Live News »

डिफॉल्टर्स के साथ ही ईमानदार किसानों की कर्ज माफी पर भी हो रहा विचार : धारीवाल

डिफॉल्टर्स के साथ ही ईमानदार किसानों की कर्ज माफी पर भी हो रहा विचार : धारीवाल

जयपुर। राजस्थान में किसानों की कर्ज माफी किए जाने के बाद यूडीएच मिनिस्टर शांति धारीवाल ने आज सचिवालय में किसान कर्ज माफी के लेकर अधिकारियों की पहली बैठक ली। इस दौरान धारीवाल ने कहा कि डिफॉल्टर्स और नॉन डिफॉल्टर्स को लेकर भी मंथन का दौर जारी है, जिस पर एक-दो बैठकों के बाद मापदंड तय होंगे। इसके बाद ही यह पता चल सकेगा कि सरकारी खजाने पर कितना वित्तीय भार है। हमारी कोशिश है कि किसानों को उपज का सही दाम मिले और इस पर भी विचार हो रहा है। अब 10 जनवरी को फिर बैठक होगी।

सचिवालय में आज किसान कर्ज माफी की लेकर पहली बैठक आयोजित की गई, जिसमें यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने अधिकारियों के साथ बातचीत की। मंत्री ने कहा कि जिन किसानों ने कर्जमाफी के चलते आत्महत्याएं की है, उनके परिवारों को भी ऋण माफी की राहत दी जा सकती है। फिलहाल कमेटी इसको लेकर भी विचार विमर्श कर रही है। धारीवाल ने कहा कि कर्जमाफी को लेकर किसानों की पात्रता तय करने के लिए चर्चा की गई है और आगामी एक-दो बैठकों के बाद पात्रता तय कर ली जाएगी। आगामी बैठक का आयोजन अब 10 जनवरी को किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त कर्ज माफी के मुद्दे को लेकर भाजपा के बयानों पर पलटवार करते हुए धारीवाल ने कहा कि, उन्होंने कौन सा कर्जा माफ कर दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले ही कर्ज माफी को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 1-2 मीटिंग्स के बाद मापदंड फाइनल हो जाएंगे और फिर फैसलों को कैबिनेट में जाया जाएंगा। डिफॉल्टर्स के अलावा ईमानदार किसानों की कर्ज माफी पर भी सरकार विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, झारखंड सहित कई राज्यों में हमारी अफसरों की टीम गई है और अभी कई दौरे होने बाकी है। उनकी रिपोर्ट्स को भी समाहित किया जाएगा और उसके बाद ही फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद सीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी, तब सारे नियम— कायदे और मापदंड तय हो जाएंगे।

और पढ़ें

Most Related Stories

खाद्य सुरक्षा के तहत नवम्बर तक मुफ्त अनाज देने का निर्णय- मुख्यमंत्री गहलोत

खाद्य सुरक्षा के तहत नवम्बर तक मुफ्त अनाज देने का निर्णय- मुख्यमंत्री गहलोत

जयपुर: प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के लाभार्थी परिवारों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नवम्बर 2020 तक निःशुल्क अनाज देने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान में एनएफएसए से जुड़े सभी परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मिल रहे 5 किलो गेहूं प्रतिव्यक्ति तथा 1 किलो चना प्रति परिवार के साथ-साथ एनएफएसए के तहत देय अनाज का निःशुल्क वितरण किया जाएगा.  

VIDEO: हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही - राजेंद्र राठौड़  

राशन वितरण की व्यवस्था की समुचित निगरानी के निर्देश:  
सीएम गहलोत ने कोविड-19 महामारी के संक्रमण की स्थिति की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री निवास पर यह घोषणा की. उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों में राशन वितरण की व्यवस्था की समुचित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि गरीब आदमी के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उसे समय पर राशन मिले. 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटियां भी पैतृक संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार 

डूंगरपुर: जंगल में मवेशी चराने गई आठ साल की मासूम से 12 साल के नाबालिग ने किया दुष्कर्म

डूंगरपुर: जंगल में मवेशी चराने गई आठ साल की मासूम से 12 साल के नाबालिग ने किया दुष्कर्म

डूंगरपुर: जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 8 साल की मासूम के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है. पीड़िता के परिजनों ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज करवाया है. कोतवाली थाने के सीआई चांदमल सिंगारिया ने बताया की कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 8 साल की मासूम कल शाम को जंगल में मवेशी चराने गई थी. इस दौरान गांव के ही 12 साल के नाबालिग लड़के ने उसके साथ दुष्कर्म किया.

