहायता के लिए रिसोर्स असिस्टेंस एंड कॉलेज एक्सीलेंस 'रेस' सेंटर्स की स्थापना करवाई जायेगी।

लेखानुदान पेश करते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जनजाति क्षेत्र में बांसवाडा, डूंगरपुर, सराडा (उदयपुर), पीपलखूट (प्रतापगढ़) में 4 नवीन आवासीय विद्यालय प्रारम्भ किये जाएंगे। जनजाति क्षेत्र में सौर उर्जा आधारित 50 सामुदायिक जलोत्थान परियोजनाएं शुरू की जाएंगी, जिससे 1 हजार 800 हेक्टेयर भूमि पर अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना के अंतर्गत उपलब्ध करवायी जा रही दवाईयों का दायरा बढ़ाते हुए कैंसर, हार्ट, श्वास, गुर्दा रोग आदि के उपचार किे लिए नई दवाइयों को शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा योजना में रोगियों की सुविधा के लिये राज्य में 600 नए दवा वितरण केंद्र खोले जायेंगे।

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