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ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा योजना स्वैच्छिक

ऋणी किसानों के लिए फसल बीमा योजना स्वैच्छिक

जयपुर: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ-2020 में ऋणी काश्तकारों के लिए भी स्वैच्छिक रहेगी. फसल बीमा से अलग रहने के इच्छुक ऋणी किसान को आगामी 8 जुलाई तक संबंधित बैंक शाखा में आवेदन करना होगा. कृषि मंत्री लालचंद कटारिया ने बताया कि फसल बीमा योजना में खरीफ-2020 से केन्द्र सरकार की ओर से कई बदलाव किए गए हैं. 

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किसानों के लिए फसल बीमा स्वैच्छिक किया गया: 
इसके तहत वित्तीय संस्थान से फसली ऋण लेने वाले किसानों के लिए फसल बीमा स्वैच्छिक किया गया है. फसली ऋण लेने वाले किसानों को 8 जुलाई तक संबंधित बैंक में जाकर फसल बीमा से पृथक रखने के लिए निर्धारित प्रपत्र में लिखित में आवेदन करना होगा. आवेदन पत्र बैंक शाखाओं में उपलब्ध है. कटारिया ने बताया कि केन्द्र सरकार ने किसानों के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जुलाई निर्धारित की है. 

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राजस्थान के पूर्व वित्त मंत्री सुराणा का निधन, सीएम गहलोत ने जताया शोक

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बीकानेर: राजस्थान के पूर्व वित्त मंत्री माणिक चंद सुराणा का बुधवार सुबह जयपुर में निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे. उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को बीकानेर में होगा. सुराणा के दो बेटे ओर एक बेटी हैं. उनके पुत्र जितेंद्र सुराणा ने बताया कि वह कुछ समय से बीमार चल रहे थे और बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली.

सुराणा ने डूंगर कॉलेज के अध्यक्ष पद पर चुनाव जीतकर अपने राजनीति जीवन की शुरुआत की थी. वह राजस्थान के वित्त मंत्री और वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे. . और पांच बार विधायक भी. 

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सुराणा ने इसके बाद मूल जनता दल को छोड़ते हुए जनता दल प्रगतिशील का गठन किया. बाद में इस पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया गया. उन्होंने बताया कि 1977 से 1980 तक भैरोंसिंह शेखावत के मुख्यमंत्री काल में सुराणा राजस्थान के वित्त मंत्री रहे थे.राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित कई नेताओं ने सुराणा के निधन पर शोक जताते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

COVID-19: सिंगापुर के मंत्री चान चुन सिंग ने कहा, दुनिया से खुद को काटे रखना कोई विकल्प नहीं

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सिंगापुर: सिंगापुर के व्यापार और उद्योग मंत्री चान चुन सिंग ने बुधवार को कहा कि देश को दुनिया से अलग-थलग रखना कोई विकल्प नहीं है और इसलिये जोखिम का प्रबंधन कैसे करना है यह सीखना ज्यादा उत्पादक रुख हो सकता है.ट्रैवल रीवाइव व्यापार शो के दौरान अपने संबोधन में चान ने कहा कि देश को फिर से खोलने के सभी जोखिमों को खत्म करने की उम्मीद व्यावहारिक नहीं है. मंत्री ने कहा कि दुनिया से खुद को अलग-थलग कर लेना विकल्प नहीं है. सिंगापुर हमारे पर्यटन क्षेत्र को बड़ी स्थानीय आबादी या घरेलू यात्रा से बरकरार रखने में सक्षम नहीं है.

अगला संकट कौन सा आ सकता है या अगला कौन सा विषाणु है:
चैनल न्यूज एशिया ने मंत्री को उद्धृत करते हुए कहा कि ऐसे में जोखिम का प्रबंधन कैसे करना है यह सीखना ज्यादा व्यवहारिक तरीका है और यह हमें अच्छी स्थिति में रखेगा क्योंकि हम नहीं जानते कि हमारे सामने अगला संकट कौन सा आ सकता है या अगला कौन सा विषाणु है जो हवाई यात्रा को बाधित कर सकता है.

