मायावती का गरीबी हटाओ फॉर्मूला, हर हाथ को मिलेगा स्थायी काम

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/04/07 04:13

नई दिल्ली। यूपी के देवबंद में सपा-बसपा और आरएलडी महागठबंधन की पहली संयुक्त रैली का आयोजन हुआ। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस के गरीबी हटाओ फॉर्मूले के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने लोकसभा चुनावों से पहले गरीबी हटाओ को नया मंत्र दिया है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अगर दिल्ली में हमारी सरकार बनती है तो हम न तो 15 लाख और न ही साल के 72 हजार बल्कि गरीबी दूर करने के लिए स्थायी काम करेंगे। मायावती ने कहा  अगर केंद्र में हमें सरकार बनाने का मौका मिलता है तो हर महीने सरकारी व गैर-सरकारी क्षेत्रों में स्थायी रोजगार देने की व्यवस्था करेगी।

मायावती ने कहा कि हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन होता है। यदि केंद्र में हमें सरकार बनाने का मौका मिला तो अतिगरीब पिछड़ेपन को दूर करने के लिए स्थायी व्यवस्था करूंगी। उन्होंने कहा कि सरकारी और गैर सरकारी नौकरियों के जरिए हर हाथ को काम देकर गरीबी की समस्या को दूर करेंगे।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस के मुखिया ने देश के अति गरीब लोगों के मतों को लुभाने के लिए हर महीने 6 हजार रुपये देने की जो बात कही है, उससे गरीबी का कोई स्थायी हल निकलने वाला नहीं है। मायावती ने कहा कि पिछले चुनाव में बीजेपी ने देश की जनता को अच्छे दिन दिखाने के जो प्रलोभन भरे वादे किए थे, कांग्रेस सरकार की तरह ही खोखले साबित हुए हैं। मोदी का गरीबों को 15-20 लाख और सबका साथ सबका विकास भी जुमला बन कर रह गया है। 

वहीं बसपा सुप्रीमो ने इंदिरा गांधी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष की दादी इंदिरा गांधी ने भी गरीबी हटाने के लिए 20 सूत्रीय कार्यक्रम की घोषणा कर गरीबों से छलावा करने का काम किया था, लेकिन आज भी लोग गरीबी से जूझ रहे हैं।
 

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