डूंगरपुर: पुलिस कांस्टेबल पर नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप 

डॉक्टर्स ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने का खुलासा किया: 
इधर आज सुबह जब नाबालिग की तबियत बिगड़ी और परिजन उसे लेकर जब अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टर्स ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म होने का खुलासा किया. वहीं परिजनों के पूछने पर नाबालिग ने पूरी बात बताई. जिस पर परिजन तुरंत कोतवाली थाने पहुंचे और मामले की रिपोर्ट दी. जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी आसाराम को बड़ी राहत, अब सेंट्रल जेल में मिलेगा बाहर का खाना 

राहतभरी खबर! राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दावा, रूस ने बनाई कोरोना वायरस की  वैक्सीन

राहतभरी खबर! राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दावा, रूस ने बनाई कोरोना वायरस की  वैक्सीन

नई दिल्ली: देश और दुनिया में कोविड-19 कोहराम मचा रहा है. लगातार इसके मरीज बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच राहतभरी खबर रूस से सामने आई हैं. खबरों के मुताबिक रूस कोरोना की वैक्सीन विकसित करने वाला पहला देश बन गया है. यह दावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने किया. पुतिन ने मंगलवार सुबह ही इसको लेकर घोषणा की. रूस में पुतिन ने सरकारी मंत्रियों के साथ एक टीवी वीडियो कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान कहा कि आज सुबह दुनिया में पहली बार कोविड-19 के खिलाफ एक टीका पंजीकृत किया गया है. 

12 अगस्त को होगा कोविड-19 वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन:
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक कोविड-19 संकट के बीच पूरी दुनिया में वैक्सीन बनाने की कवायद जारी है, इस बीच रूस ने इसके तैयार होने कर दिया है. पहले से रूस का दावा है कि कोरोना वैक्सीन तैयार करने में वह दुनियाभर के देशों से आगे हैं. रूस के उप स्वास्थ्य मंत्री ओलेग ग्रिडनेव ने ऐलान किया था कि आज मंगलवार यानी 12 अगस्त को कोविड-19 वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन होगा. पुतिन ने दावा किया कि ये टीका आवश्यक परीक्षणों से गुजरा है. 

खींवसर में फिर 3 बच्चों की तालाब में डूबने पर मौत, एक वर्ष पहले भी हुआ था ऐसा ही हादसा 

पहली सफल कोरोना वायरस वैक्सीन:
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक व्लादिमीर पुतिन ने दावा किया कि ये दुनिया की पहली सफल कोरोना वायरस वैक्सीन है, जिसे रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है. इतना ही नहीं व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि उनकी बेटी ने भी इस वैक्सीन को लिया है.रूसी अधिकारियों ने कहा है कि चिकित्सा कर्मचारी, शिक्षक और अन्य जोखिम समूह को सबसे पहले टीका लगाए जाएंगे. अब अगर रूस की ओर से किया गया ऐलान सही साबित होता है और WHO की ओर से इस वैक्सीन को मंजूरी मिलती है, तो दुनियाभर के लिए ये एक बड़ी राहत साबित हो सकती है. 

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव, ट्वीट कर दी जानकारी, कहा जो लोग सम्पर्क में आये हैं टेस्ट करवाए

VIDEO: हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही - राजेंद्र राठौड़

जयपुर: राजस्थान में तेजी से बदल रहे सियासी राजनैतिक घटनाक्रम पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कुनबा बिखर गया आखिर आलाकमान को बीच में दखल देनी पड़ी. यह नाकामयाबी ही मानी जाएगी. वहीं राठौड़ ने वसुंधरा राजे पर बोलते हुए कहा कि गठबंधन धर्म की पालना करनी चाहिए. अनर्गल आरोप लगाना कदापि उचित नहीं है. जिन किसी ने भी उन पर आरोप लगाए हमने उनको समझाया. वसुंधरा राजे हमारी पूर्व मुख्यमंत्री है प्रदेश की नेता हैं और नेता रहेंगी.  

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे: 
अविश्वास प्रस्ताव और विश्वास प्रस्ताव जैसी बात पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि सरकार को बेनकाब करने के लिए कोशिश करेंगे. तरकस में एक भी तीर नहीं रखेंगे सभी तीर छोड़े जाएंगे. भारतीय जनता पार्टी मजबूत प्रतिपक्ष है इसलिए हमारे सामने कोई चुनौती नहीं है. 13 तारीख की विधायक दल की बैठक के बाद हमारी रणनीति फाइनल होगी. 

हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही: 
वहीं गहलोत सरकार पर तंज कसते हुए राठौड़ ने कहा कि हिली हुई डगमगाई सरकार अपने कदमों को साधने की कोशिश कर रही है. लेकिन भूचाल आया है वह अपने निशान छोड़ कर चला गया. उन्होंने कहा कि सत्र निश्चित तौर पर हंगामेदार और शानदार रहेगा. सरकार के नाकामी, टिड्डी का आक्रमण, कोरोना का कहर, सूखे की संभावना व जर्जर कानून व्यवस्था के मुद्दों पर विपक्ष का आक्रमण होगा. हम सदन से सड़क दक कुशासन से लड़ेंगे. 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित: 
राठौड़ ने कहा कि टेलीफोन टेप हुए पुलिस की एजेंसी विधायकों को ढूंढती रही लेकिन पपला गुर्जर को पुलिस ढूंढती तो अच्छा होता. वहीं पांच साल सरकार चलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किला अगर ढह जाता है और बाहर से बुर्ज की मरम्मत हो जाए तो यह नहीं माने की किला सुरक्षित है. ऐसे में यह तो समय की रफ्तार और समय की धार बताएगी. 

डूंगरपुर: पुलिस कांस्टेबल पर नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप

डूंगरपुर: पुलिस कांस्टेबल पर नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप

डूंगरपुर: जिले के रामसागड़ा थाना के एक पुलिस कांस्टेबल पर एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया है. वहीं मामले में आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है. मामले के अनुसार एक नाबालिग किशोरी के पिता ने एसपी को परिवाद सौंपकर आरोपी रामसागड़ा थाने के पुलिस कांस्टेबल कांतिलाल मीणा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. 

यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी आसाराम को बड़ी राहत, अब सेंट्रल जेल में मिलेगा बाहर का खाना 

पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने की बजाय उसे ही डरा-धमकाकर भगा दिया: 
ज्ञापन में पिता ने बताया उसकी नाबालिग पुत्री 16 साल की है. 29 जुलाई को वह ओर उसकी पत्नी गामड़ी अहाड़ा में सामान लेने के लिए गए थे, वापस लौटे तो पता लगा कि उसकी नाबालिग बेटी को आरोपी पुलिस कांस्टेबल कांतिलाल जबरन बाइक पर बैठाकर भगा ले गया है. इस पर वह रामसागड़ा थाने गया जहां घटना के बारे में सूचना दी तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कोई कार्रवाई नही की. इस पर वह लगातार 29, 30 जुलाई व 1 अगस्त को भी रामसागड़ा थाने पर गया लेकिन पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने की बजाय उसे ही डरा-धमकाकर भगा दिया. इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण परिजन 6 अगस्त को डूंगरपुर डीएसपी कार्यालय पंहुचे ओर कार्रवाई की मांग की. जिस पर डीएसपी ने मामले में रामसागड़ा थाने में केस दर्ज करवाया और उसी दिन पुलिस उसकी बेटी को भी ले आये, लेकिन उसे मिलने तक नही दिया.

VIDEO- मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात के बाद बोले विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, कहा... 

पुलिसकर्मियों के दबाव में सही मेडिकल रिपोर्ट नहीं बनाने के आरोप लगाए:
पिता ने मेडिकल जांच में भी पुलिसकर्मियों के दबाव में सही मेडिकल रिपोर्ट नहीं बनाने के आरोप लगाए है. पीड़िता के पिता ने उसकी बेटी को डरा धमकाकर बयान करवाने के आरोप लगाये है. साथ ही यह भी कहा कि आरोपी पुलिसकर्मी ने उसे 7 से 8 दिन साथ रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया. इस दौरान थाने पर बुलाकर समझौता करने के लिए भी दबाव बनाते रहे. पिता ने मामले में आरोपी पुलिसकर्मी के रामसागड़ा थाने में ही तैनात होने के कारण सही जांच नही होने और न्याय नही मिलने का संदेह जताते हुए अन्य पुलिस थाने के अधिकारी से जांच करवाने की मांग की है. साथ ही पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. 

यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी आसाराम को बड़ी राहत, अब सेंट्रल जेल में मिलेगा बाहर का खाना

यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी आसाराम को बड़ी राहत, अब सेंट्रल जेल में मिलेगा बाहर का खाना

जोधपुर: अपने ही आश्रम की नाबालिग छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम को बड़ी राहत मिली है. आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे आसाराम को अब सेंट्रल जेल में आश्रम का खाना उपलब्ध होगा. आसाराम की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में लगाई गई अर्जी को कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर स्वीकार कर लिया है. आसाराम मामले में चल रही सुनवाई के दौरान ही आसाराम की ओर से हाईकोर्ट में मेडिकल ग्राउंड के आधार पर आश्रम से खाना मुहैया कराने की अर्जी लगाई गई. इस अर्जी पर राजस्थान हाई कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता एवं जस्टिस सुश्री प्रभा शर्मा की खंडपीठ में सुनवाई हुई. 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटियां भी पैतृक संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार 