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हम वैक्सीन के पहुंचने का नहीं कर रहे हैं इंतजार:
चान ने कहा कि सिंगापुर जैसे देश जिनका बड़ा घरेलू बाजार नहीं है उन देशों को कोविड-19 ने खासतौर पर बुरी तरह प्रभावित किया. लेकिन इस आपदा ने सिंगापुर जैसे देशों को खुद को उभारने के काम को गति देने का भी काम किया. उन्होंने कहा कि हम वैक्सीन के पहुंचने का इंतजार नहीं कर रहे हैं. न ही हम कोविड-19 महामारी के खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं. इसके बजाए, हम अब नींव स्थापित कर रहे हैं और पुनर्निर्माण और उद्योग को सुदृढ़ करने के लिये कदम उठा रहे हैं.(भाषा)
 

धौलपुर: दहेज लोभियों ने विवाहिता को उतारा मौत के घाट, गुपचुप तरीके से शव का किया अंतिम संस्कार

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सैंपऊ (धौलपुर): सैंपऊ क्षेत्र के लंगोट पुरा गांव में दहेज लोभियो ने एक विवाहिता को मौत के घाट उतार दिया. महिला की मौत के बाद आरोपियों के द्वारा सबूत को नष्ट करने के लिए गुपचुप तरीके से दाह संस्कार भी कर दिया. घटना की सूचना पाकर पीहर पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे जहां उनकी बेटी का सब चिता में जलता हुआ मिला. घटना से आक्रोशित लोगों ने जलती चिता में से शव को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी तभी पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार और थाना अधिकारी  भंवर सिंह व एएसआई विजेंद्र शर्मा ने मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लिया.

विवाहिता की एक वर्ष पूर्व हुई थी शादी:
घटना को लेकर मृतका के पिता की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार की ओर से मौके पर ही चिकित्सकों की टीम बुलाकर पोस्टमार्टम करा कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार विवाहिता भूरो देवी पत्नी शिवराम निवासी लंगोट पुरा की मौत हुई है. विवाहिता की करीब 1 वर्ष पूर्व ही शादी हुई थी. मृतका के पिता महेंद्र सिंह निवासी तिलोदा सराय छोला ने पुलिस में दी गई तहरीर में बताया है कि उसने अपनी बेटी भूरो की अपनी हैसियत के मुताबिक दहेज देकर हिंदू रीति रिवाज से शादी की थी.

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विवाहिता के पिता ने लगाया आरोप: 
पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराली जन दहेज से संतुष्ट नहीं थे. जिसको लेकर वह उनकी बेटी को आए दिन दहेज की खातिर प्रताड़ित करते थे आखिरकार उन्होंने आज उस को मौत के घाट उतार दिया. घटना को लेकर पुलिस उपाधीक्षक विजय कुमार ने बताया कि मृतका का पति शिवराम जेल प्रहरी के पद पर वारा जिले में कार्यरत है. घटना के दौरान वह गांव में ही था.आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है तथा अनुसंधान करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है. जिस घर में महिला की मौत हुई है उस घर में आज शादी थी. महिला की मौत के बाद शादी वाले घर में खुशियां मातम में बदल गई है. आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए हैं जिससे शादी वाले घर में सन्नाटा पसरा हुआ है. 

डिजिटल बाल मेला में कोरोना क्विज़, कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती ने दिया जवाब 

डिजिटल बाल मेला में कोरोना क्विज़, कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती ने दिया जवाब 

जयपुर: डिजिटल बाल मेला में शामिल होने वाले बच्चों के लिए हर दिन ऑनलाइन एक्टिविटी आयोजित की जा रही है. बाल मेला की टीम ने मंगलवार को ऑनलाइन डिबेट की थी तो आज कोरोना क्विज़ आयोजित हो रही है. कोरोना से जुड़े बच्चों के सवालों का डॉक्टर सुदीप्तो चक्रवर्ती ने जबाव दिया.

कोरोना की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. इसलिए डिजिटल बाल मेला  उन्हें घर बैठे ही अपनी प्रतिभा सामने लाने का मौका दे रहा है. साथ ही हर दिन अलग अलग तरह की ऑनलाइन एक्टिविटी में शामिल होने का अवसर भी. 

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जयपुर के डॉ. सुदीप्तो चक्रवर्ती आज बच्चों के सवाल के ऑनलाइन जवाब दे रहे हैं. गौरतलब है कि डिजिटल बाल मेला में होने वाले हर आयोजन को बच्चे ही संभालते हैं. आज की क्विज़ को अजमेर से गौरी खंडेलवाल मोडरेट करेंगी.

