अजमेर जिले की आठों विधानसभा सीटों पर मुकाबला होगा बड़ा ही रोचक

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/03 09:51

अजमेर। राजस्थान में जिस तरीके से दोनों ही पार्टियों ने अजमेर जिले की आठों विधानसभा सीटों पर फोकस किया है, हर किसी की नजरें इस जिले की सीटों पर टिक गई है। इसकी बड़ी वजह ये है कि 2013 में बीजेपी ने सभी सीटों को पर कब्जा किया था तो वहीं लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस जिले के सियासी समीकरण क्या कहते हैं, खास रिपोर्ट-

राजस्थान में वैसे तो टोंक, झालरापाटन और सरदारपुरा पर नजर टिकी हैं। लेकिन इसके साथ ही जोधपुर जिला, शिव विधानसभा और अजमेर पर भी सभी की नजरें टिकी है। आज हम आपको बताने वाले हैं कि अजमेर की आठों विधानसभा सीटों के सियासी समीकरण क्या हैं। सबसे पहले बात अजमेर उत्तर की करते हैं-

विधानसभा सीट - अजमेर उत्तर 
अजमेर उत्तर सीट पर कुल 12 प्रत्याशी मैदान में हैं
7 सियासी दल के प्रत्याशी और 5 निर्दलीय प्रत्याशी हैं 

भाजपा से वासुदेव देवनानी (मौजूदा विधायक) का सीधा सामना कांग्रेस के महेंद्र सिंह रलावता से है। तीन बार विधायक और दो बार मंत्री रह चुके देवनानी का राजनीतिक कद रलावता से काफी बड़ा है। लेकिन लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस को क्षेत्र से मिली 7 हज़ार वोटों की बढ़त से सत्ता विरोधी लहर नज़र आई थी, जिसे कांग्रेस के पक्ष में देखा जा सकता है। लेकिन बीते 10 महीनों में बहुत कुछ बदल गया है। मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। 

विधानसभा सीट - अजमेर दक्षिण 
अजमेर दक्षित में कुल 11 प्रत्याशी मैदान में हैं 
10 प्रत्याशी सियासी दल से और 1 निर्दलीय प्रत्याशी है 

भाजपा से अनिता भदेल (मौजूद विधायक) का सीधा सामना कांग्रेस के हेमंत भाटी से है। 2013 के चुनाव में अनिता भदेल ने हेमंत भाटी को 23000 वोटों से हराया था मगर लोक सभा उपचुनाव में भाजपा इसी क्षेत्र से 13,000 वोटों से पिछड़ गई थी दोनों प्रत्याशी फिर एक दूसरे के सामने है। मुकाबला बड़ा ही रोचक नजर आ रहा है।

विधानसभा सीट - नसीराबाद 
नसीराबाद में कुल 13 प्रत्याशी मैदान में है 
5 प्रत्याशी सियासी दल से और 8 निर्दलीय मैदान में है 
जाट और गुर्जर वोटों की संख्या 30-35 हजार है 

नसीराबाद में सीधा मुकाबला कांग्रेसी के रामनारायण गुर्जर और लोकसभा चुनाव में रघु शर्मा से पराजित भाजपा के रामस्वरूप लांबा के बीच है। नसीराबाद क्षेत्र में जाट और गुर्जर दोनों ही जातियों के लोग करीब 30 से 35 हजार के बीच है। यहां अब तक हुए चुनावों के नतीजे में भी अक्सर हार जीत का अंतर 1000-500 वोट से ज्यादा का नहीं रहा है। इस बार फिर से मुकाबला राम नारायण गुर्जर और सांवरलाल जाट की राजनीति धरोहर के उत्तराधिकारी लांबा के बीच है।  

विधानसभा सीट - ब्यावर 
ब्यावर में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में है 
7 प्रत्याशी सियासी दल से और 5 निर्दलीय मैदान में है 
ब्यावर में रावत वोटर्स की संख्या लगभग 80 हजार है 