मेडिकल ग्राउंड को ध्यान में रखते हुए आसाराम की अर्जी को स्वीकार:  
आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जगमाल सिंह चौधरी एवं प्रदीप चौधरी ने पक्ष रखते हुए हाई कोर्ट खंडपीठ को अवगत कराया कि आसाराम काफी बुजुर्ग हैं और विभिन्न बीमारी से ग्रसित है, ऐसे में चिकित्सकों की ओर से डाइट मैन्यू के आधार पर खाना उपलब्ध कराया जाए ताकि उनका स्वास्थ्य बेहतर रहे. हाईकोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड को ध्यान में रखते हुए आसाराम की इस अर्जी को स्वीकार कर लिया है. अब आसाराम को सेंटर जेल में ही आश्रम का खाना उपलब्ध हो सकेगा. 

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

VIDEO- मुख्यमंत्री गहलोत से मुलाकात के बाद बोले विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, कहा...

जयपुर: राजस्थान में तेजी से सियासी घटनाक्रम में बदलाव हो रहे हैं. इसी बीच तीन निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला, सुरेश टांक व खुशबीर सिंह ने मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे कर सीएम गहलोत से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद फर्स्ट इंडिया से बात करते हुए निर्दलीय विधायक ओम प्रकाश हुड़ला ने कहा कि कुछ समय पहले हमारे खिलाफ SOG में एक मुकदमा दर्ज हुआ था सरकार ने वो वापस ले लिया. 

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

उन्होंने कहा कि उस मुकदमे को लेकर सरकार और हमारे बीच एक आपसी तनाव पैदा हुआ था. हमे खुशी है इस बात की कि सरकार ने वह मुकदमा वापस ले लिया. आज हमने जो भी गिले-शिकवे थे वो सौहार्दपूर्ण वातावरण में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दूर किए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य एक ही है कि हमारे क्षेत्र की जनता का विकास कैसे हो. सुनिए और क्या कुछ कहा...

 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटियां भी पैतृक संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बेटियां भी पैतृक संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए कहा है कि बेटियों को भी पिता या पैतृक संपत्ति में बराबर का अधिकार है. कोर्ट ने कहा कि संशोधित हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत यह बेटियों का अधिकार है और बेटी हमेशा बेटी रहती है. जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच के फैसले में साफ कहा गया है कि ये उत्तराधिकार कानून 2005 में संशोधन की व्याख्या है.

VIDEO: राजनीति में भाषा मर्यादित होनी चाहिए, मैंने कोई मांग आलाकमान के सामने नहीं रखी- सचिन पायलट  

पिता की संपत्ति में भाई के समान ही हिस्सा मिलेगा: 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंदू महिला को अपने पिता की संपत्ति में भाई के समान ही हिस्सा मिलेगा. कोर्ट ने अपनी अहम टिप्पणी में कहा कि बेटियां हमेशा बेटियां रहती हैं. बेटे तो बस विवाह तक ही बेटे रहते हैं. यानी 2005 में संशोधन किए जाने से पहले भी किसी पिता की मृत्यु हो गई हो तब भी बेटियों को पिता की संपत्ति में बेटे या बेटों के बराबर ही हिस्सा मिलेगा.

2005 में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1965 में संशोधन किया गया था:
बता दें कि 2005 में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम 1965 में संशोधन किया गया था. इस संशोधन के तहत पैतृक संपत्ति में बेटियों को बराबरी का हिस्सा देने का प्रावधान है. इसके अनुसार कानूनी वारिस होने के बाद पिता की संपत्ति पर बेटी का भी उतना ही अधिकार है जितना कि बेटे का. इसका विवाह से कोई लेना-देना नहीं है. 

बीजेपी ने पूरा जोर लगा लिया लेकिन एक आदमी टूट कर नहीं गया- मुख्यमंत्री गहलोत 

बेटियां पूरी जिंदगी माता-पिता को प्यार करने वाली होती हैं:
सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी में कहा कि बेटियां पूरी जिंदगी माता-पिता को प्यार करने वाली होती हैं. एक बेटी अपने जन्म से मृत्यु तक माता-पिता के लिए प्यारी बेटियां होती हैं. जबकि विवाह के बाद बेटों की नीयत और व्यवहार में बदलाव आता है लेकिन बेटियों की नीयत में नहीं. विवाह के बाद बेटियों का प्यार माता-पिता के लिए और बढ़ता ही जाता है. इस मामले में इस नजरिए से सुप्रीम कोर्ट का फैसला अहम है कि जब पूरी दुनिया में लड़कियां लड़कों के बराबर अपनी हिस्सेदारी साबित कर रही हैं, ऐसे में सिर्फ संपत्ति के मामले में उनके साथ यह मनमानी और अन्याय ना हो.


 

Open Covid-19