रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V फिर आई सवालों के घेरे में, हर 7 में से एक शख्स में दिखे साइड इफेक्ट

रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V फिर आई सवालों के घेरे में, हर 7 में से एक शख्स में दिखे साइड इफेक्ट

रूस की कोरोना वैक्सीन Sputnik V फिर आई सवालों के घेरे में, हर 7 में से एक शख्स में दिखे साइड इफेक्ट

नई दिल्ली: कोरोना वायरस के खिलाफ पूरी दुनिया अभी जंग लड़ रही है. सभी देश कोरोना वैक्सीन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इस दौर में रूस सबसे आगे है और उसकी कोरोना वैक्सीन Sputnik V पर सबकी नजरें टिकी हैं, लेकिन इसके ट्रायल पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं. दरअसल, इस वैक्सीन को जिन लोगों को लगाया जा रहा है, उनमें से सात में से एक स्वयंसेवक पर इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं. इस बारे में रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने जानकारी दी है. 

300 से अधिक को अब तक स्पुतनिक वी वैक्सीन लगाई गई:
राज्य द्वारा संचालित ताश समाचार एजेंसी के मुताबिक, मुराशको ने कहा कि 40,000 घोषित स्वयंसेवकों में से 300 से अधिक को अब तक स्पुतनिक वी वैक्सीन लगाई गई है. ताश ने मुराशको के हवाले से लिखा, लगभग 14 फीसदी स्वयंसेवकों ने 24 घंटे कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द और शरीर के तापमान में कभी-कभी वृद्धि की शिकायतें कीं. हालांकि इन लक्षणों को हल्का बताते हुए उन्होंने कहा कि ये अगले ही दिन गायब भी हो गए.

Sputnik V वैक्सीन को लेकर मिल रहीं ये शिकायतें अनुमानित: 
टीएएसएस के अनुसार, Sputnik V वैक्सीन को लेकर मिल रहीं ये शिकायतें अनुमानित हैं और इसे पहले ही बता दिया गया था. उम्मीद की जा रही है कि वॉलंटियर्स को पहले डोज के 21 दिन के भीतर ही दूसरी खुराक भी दी जाएगी.

Sputnik V के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा:  
बता दें कि अभी Sputnik V के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है और भारत में भी इसके ट्रायल और वितरण के लिए डॉ. रेड्डी लेबोरेटरिज से समझौता हुआ है और इसी महीने की शुरुआत में मास्को में इस वैक्सीन के फाइनल स्टेज का क्लिनिकलल ट्रायल शुरू होना है.

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