कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड किए धराशायी, देश में पहली बार एक दिन में मिले 1 लाख 15 हजार से ज्यादा नए केस

कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड किए धराशायी, देश में पहली बार एक दिन में मिले 1 लाख 15 हजार से ज्यादा नए केस

कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड किए धराशायी, देश में पहली बार एक दिन में मिले 1 लाख 15 हजार से ज्यादा नए केस

नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर ने सारे रिकॉर्ड धराशायी कर दिए हैं. देशभर में कोरोना वायरस बेहद खतरनाक रफ्तार पर है. पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 1,15,700 नए केस सामने आए हैं और 630 लोगों की मौत हो गई. ऐसे में अब कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 1,28,01,749 हो गई जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 1,66,177 हो गई है. 

वहीं देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या 8,43,473 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1,17,92,135 है. इसके साथ ही अब तक कुल 8,70,77,474 लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई है. महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक प्रतिदिन मिलने वाले नए संक्रमितों की यह सर्वोच्च संख्या है. रविवार के बाद यह दूसरी बार है, जब एक दिन में एक लाख से अधिक नए मामले मिले हैं.

भारत अब एक्टिव केस के मामले में चौथा सबसे बड़ा देश:
इससे पहले बीते रविवार को 24 घंटे में संक्रमण के 1,03,558 नए मामले सामने आए थे. यह भारत में कोरोना की अब तक की सबसे बड़ी दैनिक उछाल है. भारत अब एक्टिव केस के मामले में चौथा सबसे बड़ा देश बन गया है. देश में कोरोना के आंकड़े लगातार सावधान रहने की ओर इशारा कर रहे हैं.  

सबसे चिंताजनक हालत महाराष्ट्र और मुंबई की:
सबसे चिंताजनक हालत महाराष्ट्र और मुंबई की है- महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में 55,000 नए मामले सामने आए हैं.  वहीं, मुंबई में 24 घंटे में नए केस का आंकड़ा 10 हजार के पार जा पहुंचा है तो दिल्ली में ये आंकड़ा 5 हजार पार चला गया है. कोरोना वायरस के नए मरीज और संक्रमण से होने वाली मौतों के इस आंकड़ों ने लोगों में दहशत पैदा कर दी है. 

अशोक गहलोत ने पीएम मोदी को लिखा पत्र:
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए देश में एकीकृत एवं समग्र प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखा है. साथ ही उन्होंने कहा है कि केन्द्र की अलग-अलग रणनीति के कारण ही राज्यों में समन्वय की कमी आ रही है. जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखा है. उन्होंने पीएम मोदी से अपील का है कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के लिए एकीकृत एसओपी निर्धारित करें. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि यात्रा के लिए कोविड टेस्ट की अनिवार्यता, लॉक डाउन, रात्रि कर्फ्यू, शिक्षण संस्थाओं के संचालन आदि विषयों को लेकर राज्यों में समन्वय की कमी दिख रही है. जिससे आमजन में भ्रम एवं भय की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के टीकाकरण का सुझावः
गहलोत ने पत्र में कहा है कि बीते एक माह में महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान सहित देश के लगभग सभी राज्यों में कोविड-19 रोगियों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई. जिससे रोगियों की संख्या पुनः सितम्बर 2020 की स्थिति में पहुंच चुकी है. उन्होंने कोविड नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाए जाने की आवश्यकता जताई है.  वहीं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पीएम मोदी से 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी व्यक्तियों का वैक्सीन लगाना शुरू करने की अपील की है, उल्लेखनीय है कि अभी 45 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों का ही कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है.

राजस्थान सरकार सभी संभव प्रयासों में जुटीः
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उठ़ाए गए कदमों के कारण राजस्थान कोविड नियंत्रण तथा टीकाकरण में देश के अग्रणी राज्यों में है. कोविड संक्रमण से मानव जीवन की रक्षा के लिए राजस्थान की तरह ही अन्य राज्य भी अपने स्तर पर सभी संभव प्रयासों में जुटे हैं और टीकाकरण सहित सभी संभव प्रयास अपने-अपने तरीके और मानक संचालन प्रक्रिया से कर रहे हैं.


 

और पढ़ें