भाजपा के शंकर सिंह रावत और कांग्रेस के पारस पंच जैन आमने सामने चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस की ओर से सर्वोत्तम नए प्रत्याशी पारस पंच जैन भाजपा के मौजूदा विधायक शंकर सिंह रावत को टक्कर दे रहे हैं। अकेले ब्यावर विधानसभा क्षेत्र में 80 हजार के लगभग रावत वोटर हैं। मगर खुद रावतों के इलाके में शंकर सिंह रावत को 'नाको चने चबाने' पड़ रहे हैं। 

विधानसभा सीट - केकड़ी 
केकड़ी में कुल 10 प्रत्याशी चुनावी  मैदान में है 
6 प्रत्याशी सियासी दल के और 4 निर्दलीय मैदान में है 

भाजपा के नए उम्मीदवार राजेंद्र कुमार और कांग्रेस के रघु शर्मा के बीच में कड़ा मुकाबला है। जिले भर में कांग्रेस यदि कहीं सर्वाधिक आश्वस्त है तो यह केकड़ी है। लोकसभा उपचुनाव में रघु शर्मा ने भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप लांबा को 34790 मतों से हराया था। शर्मा के मुकाबले राजेंद्र का कद राजनीति में कम है, लेकिन ये सियासत है, कुछ भी मुमकिन है।  

विधानसभा सीट - पुष्कर 
पुष्कर में 11 प्रत्याशी सियासी मैदान में है 
इनमें से 7 प्रत्याशी सियासी दल से और 4 निर्दलीय हैं 

भाजपा के सुरेश सिंह रावत, कांग्रेस से नसीम अख्तर इंसाफ और निर्दलीय उमीदवार हनुमान, नफीस भी डटे हुए है। 2013 के चुनाव में सुरेश रावत 41,290 वोटों से जीते थे। मगर 11 महीने पहले हुए लोकसभा उपचुनाव में भाजपा इस क्षेत्र से 9412 वोटों से पिछड़ गई थी। वही नसीम को सहाबुद्दीन और पप्पू कुरैशी जैसे बादलों से खतरा बना हुआ है।

विधानसभा सीट - मसूदा 
मसूदा में कुल 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है 
इनमें से 6 प्रत्याशी सियासी दल से और 3 निर्दलीय है 

भाजपा सुशील कंवर पलाड़ा और कांग्रेस से राकेश पारीक मैदान में है। वहीं कांग्रेस से बागी कयूम खान ने भाजपा की सुशील कंवर पलाड़ा और कांग्रेस के राकेश पारीक के बीच सीधे होने जा रहे मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा मसूदा क्षेत्र से 6293 मतों से पिछड़ी थी। 

विधानसभा सीट - किशनगढ़ 
किशनगढ़ में कुल 16 उम्मीदवार चुनावी मैदान में है 
इनमें से 8 सियासी दल से और 8 ही निर्दलीय मैदान में है 

भाजपा से विकास चौधरी और कांग्रेस से नंदाराम थाकण और निर्दलीय के रूप में नाथूराम सिनोदिया और सुरेश टांक मैदान में है। अजमेर की सभी सीटों में किशनगढ़ का मुकाबला सर्वाधिक दिलचस्प दिखाई दे रहा है। यहां कांग्रेस और भाजपा दोनों के बागियों नाथूराम सिनोदिया व सुरेश ताक में चुनाव को चतुष्कोण बना दिया है। 

इस दौरान खास बात ये है कि लोकसभा उपचुनाव में भाजपा का जाट प्रत्याशी पराजित हुआ था। जबकि अकेले किशनगढ़ क्षेत्र में करीब 60 हज़ार जाट मतदाता है। मौजूदा चुनाव में चारों मजबूत उम्मीदवारों में से तीन उम्मीदवार विकास चौधरी ,नंदाराम थाकण और कांग्रेस के बागी नाथूराम सिनोदिया जाट है।अजमेर की आठों सीट पर मुकाबला बड़ा ही रोचक नजर आ रहा है। जहाँ भाजपा अजमेर में अपनी आठों सीट बचाने में लगी है तो वहीं कांग्रेस वापिस सत्ता में आने के लिए प्रयास कर रही है। हालांकि इसका खुलासा तो 11 दिसम्बर को मतगणना के बाद ही हो सकता है। 

...अजमेर संवाददाता शुभम जैन की रिपोर्ट।

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