गुजरात के पीरामन गांव में किए जाएंगे अहमद पटेल सुपुर्द ए खाक, निधन की खबर से पूरा गांव दुखी

गुजरात के पीरामन गांव में किए जाएंगे अहमद पटेल सुपुर्द ए खाक, निधन की खबर से पूरा गांव दुखी

भरूच: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल गुजरात के भरूच जिले में उनके पैतृक गांव पीरामन में सुपुर्द ए खाक किए जाएंगे. यह जानकारी उनके एक सहयोगी ने दी. पटेल के निधन की खबर मिलने के बाद पीरामन गांव के निवासियों ने स्थान के विकास में उनके योगदान को याद किया और कुछ ने कहा कि वह उनके लिए पिता तुल्य थे. यह गांव अंकलेश्वर तालुका में पड़ता है.

कांग्रेस के वर्षों तक रणनीतिकार रहे पटेल:
कांग्रेस के स्थानीय नेता और पटेल के निकट सहयोगी नाजुभाई फदवाला ने कहा कि पटेल ने इच्छा जताई थी कि उनका अंतिम संस्कार भरूच के पीरामन गांव में उनके माता-पिता की कब्र के पास ही किया जाए. कांग्रेस के वर्षों तक रणनीतिकार रहे पटेल (71) का बुधवार को निधन हो गया. वह कुछ हफ्ते पहले कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे और उपचार के दौरान उनके कई अंगों ने काम करना बंद दिया था.

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अहमद पटेल की थी ये अंतिम इच्छा:
फदवाला ने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को शाम तक गांव में लाया जाएगा और  बृहस्पतिवार को सुपुर्द ए खाक होने की संभावना है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के मुताबिक सुपुर्द ए खाक किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि अहमद भाई की अंतिम इच्छा थी कि पीरामन में उनके माता-पिता की कब्र के पास उन्हें सुपुर्द ए खाक किया जाए. वह अपने गांव से बहुत जुड़े हुए थे और अकसर यहां आते थे.

निधन की खबर से पूरा गांव दुखी:
उन्होंने कहा कि वह अपने माता-पिता के बेहद करीब थे, खासकर अपनी मां से और जब भी पीरामन आते थे तो काफी समय तक मां की कब्र के पास बैठे रहते थे. उन्होंने कहा कि उचित सामाजिक दूरी के साथ अंतिम नमाज के लिए मैदान तैयार किया जा रहा है.स्थानीय निवासी सुलेमान पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेता के निधन की खबर से पूरा गांव दुखी है. उन्होंने कहा कि वह मेरे पिता की तरह थे। पूरा गांव दुखी है. एक अन्य ग्रामीण गणेशभाई ने कहा कि अहमद पटेल के निधन की खबर सुनकर वह दुखी हैं.

लिफ्ट में फंसे 3 लोगों को दमकल कर्मियों ने निकाला बाहर, कोई जनहानि नहीं

लिफ्ट में फंसे 3 लोगों को दमकल कर्मियों ने निकाला बाहर, कोई जनहानि नहीं

पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया है. खबर है की पालघर जिले के वसई शहर में छह मंजिला इमारत में एक लिफ्ट में तीन लोग फंस गये थे जिसके बाद दमकल कर्मियों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया है. इस घटना की जानकारी दमकर विभाग के एक अधिकारी ने दी है. 

दमकल विभाग के सूत्रों ने बताया कि पपड़ी इलाके में मंगलवार की दोपहर एक इमारत की लिफ्ट खराब हो गई थी और पहली व दूसरी मंजिल के बीच फंस गई थी. उस वक्त लिफ्ट में तीन लोग मौजूद थे जिनकी सांस अटक के रह गई थी . बताया जा रहा है  कि  यह स्थिति करीब एक घंटे तक रही थी. 

अधिकारी ने जानकारी देते हुए  बताया  है कि लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति ने दमकल कर्मियों को बुलाया था. इसके बाद दमकल विभाग के कर्मी शीघ्र ही वहां पहुंचे और अंदर फंसे तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिय़ा था. जिससे बड़ा हादसे होते-होते रह गया है. (सोर्स-भाषा)

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वनडे से पहले अलग-अलग शिविर में ट्रेनिंग पर वेड ने कहा-हमारी ओर से कोई बहाना नहीं होगा

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सिडनी: भारत के खिलाफ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला से पहले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को अलग-अलग समूह में ट्रेनिंग को बाध्य होना पड़ा है लेकिन विकेटकीपर बल्लेबाज मैथ्यू वेड ने कहा कि टीम ‘कोई बहाना नहीं बनाएगी’ क्योंकि खिलाड़ी इतने अनुभवी हैं कि इस तरह की स्थिति से निपट सकें.

