सीएम ने दिए थे सफाई के आदेश, प्रशासन ने नदी में फेंक दी गंदगी

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/07/13 02:48

झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ में पिछले 7 घंटे तक हुई बारिश ने जमकर तांडव मचाया, जिसके कारण खानपुर इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए और सड़कें दरिया बन गईं। वहीं सरकारी स्कूलों, चिकित्सालय, सरकारी विभागों, पुलिस थाना और गांवों में रुपली नदी का पानी घुस जाने से हालात बिगड़ गए, लेकिन कस्बे में बाढ़ जैसे हालात के पीछे सरकार और प्रशासन की लापरवाही है। क्योंकि मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान जिस गंदगी को कस्बे से साफ करने के निर्देश दिए थे, प्रशाशन ने उसे रुपली नदी में फेंक दिया।

तस्वीरों में नजर आने वाला यह कचरा किसी कचरा स्टेशन या किसी गड्ढ़े में नहीं पड़ा है, बल्कि ये इतिहास के पन्नों पर दर्ज उखली नदी है और इस नदी का जैन समाज से इतिहास जुड़ा हुआ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जनसंवाद कार्यक्रम के पूर्व स्थानीय जैन चांदखेड़ी मंदिर के दर्शन किये थे और यहीं से कस्बे का भी निरीक्षण किया था। कस्बे के हालात और यहां फैली गंदगी को देखकर स्थानीय बीडीओ से स्वछता मिशन के अंतर्गत खर्च की गई राशि का ब्यूरो मांगते हुए जमकर लताड़ पिलाई थी। साथ ही गंदगी साफ करने के आदेश भी दिए थे, लेकिन स्थानीय प्रशाशन ने गंदगी को कस्बे से उठाकर उखली नदी में फिकवा दी।

प्रशाशन की यह लॉपरवाही स्थानीय लोगों के लिये कितनी मुसीबत साबित होगी। इसका अंदाजा भी नही लगाया जा सकता। प्रशाशनिक लॉपरवाही के चलते 7 घंटे की बारिश ने जो बाढ़ जैसे हालात पैदा किये हैं। उसका नजारा खानपुर कस्बे के सरकारी चिकित्सालय में देखा जा सकता है, जहां उखली नदी में उफान आने के कारण तालाब बन गया है। यहां 2 कार सहित 1 ट्रक्टर आधे पानी मे डूब गए हैं। इसी के नजदीक चिकित्सकों के आवास में भी पानी घुस गया। वहीं चिकित्सालय की दीवारों में भी बारिश के कारण करंट फैलने के कारण एक चिकित्सक चपेट में आ गया। हालांकि वो इस हादसे में बाल—बाल बच गए।

तीसरी तस्वीर भी खानपुर कस्बे की है, जहां उखली नदी का पानी पुलिस थाने की चार दिवारी में घुस गया। इसके अलावा आसपास स्थित सरकारी दफ्तरों में पानी भर गया। नजदीक ही स्थित छोटी—छोटी दुकानों में पानी भर जाने के कारण दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर घर लौट गए। चौथी तस्वीर खानपुर कस्बे की है, जिसे एक युवक ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। यह तस्वीर कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बताने के लिए काफी है। इसमें एक कार जलमग्न है, लेकिन पानी के बहाव के चलते इस रोकने के लिए कोई आगे नहीं आया।

पांचवी खानपुर के ही भरतपुर गांव की है, जहां बारिश का पानी घुसने से हालात बिगड़ गए पानी मे बाइक को बहने से रोकने के लिए गांव के लोग बहते पानी के मध्य बैठे रहे। अगली तस्वीर भी भरतपुर गाव की ही है, जहां स्कूली बच्चे बारिश का पानी स्कूल में घुसने बाद गांव के ट्रेक्टर की मदद से अपने गांव पहुंचे। इसके बाद की तस्वीर दोबड़ा गांव की है, जहां घरों में पानी घुसने के कारण ये लोग परेशान है और खुद हाथों से पानी निकाल रहे हैं।

अब इस फोटो को ध्यान से देखने से लगता है कि वसुंधरा सरकार के संसदीय मंत्री और खानपुर के विधायक नरेंद्र नागर जो कि हाथ मे झाड़ू लेकर फ़ोटो खिंचवा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो मंत्री जी सफाई करने आये, लेकिन हाथ मे झाड़ू पकड़ा और फ़ोटो खिंचाकर वापस चल दिये। बात ज्यादा पुरानी नहीं है, लेकिन अगर मंत्री जी झाड़ू लेकर फ़ोटो खिंचाने की अपेक्षा उखली नदी में जाकर गंदगी के हालात देखकर अधिकारियों को फटकार लगाते तो शायद अखबारों में फ़ोटो भी बड़ा छपता और कस्बे में बाढ़ जैसे हालात भी पैदा नही होते।

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