VIDEO: खौफ के साये में जी रहे भ्रष्टाचारी ! 90 दिन में 70 से ज्यादा ट्रैप की कार्रवाई

Navin Sharma Published Date 2019/04/03 10:40

जयपुर। प्रदेश में अब भ्रष्टाचारी इन दिनों संकट में हैं। यहां भ्रष्टाचारी खौफ में हैं और उनको दिन-रात एक ही चिंता सता रही हैं कि कहीं ACB आ गई तो क्या होगा ? भ्रष्टाचारियों में ये खौफ राजस्थानवासियों को आजकल सुकून दे रहा है, क्योंकि राज्य का भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो यानि एसीबी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। हम बात कर रहे हैं एसीबी के डीजी आलोक त्रिपाठी, एडीजी सौरभ श्रीवास्तव, आईजी दिनेश एमएन की, इनके सुपरविजन में करीब 90 दिन में ही 70 से अधिक ट्रेप किये है। एसीबी लगातार भ्रस्टाचारियों को पकड़ ती जा रही है। 

भ्रष्टाचार समाज की जडें खोखला करता है और भ्रष्टाचारी आमजन के हक पर डाका डालते हैं, लेकिन अब प्रदेश में भ्रष्टाचारी खौफ में हैं और उनके दिन-रात इसी चिंता में गुजर रहे हैं कि कहीं ACB आ गई तो क्या होगा ? भ्रष्टाचारियों में ये खौफ राजस्थानवासियों को आजकल सुकून दे रहा है क्योंकि राज्य का भ्रष्टाचार नियंत्रण ब्यूरो यानि एसीबी ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहा है। राजस्थान में इन दिनों एसीबी लगातार बड़े-बड़े रिश्वतखोरों का भांडा फोड़ने में लगी है।

कोटा में घूसखोर सहीराम मीणा का मामला हो या जयपुर में एसीपी आस मोहम्मद प्रकरण या फिर सीबीआई के घूसखोर इंस्पेक्टर प्रकाश चंद का मामला हो या भंडारी हॉस्पिटल के चेयरमैन को पकड़ने का मामला। भ्रष्टाचारियों में भगदड़ मची है। अभी हाल ही में एसीबी ने सीबीआई इंस्पेक्टर प्रकाश चंद के दलाल को 75 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथो गिरफ्तार किया है। अब एसीबी प्राइवेट सेक्टर में भी घूसखोरों पर नकेल कस रही है। हालांकि भ्रष्टाचार रोकने के लिए बहुत दावे किए जाते हैं लेकिन ये दावे जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण हवाहवाई ही नजर आते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से राजस्थान में तस्वीर जुदा है। यहां भ्रष्टाचारी खौफ में हैं और उनके दिन-रात इसी चिंता में गुजर रहे हैं कि कहीं ACB आ गई तो क्या होगा ?

एसीबी अफसर फिर फॉर्म में लौट आये है। अफसर एक के बाद एक ट्रैप की कार्रवाई करके घूसखोर अफसर-कर्मचारियों को सलाखों के पीछे भेज रहे है। विधानसभा चुनावों के बाद एसीबी के अफसरों ने एक के बाद एक करके 70 से अधिक ट्रेप की कार्रवाई करके दलालों व अफसर-कर्मचारियों को 100 रुपए से लेकर 75 लाख रुपए तक की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस साल अब तक 92 जनों को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। यह कार्रवाई पिछले 90 दिन में एसीबी की टीम ने की है। जितने ट्रैप तीन माह में हुए उतने दो साल में भी नहीं हुए। डीजी आलोक त्रिपाठी ने ट्रेप की कार्रवाईयों के लिए कई अफसरों की टीमे बनाई है। एसीबी ने आईआरएस सहीराम को गिरफ्तार किया था। कार्रवाईयों में एसीबी को सबसे ज्यादा आय से अधिक संपत्ति होने के दस्तावेज मिले है।

एसीबी के खौफ के चलते कौन कौन फरार 
- झोटवाड़ा घूसकांड का मास्टर माइंड एसीपी आस मोहम्मद 
- झोडवाड़ा थाना प्रभारी प्रदीप चारण,एसआई रामलाल 
- सीबीआई का घूसखोर इंस्पेक्टर प्रकाश चंद

अब एसीबी में नए अधिकारियों को लगा दिया गया है। जिससे अब एसीबी और भी मजबूत हो गई हैं। हालांकि अभी भी एसीबी में नफरी की कमी चल रही है, लेकिन नफरी की कमी के बावजूद भी एसीबी लगातार घूसखोरों को पकड़ रही है। लगातार एसीबी की कार्रवाइयों के चलते अब एसीबी में लागातर परिवादियों की संख्या भी बढ़ रही है, सूत्रों की माने तो जितने परिवादी पूरे एक साल में एसीबी पहुंचते थे,,,उससे अधिक परिवादी तीन माह में ही एसीबी मुख्यालय में पहुंचे है। एसीबी अधिकारियों की सही योजना, सही समय का इंतजार और सही रणनीति के चलते ही इन्हें किसी सहीराम, आस मोहम्मद और प्रकाश चंद तक पहुंचा देती है। 

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