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ऑस्ट्रेलिया की सीमित ओवरों की टीम इस समय दो स्थानों पर ट्रेनिंग पर रही है. एक समूह मुख्य कोच जस्टिन लैंगर के मार्गदर्शन में सिडनी क्रिकेट मैदान पर ट्रेनिंग कर रहा है. यूएई में हाल में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग में खेलने वाले स्टीव स्मिथ, डेविड वार्नर और पैट कमिंस जैसे खिलाड़ी 14 दिन के अनिवार्य पृथकवास से गुजर रहे हैं और सहायक कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं.

वेड ने ‘क्रिकेट.कॉम.एयू’ से कहा कि हमने कुछ हद तक इस तरह की स्थिति का सामना पहले भी किया है लेकिन मौजूदा स्थिति पहले की स्थिति से बिलकुल अलग है. यह टीम लंबे समय से साथ है, विशेषकर अंतिम एकादश, इसलिए हम शुक्रवार सुबह उतरेंगे और सभी को अपनी भूमिका पता है. हमारी ओर से कोई बहाना नहीं है. दोनों समूह गुरुवार को एक साथ आएंगे और पहला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय शुक्रवार को खेला जाएगा और ऐसे में खिलाड़ियों के पास एक समूह के रूप में अभ्यास करने का समय नहीं होगा. दूसरी तरफ भारतीय टीम भी यूएई से आने के बाद पृथकवास से गुजर रही है और सीमित ओवरों की टीम के अलावा टेस्ट टीम भी एक समूह के रूप में ट्रेनिंग कर रही है.

वेड ने कहा कि भारत भी पृथकवास में है लेकिन उन्हें एक साथ ट्रेनिंग करने का मौका मिल रहा है जो हमारी स्थिति से थोड़ा अलग है. कप्तान आरोन फिंच, डेविड वार्नर, स्टीव स्मिथ की मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया का एकदिवसीय शीर्ष क्रम काफी मजबूत है जिसमें एलेक्स कैरी विकेटकीपर की जिम्मेदारी निभाएंगे और ऐसे में अक्टूबर 2017 में अपना पिछला एकदिवसीय खेलने वाले वेड की नजरें चार दिसंबर से शुरू होने वाली टी20 श्रृंखला पर टिकी है.
सोर्स भाषा

TDB की बड़ी घोषणा सबरीमला तीर्थयात्रियों को बोतलों में मिलेगा औषधीय पेयजल

TDB की बड़ी घोषणा सबरीमला तीर्थयात्रियों को बोतलों में मिलेगा औषधीय पेयजल

सबरीमलाः हाल ही में केरल के सबरीमला से एक बड़ी खबर आ रही है. बताया जा रहा है कि भगवान अय्यप्पा के मंदिर में आने वाले  श्रद्धालुओं को पीने के लिए जल बोतलों में दिया जाएगा. ऐसा कहा गया है कि अयप्पा मंदिर में चढा़ई के दौरान श्रद्धालुओं में वितरित किए जाने वाले औषधीय जल को अब सील पैक बोतलों में वितरित किया जाएगा. ये कदम कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसे काफी सराहा गया है. 

वायरस के मद्देनजर पहाड़ी मंदिर का प्रबंधन करने वाले त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (टीडीबी) ने विशेष रूप से तैयार पेयजल को अलग स्टील की बोतलों में वितरित करने की नई व्यवस्था शुरू की है, ताकि बीमारी फैलने का खतरा न हो. टीडीबी के अधिकारियों के मुताबिक, तीर्थयात्री स्टील की बोतल प्राप्त करने के लिए 200 रुपये जमा कर सकते हैं और आधार शिविर पम्बा के अंजनिया सभागार से औषधीय पेयजल एकत्र कर सकते हैं.

उन्होंने कहा कि जब दर्शन के बाद स्टील की बोतल काउंटर पर वापस कर दी जाएगी तो 200 रुपये की जमा राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी. हर साल भगवान अयप्पा भक्तों के बीच वितरित किए जाने वाले औषधीय पेयजल को चुक्क(सूखे अदरक), रामचमऔर पाथिमुखम (सपनवुड) जैसे प्राकृतिक पदार्थों को उबालकर तैयार किया जाता है. ये स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा होता है. जिसके बाद सभी ने इस फैसले की हौसलाआफजाई की है. (सोर्स-भाषा)

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